एजेंसी, चेन्नई। Tamil Nadu Gas Leak : तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में पेरियापालयम के नजदीक स्थित एक निजी झींगा मछली प्रसंस्करण केंद्र में रविवार की दोपहर को एक बेहद दर्दनाक और बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ अचानक हुए अमोनिया गैस के भीषण रिसाव की चपेट में आने के कारण सात निर्दोष श्रमिकों की असमय मौत हो गई, जबकि साठ से भी अधिक अन्य कर्मचारी जहरीली हवा के प्रभाव से मौके पर ही बेहोश हो गए। स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वातावरण में फैली इस अत्यधिक विषैली गैस के सांस के माध्यम से शरीर के भीतर पहुंच जाने के कारण मजदूरों का दम घुटने लगा और वे एक-एक कर जमीन पर गिरने लगे। आनन-फानन में सभी प्रभावित लोगों को नजदीकी दो निजी चिकित्सालयों में उपचार के लिए भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद सात श्रमिकों ने दम तोड़ दिया। शुरुआती चिकित्सकीय जांच में यह बात सामने आई है कि मरने वाले सभी मजदूर उत्तर और पूर्वी भारत के विभिन्न राज्यों के रहने वाले थे और फेफड़ों में अत्यधिक मात्रा में जहरीली गैस भरने के कारण उनके फेफड़े पूरी तरह फूल गए थे, जो उनकी मौत की मुख्य वजह बना।
#WATCH | Tamil Nadu: An ammonia gas leak was reported today at the St. Peter’s Paul Seafoods Exports facility located in Kannigaipair near Periyapalayam in Tiruvallur district. National Disaster Response Force (NDRF) 4th Battalion headquarters in Arakkonam was immediately alerted… pic.twitter.com/ojoBZ9qyu3
— ANI (@ANI) June 21, 2026
सी-फूड एक्सपोर्ट कंपनी में अचानक फैला हड़कंप और चीख-पुकार
यह दिल दहला देने वाला हादसा सेंटी पीटर एंड पॉल सीफूड एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड नाम की एक नामी कंपनी के भीतर घटित हुआ। जैसे ही कारखाने के भीतर गैस पाइपलाइन से अमोनिया के रिसाव की भनक वहां काम कर रहे लोगों को लगी, पूरे परिसर में अचानक अफरा-तफरी और हड़कंप का माहौल पैदा हो गया। जहरीली हवा के संपर्क में आते ही बड़ी संख्या में श्रमिकों को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी और वे ऑक्सीजन की कमी के कारण तड़पने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्थिति इतनी भयावह थी कि कुछ मजदूरों के नाक और मुंह से खून की बूंदें तक बाहर आने लगी थीं, वहीं दूसरी ओर कई अन्य कर्मचारियों ने अपनी आँखों में असहज करने वाली तेज जलन और धुंधला दिखने की गंभीर शिकायत दर्ज कराई।
प्रभावित मजदूरों को बचाने के लिए अस्पतालों में मची अफरा-तफरी
घटना की भयावहता को देखते हुए आस-पास के सभी छोटे-बड़े चिकित्सा केंद्रों से तुरंत एम्बुलेंस गाड़ियों को घटना स्थल पर बुलाया गया। राहत दल ने तत्परता दिखाते हुए साठ से अधिक बेहोश और गंभीर रूप से बीमार श्रमिकों को तुरंत नजदीकी निजी अस्पतालों में स्थानांतरित किया। प्राप्त विवरण के मुताबिक, तिरुवल्लूर जिले के मंजंकरणई इलाके में स्थित वेल्स अस्पताल में कुल छियालीस श्रमिकों को आपातकालीन वार्ड में दाखिल कराया गया, जबकि इक्कीस अन्य प्रभावित लोगों को वेंकटेश्वर अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सालय पहुंचने के कुछ ही समय के भीतर वेल्स अस्पताल में छह श्रमिकों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जहाँ अब भी चालीस अन्य मरीजों का इलाज जारी है। इसके अलावा, वेंकटेश्वर अस्पताल में भर्ती कराए गए मरीजों में से एक और मजदूर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि वहां बीस अन्य श्रमिकों की हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
घायलों की हालत नाजुक और बचाव कार्य में जुटी एनडीआरएफ की टीमें
अस्पतालों में उपचाराधीन मरीजों में से कई की शारीरिक स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है, जिसके चलते उन्हें गहन चिकित्सा कक्ष यानी आईसीयू में जीवन रक्षक प्रणालियों पर रखा गया है। सात अत्यधिक प्रभावित महिला श्रमिकों की हालत बिगड़ने के कारण उन्हें बेहतर और उच्च स्तरीय चिकित्सकीय देखभाल के लिए चेन्नई के प्रसिद्ध सरकारी स्टेनली मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरित किया गया है, जहाँ एक महिला की स्थिति बेहद नाजुक होने की वजह से उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। दो अन्य गंभीर मरीजों को आगे के विशेष उपचार के लिए चेन्नई के ही राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल में भेजा गया है। कारखाने के भीतर राहत और बचाव कार्य को तेजी से पूरा करने तथा अन्य फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ की आपदा प्रबंधन टीमों को तुरंत मौके पर तैनात कर दिया गया है।
शासन की सख्त कार्रवाई और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश
इस भीषण औद्योगिक हादसे को बेहद गंभीरता से लेते हुए तमिलनाडु सरकार ने तुरंत कड़े कदम उठाए हैं। प्रशासन ने गैस रिसाव के वास्तविक कारणों की बारीक जांच करने के लिए राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल के प्रतिष्ठित डीन डॉक्टर शांताराम की अगुवाई में एक उच्च स्तरीय विशेष जांच समिति का गठन कर दिया है। इस समिति को पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर जल्द से जल्द अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित कंपनी के प्रबंधन के खिलाफ एक आपराधिक प्राथमिकी दर्ज कर ली है। कार्रवाई के तहत कंपनी के मुख्य मालिक को तुरंत गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जबकि संस्थान के कुछ अन्य बड़े अधिकारियों को भी गहन पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री ने प्रकट किया गहरा शोक
दुर्घटना की सूचना मिलते ही तिरुवल्लूर जिले के प्रशासनिक प्रभारी और तमिलनाडु सरकार के कैबिनेट मंत्री कुमार बिना कोई समय गंवाए दोनों निजी अस्पतालों में पहुंचे। उन्होंने वहां जाकर भर्ती घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों की टीम से उनके स्वास्थ्य सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस पूरे वाकये को एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वर्तमान में गैस रिसाव से प्रभावित कुल साठ महिलाओं और चार पुरुषों का डॉक्टरों की देखरेख में सर्वोत्तम इलाज किया जा रहा है। देश के इस हिस्से में हुए हादसे पर सूबे के मुख्यमंत्री विजय ने अपनी गहरी संवेदनाएं और दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि सभी प्रभावित और घायल नागरिकों को बिना किसी देरी के सबसे बेहतरीन और मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। मुख्यमंत्री कार्यालय से पूरे मामले और घायलों की स्वास्थ्य स्थिति की पल-पल की रिपोर्ट लगातार ली जा रही है।
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