एजेंसी, छिंदवाड़ा। MP Road Accident : मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा-बैतूल नेशनल हाईवे पर सोमवार की सुबह एक बहुत ही दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला सड़क हादसा हो गया। टेमनी खुर्द के पास यूरिया की बोरियों से भरे एक तेज रफ्तार ट्रक ने सड़क किनारे खड़ी मजदूरों से भरी पिकअप गाड़ी को पीछे से बेहद जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण और भयानक थी कि पिकअप वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार मजदूर हवा में उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे। इस हृदयविदारक हादसे में तीन महिलाओं समेत पांच मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बीस से अधिक मजदूर गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। हादसे के बाद नेशनल हाईवे पर चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ खून ही खून बिखर गया।
छिंदवाड़ा-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग पर टेमनी खुर्द के समीप हुई सड़क दुर्घटना अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिजनों के साथ हैं।
मृतकों के परिवारजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये एवं घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) June 22, 2026
सब्जी तोड़ने जा रहे थे मजदूर, यूरिया लदे ट्रक ने पीछे से मारी टक्कर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह बेहद दुखद घटना सोमवार सुबह करीब 10 बजे घटित हुई। पिकअप वाहन में सवार सभी मजदूर मछैरा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। हादसे में अपनी पत्नी सावित्री वनके को खोने वाले सुरेश सिंह ने रोते हुए बताया कि सभी मजदूर रोज की तरह सुबह करीब 9 बजे सब्जी तोड़ने के लिए कन्हरगांव जाने को निकले थे। पिकअप गाड़ी सड़क किनारे खड़ी होकर अन्य मजदूरों के आने का इंतजार कर रही थी, तभी पीछे से आ रहे यूरिया से भरे एक अनियंत्रित ट्रक ने पिकअप को जोरदार टक्कर मार दी। शुरुआती जांच में पुलिस प्रशासन तेज रफ्तार और लापरवाही को ही इस भयानक हादसे की मुख्य वजह मान रहा है।
स्थानीय लोगों ने दिखाई इंसानियत, अस्पताल में मची अफरा-तफरी
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने अदम्य इंसानियत का परिचय दिया। पुलिस और एम्बुलेंस के पहुंचने से पहले ही ग्रामीणों ने अपने निजी वाहनों की मदद से लहूलुहान घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाना शुरू कर दिया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम और 108 आपातकालीन सेवा की छह गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अस्पताल में एडीएम धीरेंद्र सिंह और चौकी प्रभारी मुकेश द्विवेदी समेत कई प्रशासनिक अधिकारी राहत कार्य की निगरानी के लिए तुरंत पहुंच गए। घायलों की भारी संख्या को देखते हुए जिला अस्पताल के 20 से 25 डॉक्टरों की विशेष टीम को तुरंत आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात किया गया।
सोलह मजदूर आईसीयू में भर्ती, एक गंभीर घायल नागपुर रेफर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में जान गंवाने वाले पांच लोगों में से अभी तक केवल सावित्री वनके (31 वर्ष) की ही शिनाख्त हो पाई है, जबकि बाकी चार शवों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अस्पताल लाए गए घायलों में से 16 मरीजों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) में शिफ्ट किया गया है। पांच मजदूरों की हड्डियां पूरी तरह टूट चुकी हैं, जबकि कई अन्य के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। तीन घायलों का ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में इलाज चल रहा है और एक बेहद गंभीर रूप से झुलसे और जख्मी मरीज को बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज नागपुर रेफर किया जा रहा है।
दो साल के मासूम के सिर से उठा पिता का साया, परिजनों का फूटा दर्द
इस खौफनाक हादसे ने कई हंसते-खेलते परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है। हादसे में मृत मजदूर बब्बू की बूढ़ी मां का जिला अस्पताल के शवगृह (मॉर्चुरी रूम) के बाहर रो-रोकर बुरा हाल था। मां ने रोते हुए बताया कि बब्बू का अभी मात्र दो साल का एक छोटा सा बेटा है, जो बोलना सीख रहा है। वह रोज शाम को अपने पिता के काम से लौटने पर ‘पापा-पापा’ चिल्लाते हुए उनसे लिपट जाता था। अब उस मासूम को कौन संभालेगा, यह सोचकर पूरे अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर ट्रक ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
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