एजेंसी, जबलपुर। Jabalpur News : मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में किसानों की समस्याओं और बुनियादी किल्लत को लेकर राजनीतिक पारा पूरी तरह से गरमा गया है। जिला ग्रामीण कांग्रेस कमेटी की तरफ से सरकार की नीतियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘पोल खोल हल्ला बोल’ आंदोलन के अंतर्गत ग्राम सुनाचर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इकट्ठा होकर उग्र प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पुतला फूंका गया। इस पूरे कार्यक्रम का संयोजन जिला किसान कांग्रेस के अध्यक्ष परमलाल अहिवासी और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बेलखेड़ा के अध्यक्ष दुर्जन पटेल के नेतृत्व में किया गया, जिसमें स्थानीय प्रशासन और सरकार की विफलताओं को उजागर किया गया।
ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को लेकर सरकार पर तीखा हमला
इस बड़े प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण अंचलों में आम जनता और किसानों को आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गांवों में इस समय अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से चल रही है, जिससे कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इसके साथ ही, खेती-किसानी के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों को डीएपी खाद और ट्रैक्टरों व कृषि उपकरणों के लिए डीजल हासिल करने में भारी दिक्कतों और किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। नेताओं ने कहा कि एक तरफ अन्नदाता परेशान है, तो दूसरी तरफ ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से रेत और पत्थरों का उत्खनन जारी है। इसके अलावा क्षेत्र में जुए और सट्टे का कारोबार भी बहुत तेजी से फल-फूल रहा है तथा अघोषित बिजली कटौती ने आम नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया है।
भारी संख्या में ग्रामीणों और महिलाओं की रही उपस्थिति
सरकार विरोधी इस बड़े आंदोलन और पुतला दहन के कार्यक्रम में क्षेत्र के कई स्थानीय नेताओं ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। इस अवसर पर मंडलम अध्यक्ष सक्षम ढिमोले, ऋषि पचौरी, राकेश पटेल, देवेंद्र सिंह ‘बिंदु भैया’, विनोद नायक, रविन्द्र बर्मन, पुलंदर सिंह, प्रेम पटेल, ममनकू दादा, होरीलाल पटेल, चेनु पटेल और द्वारका मंझल मुख्य रूप से मौजूद रहे। इस प्रदर्शन की सबसे बड़ी खास बात यह रही कि इसमें केवल राजनेता ही शामिल नहीं हुए, बल्कि स्थानीय समस्याओं से त्रस्त होकर बहुत बड़ी संख्या में ग्रामीण जनता और विशेष रूप से महिलाओं यानी मातृशक्ति ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सरकार के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। विपक्षी दल ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को पूरे जिले में और ज्यादा उग्र रूप दिया जाएगा।
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