Trump 1000 missile warning

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को 1000 मिसाइल दागने की बड़ी चेतावनी, तेहरान में रहस्यमय धमाकों से मचा हड़कंप

अंतर्राष्ट्रीय अमेरिका ईरान

एजेंसी, वाशिंगटन। Trump 1000 missile warning : पश्चिम एशिया के अशांत क्षेत्र में जारी भीषण सैन्य तनाव के बीच संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के कूटनीतिक संबंध एक बार फिर विनाशकारी युद्ध की कगार पर पहुंच गए हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या का सरेआम आह्वान किए जाने के बाद दोनों देशों में तल्खी चरम पर है। इस कथित साजिश के इनपुट इजराइल की खुफिया एजेंसी से मिलने के बाद भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद कठोर और विनाशकारी लहजे में अंतिम चेतावनी दी है। ट्रंप के इस आक्रामक बयान ने क्षेत्र में जारी उस नाजुक अंतरिम संघर्ष विराम समझौते को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है, जो हालिया सैन्य हमलों के कारण पहले ही दम तोड़ रहा था।

अमेरिकी राष्ट्रपति का कड़ा रुख और 1000 मिसाइलों को दागने की खुली ललकार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सामाजिक नेटवर्क मंच ट्रुथ सोशल पर ईरान को सीधे तौर पर चुनौती देते हुए एक बेहद कड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में लिखा कि अमेरिकी सेना की 1000 मिसाइलें इस समय पूरी तरह से तैयार स्थिति में हैं और उनका सीधा रुख ईरान की सीमा की तरफ है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि तेहरान सरकार ने अमेरिका के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिमाकत करने या उनकी हत्या की साजिश को अंजाम देने का प्रयास किया, तो इसके तुरंत बाद हजारों और मिसाइलें ईरान पर बरसाई जाएंगी। उन्होंने साफ किया कि अमेरिकी सैन्य बल ईरान के सभी रणनीतिक क्षेत्रों को पूरी तरह से नेस्तनाबूद और नष्ट करने की पूरी क्षमता रखते हैं और अब दोनों देशों के बीच हुआ अंतरिम युद्धविराम पूरी तरह से खत्म हो चुका है।

ट्रंप की महाचेतावनी के बीच ईरान की राजधानी तेहरान में गूंजे भयानक विस्फोट

अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा दी गई इस महाचेतावनी के कुछ ही समय बाद ईरान की राजधानी तेहरान के पूर्वी हिस्से में एक के बाद एक कई जोरदार बम धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी हड़कंप मच गया। पाकदाश्त और कियामदाश्त नामक इलाकों के निवासियों ने इन शक्तिशाली विस्फोटों की पुष्टि की, जिसके बाद वैश्विक स्तर पर युद्ध शुरू होने की आशंकाएं गहरा गईं। हालांकि, इन धमाकों के बाद उत्पन्न हुई घबराहट को शांत करने के लिए ईरानी सरकारी मीडिया ने एक स्थानीय आधिकारिक बयान जारी किया। पाकदश्त के गवर्नर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए दावा किया कि तेहरान प्रांत के पूर्वी हिस्से में सुनाई दिया यह विस्फोट हालिया युद्ध से बचे हुए पुराने गोला-बारूद को एक सुनियोजित और नियंत्रित तरीके से नष्ट करने के अभियान के कारण हुआ था, जिससे आम नागरिकों को कोई तात्कालिक सुरक्षा खतरा नहीं था।

सर्वोच्च नेता की अंत्येष्टि और ईरान के भीतर छिड़ा आंतरिक सत्ता संघर्ष

इस पूरे कूटनीतिक और सैन्य विवाद की पृष्ठभूमि 28 फरवरी को हुए अमेरिकी और इजराइली हवाई हमलों से जुड़ी है, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद पूरे पश्चिम एशिया में भीषण संघर्ष छिड़ गया था। हाल ही में शुक्रवार को ईरान ने अपने मारे गए सर्वोच्च नेता के पार्थिव शरीर को उनके गृहनगर मशहद में पूरे सैन्य सम्मान के साथ दफनाया, जहां कट्टरपंथियों द्वारा ट्रंप से बदला लेने की कसमें खाई गईं। अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि खामेनेई की मृत्यु के बाद से ईरान के भीतर आंतरिक सत्ता पर कब्जा करने के लिए एक हिंसक जंग छिड़ गई है। अधिकारियों के मुताबिक, ईरानी कट्टरपंथियों का एक गुट जानबूझकर वाशिंगटन और तेहरान के बीच शांति वार्ता को विफल करने के लिए इन आक्रामक गतिविधियों को हवा दे रहा है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना वैश्विक विवाद का मुख्य केंद्र और अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन

इस नए भू-राजनीतिक विवाद का एक और मुख्य केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य का अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए जीवन रेखा माना जाता है। अमेरिका ने ईरान से सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करने की मांग की थी कि वह इस जलमार्ग को पूरी तरह खुला रखेगा और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले बंद करेगा, क्योंकि हाल ही में ईरान ने वहां से गुजर रहे 3 जहाजों को निशाना बनाया था। अमेरिका की इस मांग को सिरे से खारिज करते हुए संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद के बाहर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दावा किया कि इस जलडमरूमध्य पर पूरी तरह से तेहरान का संप्रभु अधिकार क्षेत्र है और वहां से गुजरने वाले सभी विदेशी व्यापारिक जहाजों को ईरान को नेविगेशन शुल्क यानी एक विशेष कर देना होगा, जो कि दशकों पुराने अंतरराष्ट्रीय नौवहन नियमों के बिल्कुल विपरीत है।

युद्ध के मुहाने पर खड़ा पश्चिम एशिया और भविष्य की अनिश्चितता

इस समय ईरान के भीतर कई रहस्यमय हवाई हमले लगातार जारी हैं, जिनकी जिम्मेदारी अभी तक किसी भी देश या संगठन ने नहीं ली है। अमेरिका द्वारा आधिकारिक रूप से बमबारी रोकने की घोषणा के बावजूद तेहरान के सैन्य ठिकानों पर हो रहे ये गुप्त हमले स्थिति को और अधिक जटिल बना रहे हैं। इस बेहद संवेदनशील और विस्फोटक स्थिति पर खाड़ी के अन्य अरब देशों ने भी फिलहाल पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। जहां एक तरफ राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि किसी भी दुस्साहस का जवाब ऐसे विनाशकारी हमले से दिया जाएगा जैसा दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा, वहीं दूसरी तरफ वे स्थायी शांति के लिए बातचीत के रास्ते खुले रखने की बात भी कह रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

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