MP MSME Scheme

भोपाल में ‘समृद्ध एमएसएमई-विकसित मध्यप्रदेश’ महाआयोजन : मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 900 औद्योगिक इकाइयों के खातों में भेजे ₹360करोड़ रुपये

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

एजेंसी, भोपाल। MP MSME Scheme : मध्य प्रदेश की राजधानी में औद्योगिक विकास और नए रोजगार सृजन की दिशा में एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। सूबे के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने रविवार को भोपाल के प्रतिष्ठित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित ‘समृद्ध एमएसएमई-विकसित मध्यप्रदेश’ नामक एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्यमंत्री द्वारा पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को एक नई ऊर्जा देते हुए डिजिटल माध्यम से केवल एक सिंगल क्लिक कर नौ सौ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम इकाइयों के खातों में कुल तीन सौ साठ करोड़ रुपये की विशाल वित्तीय सहायता राशि सीधे स्थानांतरित कर दी। इस कदम से प्रदेश के व्यापारिक जगत में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

युवा उद्यमियों और हितग्राहियों को सौंपे गए आर्थिक सहायता के चेक

इस गरिमामयी और महत्वपूर्ण औद्योगिक समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने प्रदेश भर से आए नए उद्यमियों को उद्योगों की स्थापना हेतु भूमि आवंटन के आधिकारिक आशय पत्र स्वयं अपने हाथों से वितरित किए। इसके अतिरिक्त, प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी स्टार्टअप नीति के अंतर्गत अपना नया व्यवसाय शुरू करने वाले कई प्रतिभाशाली युवाओं को सहायता राशि के वित्तीय चेक सौंपे गए। साथ ही, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत स्वरोजगार स्थापित करने वाले अनेक लाभार्थियों को भी ऋण राशि के स्वीकृति पत्र और चेक प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने समारोह में उपस्थित देश और राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिष्ठित व्यापारियों और लघु उद्योगपतियों से सीधा संवाद स्थापित किया और उन्हें राज्य सरकार की ओर से हर संभव प्रशासनिक तथा वित्तीय सहयोग देने का पूर्ण भरोसा दिलाया।

वैश्विक मंच पर भारत का बढ़ता आर्थिक प्रभाव और रतन टाटा का स्मरण

सभागार में मौजूद विशाल जनसमूह और उद्यमियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने देश के शीर्ष नेतृत्व की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल और दूरदर्शी मार्गदर्शन में आज भारत संपूर्ण विश्व के भीतर एक बेहद शक्तिशाली और नई आर्थिक महाशक्ति के रूप में तेजी से उभर रहा है। वर्तमान में वैश्विक परिस्थितियां ऐसी बन चुकी हैं कि अमेरिका जैसा दुनिया का सबसे ताकतवर मुल्क भी भारतीय प्रधानमंत्री के आगमन का बड़ी उत्सुकता से इंतजार करता है। अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने देश के महान और दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा के योगदान को भी याद किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार स्वर्गीय टाटा ने देश के आम नागरिकों को मात्र एक लाख रुपये में कार देने का ऐतिहासिक सपना देखा था और जब उन्हें पश्चिम बंगाल में भूमि विवाद के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा, तो उन्होंने गुजरात का रुख किया था, जहां तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने उन्हें पूरा सहयोग दिया था।

वर्ष दो हजार सैंतालीस तक एक करोड़ पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों का बड़ा लक्ष्य

मध्य प्रदेश को औद्योगिक क्षेत्र में देश का सबसे अग्रणी राज्य बनाने का विजन साझा करते हुए मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने एक बहुत बड़े लक्ष्य की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के व्यापक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष दो हजार सैंतालीस तक राज्य के भीतर कुल एक करोड़ पंजीकृत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम औद्योगिक इकाइयों को स्थापित करने का एक बेहद महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस विशाल औद्योगिक क्रांति के धरातल पर उतरने से आने वाले समय में प्रदेश के भीतर लगभग दो करोड़ से अधिक स्थानीय युवाओं के लिए सीधे और अप्रत्यक्ष तौर पर रोजगार के नए और सुनहरे अवसर पैदा होंगे।

ढाई साल के कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियां और पौने चार करोड़ का भुगतान

कार्यक्रम के उपरांत मीडिया प्रतिनिधियों से औपचारिक चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के पिछले ढाई वर्षों के कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियों को जनता के सामने रखा। उन्होंने गर्व से कहा कि मध्य प्रदेश इस समय औद्योगिक विकास की दौड़ में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला राज्य बन चुका है। वर्तमान में प्रदेश की इन छोटी और मध्यम इकाइयों के माध्यम से लगभग सवा करोड़ से अधिक लोगों को उनकी आजीविका और रोजगार मिल रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार की कटिबद्धता के चलते मार्च दो हजार छब्बीस तक की अवधि के सभी बकाया औद्योगिक देयकों के रूप में करीब पौने चार करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे तौर पर किया जा चुका है। इसके साथ ही, चालू वर्ष को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाते हुए सरकार ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए भी कई नई और आकर्षक योजनाएं तैयार की हैं, जिनका लाभ उद्यमियों को बड़े पैमाने पर मिलेगा।

औद्योगिक नीति में पारदर्शिता और नए इंडस्ट्रियल क्लस्टर का प्रस्ताव

समारोह में विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने राज्य के औद्योगिक आंकड़ों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पूरे मध्य प्रदेश के भीतर पांच लाख छब्बीस हजार से अधिक विनिर्माण इकाइयां पूरी सक्रियता से काम कर रही हैं, जिनमें लगभग बयालीस हजार सात सौ करोड़ रुपये का भारी-भरकम पूंजी निवेश हो चुका है। इन उद्योगों के माध्यम से प्रदेश के चौवालीस लाख नागरिकों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार मिला हुआ है। उन्होंने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लागू की गई नई औद्योगिक नीति बेहद तीव्र, पारदर्शी और पूरी तरह से उद्योग अनुकूल है। पिछले ढाई वर्षों में सरकार ने छह हजार से अधिक उद्यमियों को तीन हजार सात सौ तेईस करोड़ रुपये की निवेश सहायता राशि प्रदान की है, जो कि पिछली सरकारों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है। वर्तमान में राज्य में एक सौ बयासी औद्योगिक क्षेत्र पूरी तरह संचालित हैं, जबकि आने वाले समय के लिए चौवालीस नए औद्योगिक क्षेत्र और विशेष क्लस्टर पूरी तरह से प्रस्तावित हैं, जिन पर काम तेजी से शुरू होने जा रहा है।

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