एजेंसी, दिल्ली। FSSAI Swiggy Instamart notice : देश के भीतर खाद्य पदार्थों की शुद्धता और गुणवत्ता की निगरानी करने वाली सर्वोच्च संस्था भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने त्वरित आपूर्ति करने वाले डिजिटल मंच स्विगी इंस्टामार्ट के खिलाफ एक बहुत बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। इंटरनेट के माध्यम से घर बैठे राशन और खाने-पीने का सामान मंगाने वाले उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए नियामक ने यह कदम उठाया है। दरअसल, पिछले कुछ समय से आम उपभोक्ताओं द्वारा लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि इस डिजिटल मंच द्वारा सड़े-गले, दूषित और अपनी वैध उपभोग तिथि पार कर चुके खाद्य उत्पादों की धड़ल्ले से आपूर्ति की जा रही है। इन गंभीर शिकायतों का संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के कड़े प्रावधानों के अंतर्गत स्विगी इंस्टामार्ट को कुल 9 कानूनी नोटिस जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही नियामक ने कंपनी प्रबंधन से इन सभी मामलों पर एक विस्तृत स्पष्टीकरण और सुधारात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का कड़ा आदेश दिया है और यह चेतावनी भी दी है कि यदि समय रहते संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, तो कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
FSSAI has issued 9 notices to Swiggy Instamart following multiple consumer complaints alleging violations under the FSS Act 2006.
The FBO has been directed to submit a detailed explanation & compliance report failing which appropriate legal action will be initiated #FSSAINotice pic.twitter.com/wxejz38L7T
— FSSAI (@fssaiindia) July 11, 2026
शिशु आहार को लेकर सामने आई बेहद चौंकाने वाली और गंभीर लापरवाही
नियामक संस्था ने सामाजिक नेटवर्क मंच एक्स पर इस पूरी कार्रवाई का आधिकारिक ब्योरा साझा करते हुए उपभोक्ताओं से मिली शिकायतों की भयावहता को उजागर किया है। प्राधिकरण द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सबसे संवेदनशील और चिंताजनक मामला नवजात शिशुओं के पोषाहार उत्पाद से जुड़ा हुआ है। एक उपभोक्ता ने यह शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके द्वारा मंगाया गया शिशु आहार उत्पाद पूरी तरह से सड़ चुका था, दूषित था और बच्चों के स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद असुरक्षित स्थिति में पहुंचाया गया था। इस उत्पाद की हालत देखकर साफ पता चल रहा था कि इसे रखने और इसके रखरखाव में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की गई थी। इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि जब पीड़ित ग्राहक ने इस दूषित पैकेट को कंपनी को वापस कर दिया, तो कंपनी ने अपनी गलती सुधारने के बजाय कथित तौर पर उसी सड़े हुए पैकेट को दोबारा उसी ग्राहक के पते पर भेज दिया। इसके अलावा अन्य उपभोक्ताओं ने भी इस मंच के माध्यम से सड़े हुए अंडे, फटे और दूषित दूध तथा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके डिब्बालाचार खाद्य पदार्थों की आपूर्ति किए जाने की ढेरों शिकायतें दर्ज कराई हैं।
बिना वैध सरकारी अनुमति के ऐप पर व्यापार कर रहे थे फर्जी विक्रेता
नियामक संस्था द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि स्विगी इंस्टामार्ट के डिजिटल मंच पर खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों और विक्रेताओं को जोड़ने तथा उनके दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया में बहुत बड़े स्तर पर झोल चल रहा था। जांच के दौरान यह पाया गया कि ऐप पर पंजीकृत कई विक्रेताओं के खाद्य सुरक्षा लाइसेंस नंबर या तो पूरी तरह से फर्जी और अमान्य थे, या फिर वे अस्तित्व में ही नहीं थे। इतना ही नहीं, बहुत से खाद्य व्यवसायियों को उनके वास्तविक सरकारी पंजीकरण नाम से हटाकर ऐप पर किसी दूसरे ही भ्रामक नाम से सूचीबद्ध किया गया था ताकि वे तकनीकी खामियों का फायदा उठा सकें। उपभोक्ताओं ने जब इन विसंगतियों के खिलाफ कंपनी के सहायता केंद्र पर अपनी आवाज उठाई, तो मंच की ओर से कोई भी संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं दी गई और न ही उन दुकानदारों पर कोई रोक लगाई गई। अधिकांश मामलों में कंपनी ने खाद्य सुरक्षा से जुड़े इस बड़े खतरे को गंभीरता से लेने के बजाय ग्राहकों को महज कुछ पैसे वापस करने का लालच देकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
कानूनी नोटिस मिलने के बाद स्विगी इंस्टामार्ट प्रबंधन ने दी आधिकारिक सफाई
इस पूरे कानूनी विवाद और सरकारी नोटिस के सार्वजनिक होने के बाद स्विगी इंस्टामार्ट के आधिकारिक प्रवक्ता ने कंपनी का पक्ष रखते हुए एक बयान जारी किया है। प्रवक्ता ने कहा कि उनकी कंपनी उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोपरि मानती है और सरकारी नियामक द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं तथा शिकायतों की अपने स्तर पर बहुत बारीकी से आंतरिक समीक्षा कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि इस पूरी तकनीकी और व्यावहारिक समस्या का जल्द से जल्द और उचित समाधान खोजने के लिए कंपनी की एक विशेष टीम लगातार संबंधित सरकारी अधिकारियों और खाद्य सुरक्षा निरीक्षकों के साथ संपर्क बनाए हुए है। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि वे अपनी प्रणाली में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं, हालांकि नियामक संस्था इस बार कंपनी को किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नजर नहीं आ रही है।
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए नियामक संस्था ने अपनाया बेहद सख्त रुख
हालिया दिनों में देश के भीतर आम नागरिकों के स्वास्थ्य और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वाली कंपनियों के खिलाफ नियामक संस्था ने अपने रुख को बेहद आक्रामक और सख्त कर लिया है। यह ताजा कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अब बड़ी डिजिटल कंपनियां तकनीकी आड़ में अपनी जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकती हैं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि ये सभी नोटिस आम जनता द्वारा सामाजिक माध्यमों और आधिकारिक शिकायत पोर्टलों पर दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए जारी किए गए हैं। इस कार्रवाई से पहले भी नियामक ने भ्रामक प्रचार करने वाली कई ऊर्जा पेय निर्माता कंपनियों, नशीले पेय बनाने वाले उद्योगों और अन्य त्वरित आपूर्ति करने वाले मोबाइल ऐप्स को भी इसी तरह के कड़े नोटिस जारी कर अंतिम चेतावनी दी थी, जिससे यह साफ है कि आने वाले समय में खाद्य सुरक्षा के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सरकारी चाबुक और तेजी से चलेगा।
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