एजेंसी, पहाड़पुर। Odisha Projects : पूर्वी भारत के तटीय राज्य ओडिशा के चहुंमुखी विकास को एक नई और अभूतपूर्व गति देने के लिए देश की सर्वोच्च संवैधानिक प्रमुख राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक साझा मंच से राज्यवासियों को सैंतालीस हजार छह सौ करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न लोक-कल्याणकारी परियोजनाओं का उपहार दिया है। इस बड़ी सौगात के साथ ही दोनों शीर्ष नेताओं ने मयूरभंज जनपद के सुदूर क्षेत्र में स्थित पहाड़पुर गांव का दौरा किया, जो राष्ट्रपति के दिवंगत जीवनसाथी का पैतृक निवास स्थान है। वहाँ दोनों राजनेताओं ने प्राचीन और पारंपरिक जनजातीय धार्मिक स्थलों पर शीश नवाया और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
Honoured to be in Pahadpur village, Odisha with Rashtrapati Ji and that too on her birthday. This is her village and the work that she has done is truly inspiring.
Praying for her long and healthy life.@rashtrapatibhvn pic.twitter.com/bjOwJuwCa6
— Narendra Modi (@narendramodi) June 20, 2026
राष्ट्रपति के दिवंगत परिवार की स्मृति में बने शिक्षा केंद्र पहुंचे देश के प्रधान सेवक
सुरक्षा की अत्यंत चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दिवंगत पति श्याम चरण मुर्मू के पैतृक गांव पहाड़पुर पहुंचे। प्रधानमंत्री का यह दौरा बेहद गरिमामयी और सादगी से परिपूर्ण रहा। गांव की सीमा पर स्वयं राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री का आत्मीय स्वागत किया, जिसके बाद समस्त ग्रामीण और जनजातीय समुदाय के लोगों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों, ढोल-नगाड़ों की थाप, पुष्प वर्षा और लोक नृत्यों के माध्यम से अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। इसके पश्चात दोनों राजनेता उस विशेष विद्यालय परिसर में गए जिसका निर्माण राष्ट्रपति ने अपने दिवंगत जीवनसाथी और अपने दो दिवंगत पुत्रों लक्ष्मण और सिपुन की याद में करवाया था। प्रधानमंत्री ने वहां स्थापित स्वर्गीय श्याम चरण मुर्मू की भव्य प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और विद्यालय तथा कौशल विकास केंद्र के छोटे बच्चों से आत्मीय बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया।
घने जंगलों के बीच पारंपरिक वस्त्र धारण कर संपन्न हुई जाहेरा और गोसानी पीठ की पूजा
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से यह दिन ओडिशा के जनजातीय इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने सबसे पहले पूर्वजों की आराधना के मुख्य केंद्र गोसानी पीठ का रुख किया और उसके बाद पैदल मार्ग से होते हुए संथाली समाज के सबसे पवित्र उपवन कहे जाने वाले जाहेरा स्थल पहुंचे। ओल चिकी लिपि की प्रख्यात विदुषी दमयंती बेसरा के अनुसार, जाहेरा वह पावन स्थान होता है जहां प्रकृति और देवी-देवताओं का वास माना जाता है। इस प्राचीन पूजा पद्धति का सम्मान करते हुए प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उनकी सुरक्षा टीम के विशिष्ट सदस्यों ने पारंपरिक संथाली वस्त्रों को धारण किया और वृक्षों के झुरमुट के बीच जाकर पूरी श्रद्धा से पूजा संपन्न की। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए दोनों नेताओं ने वहां औषधीय पौधों का रोपण भी किया।
रायरंगपुर में हुआ विकास की बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण
धार्मिक और सांस्कृतिक रस्मों को पूरा करने के उपरांत दोनों शीर्ष नेता रायरंगपुर के मुख्य समारोह स्थल के लिए प्रस्थान कर गए। यहाँ राज्य सरकार के कार्यकाल से जुड़े एक विशेष उत्सव के दौरान ऊर्जा, औद्योगिक विकास, सुगम सड़क परिवहन, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा, आधुनिक शिक्षा, पर्यटन को बढ़ावा देने और सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से विशाल धनराशि की योजनाओं की आधारशिला रखी गई। इन नवीन परियोजनाओं का मुख्य लक्ष्य राज्य के सुदूर क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बेहतर करना, बिजली की कमी को दूर करना और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का सृजन करना है।
बिजली और बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगी ये आधुनिक परियोजनाएं
ऊर्जा क्षेत्र की बड़ी योजनाएं
छह सौ मेगावाट की विशाल क्षमता वाली ऊपरी इंद्रावती पंप भंडारण परियोजना।
आईबी ताप विद्युत संयंत्र के द्वितीय चरण के अंतर्गत छह सौ साठ मेगावाट की दो नई चालू होने वाली इकाइयां।
झारसुगुड़ा जनपद के लखनपुर क्षेत्र में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड की महत्वाकांक्षी परियोजना।
प्रांतीय राजधानी भुवनेश्वर में शहरी कचरे के उचित निपटान के लिए प्रतिदिन तीन सौ टन की कार्यक्षमता वाला संपीड़ित बायोगैस संयंत्र।
परिवहन और लोक कल्याणकारी योजनाएं
जुड़वां शहरों भुवनेश्वर और कटक के बीच आवागमन को सुगम बनाने के लिए काठजोड़ी नदी पर आधुनिक पुल का निर्माण।
बौध जनपद के अंतर्गत आने वाली ढलपुर-हरभंगा सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढीकरण कार्य।
व्यस्त रेल मार्ग हावड़ा-चेन्नई मुख्य लाइन पर रेलगाड़ियों के दबाव को कम करने के लिए लगभग सात सौ बत्तीस करोड़ रुपये की लागत से तैयार उन्नीस किलोमीटर लंबी जखपुरा-जाजपुर क्योंझर रोड–बैतरणी रोड दोहरीकरण रेल परियोजना।
आम जनता की चिकित्सा सुविधा के लिए बौध में तीन सौ बिस्तरों वाला विशाल जिला मुख्यालय अस्पताल और विभिन्न जिलों में चौबीस आधुनिक बस स्टैंड।
रायरंगपुर पुलिस जिले के गठन से कानून व्यवस्था होगी और अधिक सुदृढ़
इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने गृह क्षेत्र मयूरभंज में नवनिर्मित ‘रायरंगपुर पुलिस जिला’ का विधिवत शुभारंभ किया। स्थानीय नागरिकों को सुरक्षा प्रदान करने और अपराध नियंत्रण के लिए पूर्व में लिए गए सरकारी निर्णय को अब पूर्ण रूप से धरातल पर उतार दिया गया है। इस नए पुलिस प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत दो पुलिस सब-डिवीजन और चौदह थानों को शामिल किया गया है, जिससे आम जनता को अपनी शिकायतों के निवारण के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस भव्य और गरिमामयी उद्घाटन समारोह के दौरान राज्य के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, मयूरभंज के सांसद नबा चरण माझी सहित शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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