एजेंसी, नई दिल्ली। NEET UG Re-Exam : देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली ‘राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा’ (नीट-यूजी 2026) की पुनर्परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी, निष्पक्ष और नकल विहीन बनाने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने अपनी कमर कस ली है। रविवार को होने वाली इस महापरीक्षा से ठीक एक दिन पहले शनिवार को एजेंसी ने देश के सभी निर्धारित केंद्रों पर एक व्यापक और सघन ‘मॉक ड्रिल’ (पूर्वाभ्यास) का आयोजन किया। इस राष्ट्रव्यापी कड़े अभ्यास का मुख्य उद्देश्य परीक्षा के दिन होने वाली सुरक्षा व्यवस्था, अभेद्य निगरानी प्रणाली और प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण की प्रणालियों को परखना था ताकि किसी भी स्तर पर कोई चूक न हो सके।
🩺 NEET (UG) 2026 – NTA is ready for tomorrow, 21 June.
After meticulous preparation, the National Testing Agency has put in place comprehensive arrangements for a fair, secure and candidate-friendly examination – across 5,440 centres in 551 cities in India and 14 centres…
— National Testing Agency (@NTA_Exams) June 20, 2026
देश के कोने-कोने में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार, केंद्रीय और प्रांतीय सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद
परीक्षा महानिदेशक और प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस बार सुरक्षा मानकों को ऐतिहासिक रूप से कड़ा किया गया है। स्थानीय पुलिस प्रशासन, संबंधित जिलाधिकारियों और विभिन्न केंद्रीय सुरक्षा जांच एजेंसियों के आपसी समन्वय से परीक्षा केंद्रों पर एक अभेद्य और बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। परीक्षा केंद्रों के भीतर अभ्यर्थियों के बायोमेट्रिक मिलान, प्रवेश द्वारों पर आधुनिक उपकरणों से गहन जांच और गोपनीय प्रश्नपत्रों को लॉकरों से परीक्षा कक्ष तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया की कड़ाई से निगरानी की जा रही है। किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या डिजिटल हस्तक्षेप को रोकने के लिए आधुनिकतम तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है।
परीक्षा केंद्रों के आवंटन में हुई मानवीय त्रुटियों को एनटीए ने त्वरित कार्रवाई कर सुधारा
प्रवेश पत्रों के वितरण के दौरान कुछ बेहद चौंकाने वाले मामले भी सामने आए, जिन्हें तकनीकी और मानवीय भूल माना जा रहा है। महाराष्ट्र के नागपुर शहर के रहने वाले एक मेधावी छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब को जारी किए गए प्रवेश पत्र (एडमिट कार्ड) में देश के भीतर केंद्र देने के स्थान पर सीधे संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के प्रमुख शहर अबू धाबी का परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया गया था। इसी प्रकार ओडिशा के भुवनेश्वर की एक अन्य छात्रा संजना संजीवनी को सुदूर राज्य उत्तराखंड के देहरादून में केंद्र दे दिया गया था। इन गंभीर विसंगतियों की शिकायत मिलते ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बिना समय गंवाए तत्काल प्रभाव से संज्ञान लिया और दोनों ही मामलों में त्वरित संशोधन करते हुए अभ्यर्थियों को उनके गृह क्षेत्र के निकटतम परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिए। एनटीए के शीर्ष महानिदेशक अभिषेक सिंह ने स्वयं इन दोनों सुधारों की आधिकारिक पुष्टि की है।
रविवार को बाइस लाख से अधिक परीक्षार्थी लिखेंगे भाग्य, हजारों केंद्रों पर विशाल प्रशासनिक अमला तैनात
रविवार, इक्कीस जून को आयोजित होने वाली इस विशाल पुनर्परीक्षा में संपूर्ण भारतवर्ष से बाईस लाख उनासी हजार से अधिक पंजीकृत छात्र-छात्राएं सम्मिलित होने जा रहे हैं। इस महाआयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए भारत के पांच सौ एकावन प्रमुख शहरों तथा विदेशों के चौदह चुनिंदा शहरों में पांच हजार से अधिक अत्याधुनिक परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं। संपूर्ण परीक्षा संचालन प्रणाली को सुव्यवस्थित रखने के लिए दो लाख से अधिक प्रशिक्षित शैक्षणिक और प्रशासनिक कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अतिरिक्त, पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता की पल-पल निगरानी रखने के लिए छह सौ चौहत्तर ‘सिटी कोऑर्डिनेटर’ (नगर समन्वयक) और छह हजार छह सौ उनहत्तर ‘ऑब्जर्वर’ (पर्यवेक्षक) सीधे परीक्षा केंद्रों पर तैनात रहकर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
दोपहर की पाली में पेन-एंड-पेपर पद्धति से होगी परीक्षा, दिव्यांग श्रेणी के अभ्यर्थियों को मिलेगा अतिरिक्त समय
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जारी आधिकारिक समय सारणी के अनुसार, यह परीक्षा दोपहर दो बजे से प्रारंभ होकर सायंकाल पांच बजकर पंद्रह मिनट तक पारंपरिक ‘पेन-एंड-पेपर’ (लिखित) मोड में आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में समय से पूर्व पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, मानवीय दृष्टिकोण और नियमों के अंतर्गत दिव्यांग तथा विशेष बेंचमार्क दिव्यांगता श्रेणी में आने वाले पात्र छात्र-छात्राओं को इस कठिन परीक्षा को लिखने के लिए नियमानुसार अतिरिक्त समय प्रदान किया जाएगा। विशेष श्रेणी के ये सभी अभ्यर्थी सायंकाल छह बजकर बीस मिनट तक अपनी परीक्षा दे सकेंगे, जिसके लिए केंद्रों पर विशेष कक्ष और सहायकों की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
पूर्व में हुए प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद लिया गया था दोबारा परीक्षा का फैसला
इस परीक्षा के फ्लैशबैक में जाएं तो ज्ञात होता है कि पूर्व में तीन मई दो हजार छब्बीस को देश भर में नीट-यूजी की मुख्य परीक्षा का आयोजन किया गया था। परंतु परीक्षा संपन्न होने के तुरंत बाद देश के कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक होने, परीक्षा से पूर्व ही कुछ रसूखदार अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र की प्रतियां उपलब्ध कराने और बड़े पैमाने पर धांधली के गंभीर आरोप सामने आए थे। देशव्यापी आक्रोश और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में व्यापक अनियमितताओं के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद, राष्ट्रीय हित और छात्रों के भविष्य को देखते हुए एनटीए ने बारह मई को पुरानी परीक्षा को पूर्णतः रद्द घोषित कर दिया था। इसके पश्चात केंद्र सरकार, सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों और शीर्ष जांच एजेंसियों की उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद पुनः निष्पक्ष परीक्षा आयोजित करने का यह बड़ा फैसला लिया गया। अब देश भर के लाखों योग्य और परिश्रमी अभ्यर्थियों तथा उनके अभिभावकों की निगाहें इस अत्यंत महत्वपूर्ण परीक्षा के सफल संपादन पर टिकी हुई हैं।
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