Amit Shah Decision

घुसपैठ और जनसांख्यिकी में असामान्य बदलावों की जांच के लिए केंद्र सरकार ने बनाई उच्च स्तरीय समिति, गृह मंत्री अमित शाह ने बताया बड़ी चुनौती

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। Amit Shah Decision : भारत की आबादी में पिछले कुछ समय से देखने को मिल रहे अप्रत्याशित और असामान्य बदलावों की विस्तृत जांच के लिए केंद्र सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इस पूरे मामले की बारीकी से स्टडी करने के लिए एक उच्च स्तरीय विशेष समिति का आधिकारिक तौर पर गठन कर दिया है। इस नवनिर्मित समिति की कमान सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश, जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नावलेकर (सेवानिवृत्त) को सौंपी गई है, जिन्हें इस जांच दल का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। केंद्र सरकार के इस बड़े फैसले की जानकारी खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा करके दी। गृह मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि देश के भीतर होने वाली अवैध घुसपैठ और अन्य असाधारण कारणों से संपूर्ण भारत के अलग-अलग हिस्सों में आबादी का संतुलन बिगड़ रहा है, जिसका वैज्ञानिक और जमीनी स्तर पर आकलन करना बेहद जरूरी हो गया है।

समिति के मुख्य कार्य और उद्देश्य

केंद्र सरकार द्वारा गठित यह उच्च स्तरीय समिति मुख्य रूप से देश की सीमाओं के पार से होने वाले अवैध प्रवासन और अन्य अस्वाभाविक वजहों से भारत के विभिन्न राज्यों में आ रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों के मुख्य कारणों का पता लगाएगी। गृह मंत्री अमित शाह ने अपने बयान में इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह समिति न केवल आंकड़ों को जुटाएगी, बल्कि विभिन्न धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर आबादी में आ रहे उतार-चढ़ाव और उसके विशेष पैटर्न का भी गहन विश्लेषण करेगी। इस पूरी स्टडी के मुकम्मल होने के बाद समिति इस गंभीर समस्या के स्थाई और व्यावहारिक समाधान भी केंद्र सरकार के समक्ष पेश करेगी। उन्होंने आगे लिखा कि बाहरी घुसपैठ की वजह से जनसंख्या के अनुपात में आने वाला यह असंतुलन किसी भी संप्रभु राष्ट्र के वर्तमान हालातों और उसके सुरक्षित भविष्य के लिए एक बहुत ही गंभीर चुनौती बनकर उभरता है। इसी राष्ट्रीय संकट से निपटने के ठोस रास्ते खोजने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल पंद्रह अगस्त दो हजार पच्चीस को लाल किले की प्राचीर से इस विशेष समिति को बनाने की घोषणा देश के सामने की थी।

समिति के प्रमुख सदस्य

इस बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने समिति के भीतर देश के कई दिग्गज प्रशासनिक, सांख्यिकी और सुरक्षा विशेषज्ञों को शामिल किया है ताकि जांच पूरी तरह से निष्पक्ष और सटीक हो सके। इस उच्च स्तरीय समिति के मुख्य सदस्यों में भारत के वर्तमान जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण को रखा गया है, जिनका अनुभव आबादी के आंकड़ों को समझने में बेहद काम आएगा। उनके साथ ही भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ पूर्व अधिकारी, दुर्गा शंकर मिश्रा (सेवानिवृत्त आईएएस) व देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को करीब से जानने वाले पूर्व पुलिस अधिकारी, बालाजी श्रीवास्तव (सेवानिवृत्त आईपीएस) को भी इस विशेष दल में जगह दी गई है। इनके अलावा विख्यात अर्थशास्त्री और नीति विशेषज्ञ डॉ. शमिका रवि को भी समिति का अहम हिस्सा बनाया गया है। पूरे कामकाज को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (विदेशी प्रभाग-प्रथम) को इस पूरी समिति का सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है, जो गृह मंत्रालय और समिति के बीच मुख्य कड़ी के रूप में कार्य करेंगे।

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