एजेंसी, तोक्यो। Japan Earthquake : जापान के उत्तरी तटीय क्षेत्र में बृहस्पतिवार की अल सुबह भूकंप के बेहद शक्तिशाली और तेज झटके महसूस किए गए, जिसने आधुनिक सुरक्षा प्रणालियों से लैस इस देश को एक बार फिर से हिलाकर रख दिया। रिक्टर स्केल पर इस भीषण भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता बेहद खतरनाक 7.2 मापी गई है। भूकंप का यह तगड़ा झटका उस समय आया जब देश के कामकाजी लोग और आम नागरिक अपने घरों से कार्यालय, स्कूल और अन्य दैनिक कार्यों के लिए निकलने की तैयारी कर रहे थे। सुबह के इस बेहद व्यस्त समय यानी रश आवर में जमीन के अचानक तेजी से डोलने के कारण लोगों के बीच कुछ समय के लिए भारी अफरा-तफरी, डर और घबराहट का माहौल बन गया। लोग सुरक्षा के लिए अपने घरों और इमारतों से निकलकर खुले स्थानों की तरफ भागते हुए नजर आए। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इतनी अधिक तीव्रता होने के बावजूद देश की मौसम विज्ञान एजेंसी द्वारा तटीय इलाकों के लिए सुनामी की कोई भी चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जिससे एक बहुत बड़ा वैश्विक संकट और तबाही होने से बच गई।
EQ of M: 7.0, On: 25/06/2026 04:00:15 IST, Lat: 40.096 N, Long: 142.366 E, Depth: 64 Km, Location: North Pacific Ocean.
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जमीन से 50 किलोमीटर की गहराई में था भूकंप का मुख्य केंद्र
जापान के मौसम वैज्ञानिकों द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस बेहद शक्तिशाली भूकंप का मुख्य केंद्र उत्तरी जापान के तटीय क्षेत्र में जमीन की सतह से लगभग 50 किलोमीटर यानी करीब 30 मील की गहराई में स्थित था। भूकंप की गहराई अधिक होने के कारण ही तटीय इलाकों में इसका असर तो बहुत तेज था, लेकिन समुद्र की लहरों में कोई खतरनाक हलचल पैदा नहीं हुई। इस तेज भूकंप का असर न केवल उत्तरी जापान के विभिन्न शहरों और प्रांतों में व्यापक रूप से देखा गया, बल्कि देश की आधुनिक राजधानी तोक्यो तक भी इसकी धमक साफ महसूस की गई। तोक्यो की गगनचुंबी इमारतें और आवासीय परिसर भी कुछ सेकंड तक हल्के ढंग से हिलते रहे, जिससे वहां की बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों के बीच डर का माहौल बन गया। हालांकि, राजधानी में किसी भी तरह की अव्यवस्था या नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने तीव्रता के आंकड़ों में किया बड़ा संशोधन
इस प्राकृतिक आपदा के तुरंत बाद शुरुआती रिपोर्टों में भूकंप की तीव्रता को 6.9 बताया गया था, लेकिन कुछ ही समय बाद आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी यानी जेएमए ने इसमें बड़ा संशोधन किया। जापानी एजेंसी ने इसे आधिकारिक रूप से अपग्रेड करते हुए 7.2 की खतरनाक श्रेणी में डाल दिया। दूसरी तरफ, वैश्विक स्तर पर भूकंपों पर नजर रखने वाली संस्था अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण यानी यूएसजीएस ने अपने स्वतंत्र वैज्ञानिक आकलन में इस भूकंप की तीव्रता को फिलहाल 6.9 ही दर्ज किया है। दोनों एजेंसियों के आंकड़ों में थोड़ा अंतर होने के बावजूद इस बात पर पूरी सहमति है कि भूकंप का यह झटका बेहद व्यापक और शक्तिशाली था, जिसने जापान के एक बहुत बड़े भौगोलिक हिस्से को प्रभावित किया है।
जान-माल का बड़ा नुकसान नहीं परंतु सरकार ने जारी किया हाई अलर्ट
भूकंप की इस आपातकालीन स्थिति पर जापान सरकार पूरी तरह से नजर बनाए हुए है। सरकार के मुख्य प्रवक्ता मिनोरू किहारा ने मीडिया को स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि इस तेज झटके की वजह से अभी तक देश के किसी भी हिस्से से किसी नागरिक के हताहत होने या संपत्ति को कोई बहुत बड़ा या गंभीर नुकसान पहुँचने की कोई अप्रिय सूचना नहीं मिली है। लेकिन इसके बावजूद प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। देश के प्रधानमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर उत्तरी तटीय इलाकों के निवासियों से बेहद सतर्क, सावधान और जागरूक रहने की विशेष अपील की है। सरकार ने सचेत किया है कि मुख्य भूकंप के आने के बाद के कुछ घंटों या दिनों में अक्सर आने वाले संभावित झटकों यानी आफ्टरशॉक्स का खतरा अभी पूरी तरह से टला नहीं है। आपातकालीन सुरक्षा दलों और राहत कर्मियों को प्रभावित इलाकों में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है।
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