किसानों की तरक्की से ही देश-प्रदेश में आयेगी समृद्धि- मुख्यमंत्री डॉ. यादव
एजेंसी, भोपाल/सिवनी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक जुलाई को सिवनी जिले में एक अलग ही रूप में नजर आए। उन्होंने खुद खेत में जाकर धान की बुआई की, हाथों से भोजन किया और वहां मौजूद किसानों से सीधे बातचीत की। उनकी इस सादगी ने स्थानीय लोगों का दिल जीत लिया। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले के विकास के लिए सरकारी खजाना खोल दिया। उन्होंने यहां आयोजित धान उत्सव में हिस्सा लिया, मोटे अनाज की खेती करने वाले किसानों को बोनस बांटा और क्षेत्र को कई नई परियोजनाओं का उपहार दिया। मुख्यमंत्री ने सिवनी में कुल 349.33 करोड़ रुपये की लागत वाले 586 विकास कार्यों का उद्घाटन किया और 144.8 करोड़ रुपये के नए कामों की आधारशिला रखी। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने विकास प्रदर्शनी को देखने और कन्या पूजन के साथ की। इसके अलावा, उन्होंने बालाघाट से सिवनी के बीच चार लेन की सड़क बनाने, चमारा विकासखंड में नया सरकारी कॉलेज और खेल स्टेडियम खोलने जैसी कई बड़ी घोषणाएं भी कीं।
मोटे अनाज की खेती करने वालों को मिला बड़ा बोनस
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से मध्य प्रदेश की धान की फसल को विशेष पहचान यानी जीआई टैग मिला है। सरकार की प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य के 3941 किसानों को कोदो-कुटकी की खेती के लिए 1000 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कुल 282.99 करोड़ रुपये की बोनस राशि बांटी गई है। राज्य सरकार अब न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा अलग से बोनस भी दे रही है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार सरकारी स्तर पर कोदो-कुटकी खरीदने की शुरुआत की गई है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने संबल योजना के तहत राज्य के 16,754 श्रमिक परिवारों के खातों में एक बटन दबाकर 365 करोड़ रुपये की सहायता राशि भी भेजी।
जरूरतमंदों के कल्याण के लिए काम कर रही सरकार
डॉ. मोहन यादव ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले कभी गरीबों और जरूरतमंदों के लिए ऐसी योजनाएं नहीं बनाई गईं। संबल योजना के तहत किसी दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिक के परिवार को 4 लाख रुपये, सामान्य मौत पर 2 लाख रुपये और दिव्यांग होने पर 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। इसके अलावा मजदूर परिवारों को आयुष्मान योजना के जरिए 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा भी मिल रही है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री आवास योजना से छूटे हुए सभी पात्र लोगों को पक्का मकान देने के लिए नया सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले ज्वार, बाजरा, मक्का और कोदो-कुटकी को गरीबों का भोजन माना जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इसे ‘श्रीअन्न’ का नाम देकर पूरी दुनिया में इसका सम्मान बढ़ाया है। कम बारिश की आशंका को देखते हुए उन्होंने किसानों को मोटे अनाज की खेती के लिए तैयार रहने की सलाह दी।
किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए ठोस कदम
मुख्यमंत्री ने बताया कि कोदो-कुटकी की बेहतर पैकेजिंग और बाजार में अच्छी बिक्री के लिए लगातार काम किया जा रहा है। राज्य के डिंडोरी क्षेत्र की कुछ खास फसलों को विशेष पहचान मिल चुकी है। सरकार इस पूरे साल को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है और अन्नदाताओं को हर संभव मदद दे रही है। सोयाबीन किसानों के बाद अब धान की खेती करने वाले किसानों के लिए भी विशेष योजना लागू की जाएगी, जिसके तहत सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार भाव के अंतर की रकम सीधे किसानों को देगी। सरकार का लक्ष्य फसल की बुआई से लेकर बाजार में उसकी बिक्री तक किसानों को पूरा मुनाफा दिलाना है।
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