एजेंसी, जयपुर। जयपुर में 78वें सेना दिवस पर गुरुवार को आयोजित परेड में भारतीय सेना ने अपने शौर्य, जुनून, साहस और अजेय ताकत का प्रदर्शन किया। शहर में पहली बार सार्वजनिक रूप से आयोजित इस परेड को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। सेना की सप्त शक्ति कमान की ओर से 78वीं सेना दिवस परेड का आयोजन जगतपुरा के महल रोड पर हुआ। परेड में जयपुर सैन्य शौर्य, पराक्रम और अनुशासन का मंच बना।
इस परेड में भारतीय सेना की आधुनिक सैन्य शक्ति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया। इस बार सेना दिवस की थीम ‘भारतीय सेना शौर्य और बलिदान’ रखी गई है। खास बात यह है कि इस दौरान स्वदेशी हथियारों का कौशल दिखाया गया। परेड से पहले मिलिट्री स्टेशन पर बने प्रेरणा स्थल पर प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ) अनिल चौहान, थल सेना अध्यक्ष उपेंद्र द्विवेदी, एयर कोमोडर पुरुषोत्तम वर्मा, वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने पुष्पगुच्छ अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जवानों को ‘वीरता पुरस्कार’ से सम्मानित किया। उन्होंने सूबेदार मेजर पवन कुमार, हवलदार सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, लांस नायक सुभाष कुमार और लांस नायक प्रदीप कुमार को (मरणोपरांत) सेना पदक वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया। जब सेनाध्यक्ष शहीदों के परिजनों को सेना पदक से सम्मानित कर रहे थे तो परिजन की आंखों से आंसू छलक उठे। पुरस्कार समारोह के बाद परेड कमांडर, परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र और कीर्ति चक्र और पुरस्कार विजेताओं ने सलामी दी।
तीन चेतक हेलीकॉप्टरों ने परेड पर पुष्प वर्षा की। नेपाली बैंड के साथ परेड की शुरुआत हुई। इसके बाद 61 केवलरी रेजीमेंट के जवान, टोही दस्ता, ब्रह्मोस मिसाइल, अर्जुन टैंक, शिल्का एवं ध्रुव तोप और अत्याधुनिक ड्रोन का प्रदर्शन किया गया। पहाड़ी रेगिस्तान और मैदानी इलाकों में तेजी से काम करने वाले बख्तरबंद वाहन व बीएमपी, के—9 वज्र तोप, 155 एमएमए अमोघ, स्वदेशी त्रिशूल शक्तिबाण, संयुक्ता जैमर, पिनाका लॉन्चर की ताकत दिखाई गई। परेड के माध्यम से टैंक, अत्याधुनिक तोपें, मिसाइल सिस्टम, एयर डिफेंस सिस्टम, रॉकेट लॉन्चर, ड्रोन और रोबोटिक सिस्टम का प्रदर्शन कर भारतीय सेना की ताकत का संदेश दिया गया। परेड में भारतीय सेना के श्वान दस्ते भी शामिल हुए। पैरा ट्रूपर जब परेड के ऊपर से गुजरे तो दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। भारतीय सेना की नवगठित भैरव बटालियन के जवानों ने परेड में जोश भर दिया। परेड में लद्दाख, डोगरा, हिमाचल, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम स्काउट्स के दस्ते ने भाग लिया।
मराठा लाइट इन्फेन्ट्री, मद्रास रेजीमेंट, राजपूत रेजीमेंट, डोगरा रेजीमेंट, आर्टिलरी रेजीमेंट, नेशनल कैडेट्स कोर के कैडेट्स ने बैंड वादन प्रस्तुत किया। परेड में प्रदर्शित झांकियों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के साथ राजस्थान की समृद्ध लोक कला और संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। राजस्थान का लोक नृत्य कच्छी घोड़ी, पारंपरिक लोक नृत्य दंगल साथ राजस्थान की मनोहारी झांकी को प्रदर्शित किया गया। वायु योद्धा अपाचे, प्रचंड, ध्रुव और रुद्र हेलीकॉप्टर ने परेड के ऊपर से गुजरकर सेना के अधिकारियों, अतिथियों और दर्शकों का स्वागत किया। इसके बाद सेना सेवा कोर के जवानों ने मोटरसाइकिलों पर हैरतअंगेज करतब दिखाए। परेड की शुरुआत में लघु फिल्म के माध्यम से भारतीय सेना की यात्रा दिखाई गई। इसके बाद ऑॅपरेशन सिंदूर आधारित लघु फिल्म में जब पहलगाम हमले को दिखाया तो लोगों की आंखों से आसूं छलक उठे। दर्शकों ने ‘वंदे मातरम’, ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाकर सेना के जवानों की हौसला अफजाई की। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा सहित कई मंत्री और अन्य लोग कार्यक्रम में मौजूद थे। परेड देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सुबह से ही पहुंचने लगे थे। इसके लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।
ये भी पढ़े : ईरान ने यूएई, सऊदी अरब और तुर्की को दी धमकी, कहा- अगर अमेरिका ने हमला किया तो हम भी करेंगे
राष्ट्रपति मुर्मू समेत पीएम मोदी और सीएम योगी ने दी बधाई, देशवासी को गौरवान्वित करने वाला सेना का शौर्य
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को सेना दिवस के मौके पर भारतीय सेना की तारीफ करते हुए कहा कि देश के सैनिक निस्वार्थ सेवा के प्रतीक के तौर पर सबसे मुश्किल हालात में पक्के इरादे के साथ देश की रक्षा के लिए डटे रहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश सैनिकों की हिम्मत और पक्के इरादे को सलाम करता है। उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘दुर्गम स्थलों से लेकर बर्फीली चोटियों तक हमारी सेना का शौर्य और पराक्रम हर देशवासी को गौरवान्वित करने वाला है। सरहद की सुरक्षा में डटे जवानों का हृदय से अभिनंदन!’’ मोदी ने लिखा, ‘‘हमारे सैनिक निस्वार्थ सेवा के प्रतीक के तौर पर सबसे मुश्किल हालात में भी पक्के इरादे से देश की रक्षा के लिए डटे रहते हैं। उनकी कर्तव्य की भावना पूरे देश में विश्वास और कृतज्ञता बढ़ाती है।’’
सेना की ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना हर भारतीय को प्रेरित करती रहती है: राष्ट्रपति मुर्मू
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को सेना दिवस के अवसर पर देश के बहादुर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं और कहा कि उनकी ‘राष्ट्र प्रथम’ की अडिग भावना हर भारतीय को प्रेरित करती रहती है। मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भारतीय सेना हमारे राष्ट्र की एकता, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए दृढ़ है।” उन्होंने कहा, “हमारे सैनिक हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं और आपदाओं तथा मानवीय संकटों के दौरान महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करते हैं। आपकी ‘राष्ट्र प्रथम’ की अडिग भावना हर भारतीय को प्रेरित करती रहती है।” सेना दिवस 1949 में जनरल के. एम. करियप्पा (जो बाद में फील्ड मार्शल बने) के भारतीय सेना के पहले कमांडर-इन-चीफ के रूप में कार्यभार संभालने की स्मृति में मनाया जाता है।
सीएम योगी ने परम वीरों को किया नमन
सीएम योगी ने सेना दिवस के मौके पर भारतीय सेना को किया नमन लिखा-‘राष्ट्र प्रथम’ भाव के वाहक, माँ भारती की रक्षा के लिए समर्पित, ‘सेवा परमो धर्मः’ और सर्विस बिफोर सेल्फ के आदर्शों को हर कदम पर साकार करने वाले भारतीय सेना के पराक्रमी वीरों एवं उनके परिजनों को ‘सेना दिवस’ की हार्दिक शुभकामनाएं। शौर्य की गौरवशाली परंपरा और मातृभूमि की अस्मिता के लिए आपके नि:स्वार्थ बलिदान की भावना को कोटि-कोटि नमन। आपकी कर्तव्यनिष्ठा व त्याग पर हमें गर्व है।
भारतीय सेना राष्ट्र की रक्षा के लिए अडिग ढाल के रूप में खड़ी है: खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सेना दिवस के अवसर पर बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय सेना देश की ऐसी अडिग ढाल के रूप में खड़ी है जो सीमाओं की रक्षा करती है, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के दौरान स्थिरता को मजबूत करती है और प्राकृतिक आपदाओं के समय दृढ़ सहयोग देती है। सेना दिवस 15 जनवरी को फील्ड मार्शल के एम करियप्पा के भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बनने की याद में मनाया जाता है, जिन्होंने 1949 में ब्रिटिश जनरल सर एफआरआर बुचर की जगह ली थी। बाद में करियप्पा फील्ड मार्शल बने। खरगे ने कहा, ‘‘भारतीय सेना दिवस पर हम अपने बहादुर सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सम्मान और कृतज्ञता के साथ नमन करते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय सेना देश की अडिग ढाल के रूप में खड़ी है जो सबसे दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों में हमारी सीमाओं की रक्षा करती है, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों के दौरान स्थिरता को मजबूत करती है और प्राकृतिक आपदाओं के समय अटूट सहयोग देती है।’’
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘आपके अदम्य साहस, अनुकरणीय पेशेवर दक्षता और उस निस्वार्थ बलिदान की भावना के लिए हम सदैव ऋणी रहेंगे जो भारत को सुरक्षित रखती है।’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी सेना के अदम्य साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान की सराहना की। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘देश की रक्षा में सदैव तत्पर हमारे वीर जवानों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को सेना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। उनके अदम्य साहस, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान के लिए हम सदैव उनके ऋणी रहेंगे। जय हिंद।’’ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा, ‘‘हर वर्दी के पीछे बलिदान, साहस और राष्ट्रप्रेम की कहानी छिपी होती है। मैं भारतीय सेना दिवस पर हमारे बहादुर सैनिकों को उनकी वीरता, दृढ़ता और निस्वार्थ सेवा के लिए सलाम करती हूं। जय हिंद।’’ कांग्रेस ने भी ‘एक्स’ पर ‘पोस्ट’ साझा करते हुए कहा कि वह सैनिकों को उनके साहस, अनुशासन और कर्तव्य निभाते हुए दिए जाने वाले सर्वोच्च बलिदान के लिए सलाम करती है। उसने कहा, ‘‘भारतीय सेना हमारे राष्ट्र की सबसे मजबूत ढाल के रूप में खड़ी है। भारत के प्रति उनकी अटल सेवा और प्रतिबद्धता के लिए हम उनके अत्यंत आभारी हैं। जय हिंद।


