CM Mohan Yadav

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल कॉन्क्लेव में दिया विकास का मंत्र : मध्य प्रदेश को दो ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का नया विज़न

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। CM Mohan Yadav : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित एक उच्च स्तरीय आर्थिक शिखर सम्मेलन में राज्य के विकास और औद्योगिक प्रगति को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण रोडमैप देश के सामने रखा गया है। “विकसित मध्य प्रदेश” के मुख्य विषय पर आयोजित इस भव्य कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए सरकार के नए और दूरदर्शी दृष्टिकोण को साझा किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बहुत ही दृढ़ता के साथ कहा कि समय और परिस्थितियां तभी बदलती हैं, जब इंसान का संकल्प बड़ा और मजबूत होता है। उन्होंने इस बात पर विशेष प्रसन्नता और गर्व व्यक्त किया कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत इरादों और बेहतरीन नेतृत्व के कारण आज वैश्विक पटल पर भारत की साख बहुत मजबूत हुई है और दुनिया के कई शक्तिशाली देशों ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा है।

विकसित भारत के महासंकल्प में मध्य प्रदेश निभाएगा सबसे बड़ी भूमिका

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने साल दो हजार सैंतालीस तक भारत को पूरी तरह से विकसित राष्ट्र बनाने और देश की कुल अर्थव्यवस्था को तीस ट्रिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँचाने का एक बहुत बड़ा संकल्प लिया है। उन्होंने अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार का यह मुख्य और निरंतर प्रयास रहेगा कि देश के इस विशाल आर्थिक लक्ष्य में से अकेले मध्य प्रदेश का योगदान लगभग दो ट्रिलियन डॉलर का हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मध्य प्रदेश की गिनती पूरे देश के भीतर सबसे तीव्र गति से विकास करने वाले अग्रणी राज्यों में की जा रही है। सरकार “विरासत भी और विकास भी” के मुख्य सिद्धांत पर काम करते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को संजोने के साथ-साथ आधुनिक अधोसंरचना को भी मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाली वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर उनका स्मरण करते हुए उन्हें अपनी भावुक श्रद्धांजलि भी अर्पित की।

भोपाल के भव्य कार्यक्रम में देश भर के बड़े नीति निर्माता और उद्यमी हुए शामिल

इस विशेष कॉन्क्लेव का विधिवत शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस उच्च स्तरीय कार्यक्रम में राज्य के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री चैतन्य काश्यप और प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन विशेष रूप से अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने इस सम्मेलन में हिस्सा लेने आए देश-विदेश के बड़े उद्योगपतियों, निवेशकों और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों को राज्य में मौजूद अपार व्यापारिक संभावनाओं का पूरा लाभ उठाने के लिए खुला निमंत्रण दिया। उन्होंने बेहद आत्मीय भाव से कहा कि मध्य प्रदेश की यह सबसे अनूठी विशेषता रही है कि जो भी व्यक्ति एक बार इस पवित्र धरा पर कदम रखता है, वह हमेशा के लिए यहीं के रंग में रंग जाता है और यहीं का होकर रह जाता है। इस कार्यक्रम में बैंकिंग जगत के शीर्ष अधिकारियों और आर्थिक नीति निर्माताओं ने भी राज्य के विकास पर मंथन किया।

पारदर्शी नीतियां और विशाल भूमि बैंक निवेशकों को कर रहे हैं आकर्षित

राज्य की औद्योगिक खूबियों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान प्रदेश में विकास का कारवां बहुत तेजी से आगे बढ़ा है। मध्य प्रदेश के पास नए उद्योगों और कारखानों की स्थापना के लिए एक बहुत ही विशाल और पर्याप्त भूमि बैंक यानी लैंड बैंक उपलब्ध है, जिससे उद्यमियों को जमीन आवंटन में कोई बाधा नहीं आती। इसके साथ ही राज्य सरकार ने लालफीताशाही को पूरी तरह खत्म करते हुए उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए बेहद पारदर्शी, सरल और उद्योग मित्र नीतियों को धरातल पर लागू किया है। उन्होंने बताया कि भारत के बिल्कुल मध्य में स्थित होने के कारण मध्य प्रदेश में आने वाले उद्योगों को देश के चारों कोनों में बेहतरीन कनेक्टिविटी और परिवहन व लॉजिस्टिक्स का एक बहुत ही विशेष और प्राकृतिक लाभ मिलता है। सरकार ने राज्य की चारों दिशाओं में सड़कों के जाल को मजबूत करने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित किया है।

दस लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में मिली सफलता

मुख्यमंत्री ने सरकार की सबसे बड़ी आर्थिक उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि केंद्रीय नेतृत्व के कुशल मार्गदर्शन में भोपाल की धरती पर पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का ऐतिहासिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न किया गया था, जिसमें राज्य को उम्मीद से कहीं बढ़कर अभूतपूर्व निवेश के प्रस्ताव और समझौते प्राप्त हुए थे। उन्होंने बेहद गर्व के साथ घोषणा की कि राज्य सरकार करीब दस लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश प्रस्तावों को कागजों से निकालकर पूरी तरह से धरातल पर उतारने में सफल रही है, जिससे राज्य में लाखों नए रोजगार पैदा हो रहे हैं। इस बड़ी सफलता के कारण मध्य प्रदेश की छवि अब एक पारंपरिक कृषि प्रधान राज्य के साथ-साथ एक बेहद आधुनिक और उद्योग मित्र राज्य के रूप में भी स्थापित हो चुकी है। सरकार ने साल दो हजार पच्चीस को पूरी तरह से उद्योग और रोजगार संवर्धन को समर्पित किया था।

अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए राज्य ने लॉन्च की नई स्पेस-टेक पॉलिसी

अपने संबोधन के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के युवा वैज्ञानिकों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं ने दुनिया की सबसे बड़ी और नामचीन बहुराष्ट्रीय कंपनियों में शीर्ष पदों पर पहुंचकर वैश्विक स्तर पर भारत का मान-सम्मान बहुत बढ़ाया है। विशेषकर अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारतीय वैज्ञानिकों ने पूरी दुनिया के सामने नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इसी वैज्ञानिक प्रगति की दिशा में कदम बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने भी अपनी नई और महत्वाकांक्षी स्पेस-टेक पॉलिसी को पूरी तरह से लॉन्च कर दिया है। उन्होंने कॉन्क्लेव में उपस्थित सभी लोगों को भरोसा दिलाया कि मध्य प्रदेश को देश का सर्वश्रेष्ठ और सबसे समृद्ध राज्य बनाने के लिए उनकी सरकार पूरी निष्ठा के साथ दिन-रात निरंतर प्रयास करती रहेगी।

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