US President Donald Trump

इस्लामाबाद वार्ता विफल : ट्रंप ने ईरा न को दी ‘सब खत्म’ करने की खुली धमकी, जेडी वेंस बोले- परमाणु समझौते पर नहीं बनी बात

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एजेंसी, नई दिल्ली। अमेरिका ईरान विवाद : अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से की गई उच्चस्तरीय चर्चा बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई है। लगभग 21 घंटों तक चली इस लंबी मैराथन बैठक के बाद भी दोनों देश किसी साझा समझौते पर नहीं पहुंच सके। बातचीत के टूटने के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि अब जो कुछ भी ईरान के पास बचा है, अमेरिका उसे पूरी तरह खत्म कर देगा।

अविश्वास के कारण नहीं बनी सहमति

इस वार्ता को साल 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच सबसे बड़ी कूटनीतिक कोशिश माना जा रहा था। इस्लामाबाद में हुई इस बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी हिस्सा लिया। बैठक के बाद उन्होंने मीडिया को जानकारी दी कि अमेरिका ने ईरान के सामने अपना सबसे बेहतर और आखिरी प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने मानने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की शर्तों को अनुचित और बहुत ज्यादा बताया है। ईरान का कहना है कि वह अमेरिका द्वारा पूर्व में किए गए वादाखिलाफी के अनुभवों को नहीं भूला है।

इन तीन मुख्य मुद्दों पर फंसा पेंच

बातचीत के विफल होने के पीछे तीन प्रमुख कारण सामने आए हैं। पहला मुद्दा होर्मुज जलडमरूमध्य का है, जहां से दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान इस पर अपना पूरा हक चाहता है, जबकि अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय रास्ता बनाए रखना चाहता है। दूसरा बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की सोच हमेशा के लिए छोड़ दे और अपना सारा यूरेनियम भंडार उसे सौंप दे। तीसरा मुद्दा ईरान की मिसाइल शक्ति और पड़ोसी देशों में उसके बढ़ते प्रभाव को लेकर है, जिस पर पाबंदी लगाने की अमेरिका की शर्त को ईरान ने पूरी तरह ठुकरा दिया है।

मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान की ओर से की गई मेजबानी की जमकर तारीफ की। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने दोनों देशों के मतभेदों को दूर करने की पूरी कोशिश की, लेकिन आपसी अविश्वास के कारण समझौता नहीं हो सका।

पश्चिम एशिया में बढ़ सकता है तनाव

वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद अब अंतरराष्ट्रीय जगत में चिंता की लहर है। कई देशों के नेताओं ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और अस्थायी युद्धविराम का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की ताजा धमकी और वार्ता की असफलता के बाद पश्चिम एशिया के देशों में युद्ध जैसी स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। फिलहाल दोनों देश अपने पुराने सख्त रुख पर वापस लौट गए हैं।

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