एजेंसी, बुरहानपुर। Burhanpur Banana Farmers Aid : मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में प्राकृतिक आपदा की मार झेल चुके केला उत्पादक किसानों के लिए गुरुवार का दिन एक बड़ी राहत लेकर आया। राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक क्लिक के माध्यम से जिले के 8,115 प्रभावित किसानों के बैंक खातों में 107.72 करोड़ रुपये की राहत राशि सीधे अंतरित कर दी। बुरहानपुर के इतिहास में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए एक साथ इतनी बड़ी आर्थिक सहायता देने का यह पहला अवसर है। राशि खातों में पहुंचते ही किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई और उन्होंने इस त्वरित सहायता के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
राज्य सरकार हर परिस्थिति, संकट में सदैव अन्नदाताओं के साथ है…
आज बुरहानपुर में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ से वर्चुअली जुड़कर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 8 हजार से अधिक केला उत्पादक किसानों के खातों में ₹107.72 करोड़ की राहत राशि का अंतरण किया। मई-जून में मौसम की मार ने केले… pic.twitter.com/wTiM3wSyGO
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 30, 2026
भीषण आंधी-तूफान से तबाह हुई 8,963 हेक्टेयर फसल का हुआ मुआवजा भुगतान
प्राप्त विवरण के अनुसार, मई माह के अंत और जून की शुरुआत में आए तेज आंधी-तूफान तथा बेमौसम बारिश के कारण बुरहानपुर जिले में भीषण तबाही हुई थी। इस प्राकृतिक आपदा के चलते क्षेत्र के लगभग 8,963 हेक्टेयर रकबे में खड़ी केले की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई थी। जिला प्रशासन द्वारा विस्तृत सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार कर राज्य शासन को भेजी गई थी। सर्वे प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा सीधे डिजिटल माध्यम से यह विशाल धनराशि वितरित की गई, जिससे वर्षों से नुकसान का सामना कर रहे कृषि परिवारों को नए सिरे से खेती शुरू करने में मदद मिलेगी।
जनप्रतिनिधियों के निरंतर प्रयासों से आसान हुई मुआवजा वितरण की राह
इस विशाल राहत राशि के शीघ्र आवंटन के पीछे क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका मानी जा रही है। खंडवा संसदीय क्षेत्र के सांसद ज्ञानेश्वर पाटील और नेपानगर क्षेत्र की विधायक मंजू राजेंद्र दादू ने लगातार मुख्यमंत्री और कृषि विभाग से संपर्क बनाकर प्रभावित किसानों का पक्ष रखा था। प्रशासन की सर्वे रिपोर्ट आने के बाद भी दोनों जनप्रतिनिधियों ने शासन स्तर पर मामले की निरंतर पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप इतनी बड़ी आर्थिक मदद समय पर जारी होना संभव हो सका। स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी इसे क्षेत्रीय कृषि अर्थव्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ करार दिया है।
कृषि नवाचारों और आधुनिक तकनीक का केंद्र बना बलराम कृषि महोत्सव
राहत राशि वितरण के साथ-साथ आयोजित हुए बलराम कृषि महोत्सव का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक और वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करना रहा। इस आयोजन में उपस्थित कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत बीज, जैविक खेती, फसल सुरक्षा और पोषण प्रबंधन से संबंधित तकनीकी जानकारियां प्रदान कीं। विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों के जरिए कृषि नवाचारों का प्रदर्शन किया गया, जिससे किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाव और अपनी उपज बढ़ाने के नए तौर-तरीके सीखने का अवसर मिला।
मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों ने दोहराया किसान कल्याण का संकल्प
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और संकट के समय हर संभव सहायता पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों से परंपरागत तरीकों के साथ-साथ जैविक और वैज्ञानिक कृषि अपनाने का आह्वान किया। वहीं क्षेत्रीय सांसद और विधायक ने इस ऐतिहासिक कदम के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आर्थिक सहायता आपदा से टूटे किसानों के जीवन में नई उम्मीद और नई ऊर्जा का संचार करेगी।
इस पूरे मामले और मुख्य बिंदुओं को समझने के लिए नीचे दिए गए प्रमुख प्रश्नों और उनके उत्तरों को पढ़ें :
प्रश्न 1: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किस जिले के आपदा पीड़ित केला उत्पादक किसानों के लिए 107.72 करोड़ रुपये की राशि जारी की?
उत्तर: उन्होंने मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के किसानों के लिए यह राहत राशि सीधे डिजिटल माध्यम से स्थानांतरित की।
प्रश्न 2: बुरहानपुर के कितने केला उत्पादक किसानों को इस आर्थिक सहायता का सीधा लाभ मिला है?
उत्तर: जिले के कुल 8,115 प्रभावित किसानों को इस योजना के तहत सीधा लाभ प्राप्त हुआ है।
प्रश्न 3: यह मुआवजा राशि बुरहानपुर में कितने हेक्टेयर क्षेत्र में नष्ट हुई फसल की भरपाई के लिए दी गई है?
उत्तर: मई और जून माह में आई आंधी-तूफान से तबाह हुई 8,963 हेक्टेयर रकबे की फसल के नुकसान के लिए यह सहायता दी गई।
प्रश्न 4: किस सार्वजनिक आयोजन के मंच से मुख्यमंत्री ने एक क्लिक के माध्यम से यह राशि अंतरित की?
उत्तर: उन्होंने राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर यह विशाल धनराशि सीधे खातों में जमा कराई।
प्रश्न 5: बलराम कृषि महोत्सव का मुख्य ध्येय और केंद्र बिंदु क्या था?
उत्तर: इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, जैविक खेती और नवीन वैज्ञानिक नवाचारों के प्रति जागरूक करना था।
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