एजेंसी, पन्ना। Panna 8 Vultures Dead : मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग को गहरी चिंता में डालने वाली एक बहुत ही दुखद खबर सामने आई है। गिद्धों के संरक्षण और उनकी बढ़ती आबादी के लिए पूरे देश में एक अलग पहचान स्थापित कर चुके पन्ना क्षेत्र में अचानक एक साथ 8 दुर्लभ प्रजाति के गिद्धों की रहस्यमय तरीके से मौत हो गई है। इस बड़ी घटना ने पूरे प्रशासनिक अमले और पर्यावरणविदों को झकझोर कर रख दिया है। मृत गिद्धों के साथ ही घटनास्थल पर 1 सियार का भी शव बरामद किया गया है, जिसके बाद से पूरे इलाके में भारी सनसनी फैल गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल प्रभाव से इस पूरी घटना की विस्तृत जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पहाड़ीखेरा गांव के खेत में मिला शवों का ढेर
यह पूरा दर्दनाक वाकया पन्ना उत्तर वन मंडल के वन परिक्षेत्र से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर बसे पहाड़ीखेरा गांव में घटित हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, गांव के ही रहने वाले एक स्थानीय किसान राम स्नेही प्रजापति के खेत में इन मृत वन्यजीवों के शव पड़े हुए थे। जब ग्रामीणों की नजर इस दुखद दृश्य पर पड़ी, तो उन्होंने बिना कोई देरी किए तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को इस घटना की सूचना दी। खबर मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और उनका पूरा दल आनन फानन में मौके पर पहुंच गया। दल ने सबसे पहले पूरे घटनास्थल को चारों तरफ से सुरक्षित किया ताकि कोई अन्य जानवर वहां न पहुंच सके और फिर मामले से जुड़े जरूरी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।
जहरीले मांस के सेवन से मौत की प्रबल आशंका
मौके पर पहुंचे विशेषज्ञों और वन विभाग के अधिकारियों द्वारा जो शुरुआती जांच की गई है, उसके अनुसार यह जहरीले पदार्थ के सेवन का मामला प्रतीत हो रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि करीब 1 सप्ताह पहले उस सियार ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया होगा, जिससे उसकी मौत हो गई। चूंकि सियार का शव घनी झाड़ियों के बीच छिपा हुआ था, इसलिए वह किसी इंसान की नजर में नहीं आ सका। कुछ दिनों बाद भोजन की तलाश में भटकता हुआ दुर्लभ गिद्धों का 1 झुंड वहां आ पहुंचा और उन्होंने उस मरे हुए सियार का जहरीला मांस खा लिया। इस जहरीले मांस के जानलेवा असर से एक एक करके सभी 8 गिद्धों ने भी वहीं खेत में दम तोड़ दिया। हालांकि, असली कारणों का पता लगाने के लिए आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
सागर और जबलपुर की प्रयोगशालाओं में भेजे गए जांच नमूने
इस बड़ी और गंभीर घटना की सूचना मिलते ही जिला वन अधिकारी धीरेंद्र प्रताप सिंह और रेंजर राहुल शाक्यवार अपनी पूरी टीम के साथ घटनास्थल पर पूरी तरह से मुस्तैद नजर आए। वन विभाग के कर्मचारियों ने बहुत ही सावधानी के साथ मृत सियार और सभी 8 गिद्धों के शवों से विसरा के नमूने सुरक्षित निकाल लिए हैं। मौत के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए इन महत्वपूर्ण नमूनों को सागर और जबलपुर स्थित उच्च स्तरीय प्रयोगशालाओं में परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। इसके अलावा, वन विभाग की कई अलग अलग टीमें आसपास के पूरे इलाके की बहुत ही बारीकी से तलाशी ले रही हैं, ताकि यह पक्का किया जा सके कि कहीं कोई और बेजुबान वन्यजीव इस जानलेवा घटना का शिकार तो नहीं हुआ है।
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