Nepal Border Violence

नेपाल में हिंसा के बाद हालात बेकाबू : सीमावर्ती जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू, भारत-नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

अंतर्राष्ट्रीय नेपाल

एजेंसी, काठमांडू। Nepal Border Violence Curfew : नेपाल के दक्षिणी मैदानी इलाकों में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद स्थिति बेहद नाजुक और तनावपूर्ण बनी हुई है। भारत के बिहार राज्य से सटे सुनसरी और सिराहा जिलों में भड़की हिंसक झड़पों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में अचानक बढ़े इस तनाव को देखते हुए भारतीय सुरक्षा बलों और सीमा सुरक्षा एजेंसियों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई में एक स्थानीय युवक की जान चले जाने से पूरा क्षेत्र सैन्य छावनी में तब्दील हो गया है।

डीजे संगीत के विवाद से भड़की हिंसक झड़प में एक युवक की मौत

तनाव की मुख्य शुरुआत 26 जुलाई को सुनसरी जिले के देवांगगंज क्षेत्र स्थित कप्तानगंज चौक पर हुई। सावन के महीने में कोशी बराज से पवित्र जल लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं के समूह द्वारा बजाए जा रहे तेज आवाज के संगीत को लेकर दूसरे पक्ष के लोगों ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच शुरू हुई बहस हाथापाई में बदल गई और कुछ ही समय में दोनों ओर से लाठी-डंडों तथा लोहे की छड़ों से लैस भीड़ आमने-सामने आ गई। स्थिति को बेकाबू होते देख उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा, जिसकी चपेट में आने से ओम प्रकाश मेहता नामक व्यक्ति की मौत हो गई।

सिराहा और सुनसरी जिलों के मुख्य मार्गों पर लगा सख्त कर्फ्यू

हिंसा की आग आसपास के अन्य जिलों में न फैले, इसके लिए सिराहा जिला प्रशासन ने गुरुवार दोपहर से कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनिश्चितकालीन प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। यह प्रतिबंध पूर्व-पश्चिम राजमार्ग के कसाहा खोला से लेकर चोहरवा चौक तक तथा उससे जुड़े सभी उत्तर-दक्षिण चौराहों पर पूरी तरह प्रभावी है। इसके अतिरिक्त सुनसरी जिले के इनरुवा, दुहाबी, भोक्राहा और देवानगंज जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में भी कर्फ्यू का दायरा बढ़ा दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आवाजाही के नियमों का उल्लंघन करने वाले उपद्रवियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बुलाई राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपात बैठक

देश के सीमावर्ती क्षेत्र में अचानक उपजे इस बड़े सुरक्षा संकट पर प्रधानमंत्री बालेन शाह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की एक अति-महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में देश की आंतरिक सुरक्षा, सामाजिक सद्भाव और सीमा सुरक्षा के तमाम पहलुओं की समीक्षा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि देश की राष्ट्रीय एकता और सामाजिक ताने-बाने को बनाए रखने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासनिक निकायों को आपसी समन्वय से काम करना होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

संयुक्त प्रयासों से स्थिति नियंत्रण में, सीमा पर चौकसी बढ़ाई गई

स्थानीय पुलिस प्रशासन का दावा है कि राजनीतिक दलों, समाज के गणमान्य नागरिकों और सुरक्षा बलों के साझा प्रयासों के चलते प्रभावित इलाकों में हालात धीरे-धीरे सामान्य होने की दिशा में बढ़ रहे हैं। हालांकि, किसी भी अप्रिय घटना या नई हिंसा की आशंका को पूरी तरह खारिज करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा रखा गया है। चूंकि यह पूरा क्षेत्र भारत-नेपाल सीमा के बेहद करीब स्थित है, इसलिए दोनों देशों की सीमा पर तैनात चौकसी तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है ताकि सीमा पार से होने वाली किसी भी अवांछित गतिविधि को रोका जा सके।

इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :

प्रश्न 1: नेपाल के किन दो सीमावर्ती जिलों में सांप्रदायिक हिंसा के बाद अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाया गया है?

उत्तर: नेपाल के सुनसरी और सिराहा जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू किया गया है।

प्रश्न 2: नेपाल में इस ताजा विवाद की मुख्य वजह क्या थी?

उत्तर: सावन माह में धार्मिक यात्रा के दौरान तेज आवाज में डीजे संगीत बजाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ था।

प्रश्न 3: नेपाल की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक की अध्यक्षता किसने की?

उत्तर: इस उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने की।

प्रश्न 4: हिंसा की घटनाओं के बाद भारत-नेपाल सीमा पर क्या कदम उठाए गए हैं?

उत्तर: सीमा पार अवांछित गतिविधियों को रोकने के लिए भारतीय सुरक्षा बलों और सीमा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

प्रश्न 5: झड़प के दौरान पुलिस बल प्रयोग में किस स्थानीय व्यक्ति की मृत्यु हुई थी?

उत्तर: उपद्रव को नियंत्रित करने के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई में ओम प्रकाश मेहता नामक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी।

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