एजेंसी, नई दिल्ली। Gautam Adani : भारतीय व्यापार जगत से इस समय की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। देश के जाने-माने औद्योगिक घराने अडानी समूह के मुखिया गौतम अडानी ने एक बार फिर से कामयाबी का एक नया इतिहास रच दिया है। वे एक बार फिर से पूरे एशिया महाद्वीप के सबसे धनवान कारोबारी बन गए हैं। दुनिया भर के अमीरों की संपत्ति पर नजर रखने वाली संस्था फोर्ब्स की वास्तविक समय की अमीर लोगों की सूची के बिल्कुल नए आंकड़ों के अनुसार, गौतम अडानी की कुल संपत्ति में भारी इजाफा हुआ है। इस बढ़ोतरी के बाद अब उनकी कुल नेटवर्थ बढ़कर नवासी दशमलव दो अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गई है। इस बड़ी छलांग के साथ ही उन्होंने धनवानों की इस दौड़ में पहला स्थान अपने नाम कर लिया है।
Gautam Adani’s Net Worth Swells By $2 Billion—Becomes Asia’s Richest Personhttps://t.co/pCP5qqs2Hf pic.twitter.com/h9iwGVeuo0
— Forbes (@Forbes) June 5, 2026
मुकेश अंबानी अब दूसरे स्थान पर खिसके
इस कारोबारी होड़ में लंबे समय से पहले पायदान पर रहने वाले रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी की रैंकिंग में गिरावट आई है। वे अब अठासी अरब डॉलर की कुल जमा पूंजी के साथ इस सूची में दूसरे नंबर पर आ गए हैं। वहीं दूसरी तरफ, पिछले कुछ समय से शेयर बाजार में चल रहे उतार-चढ़ाव की वजह से सॉफ्टबैंक के मुखिया मासायोशी सोन को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। वे अब सत्तासी अरब डॉलर की कुल संपत्ति के साथ तीसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। यहाँ यह बात ध्यान देने योग्य है कि जापान की इस बड़ी निवेश कंपनी के शेयरों के भाव गिरने से पहले तक मासायोशी सोन ही पूरे एशिया के सबसे अमीर शख्स बने हुए थे, लेकिन अब भारतीय उद्योगपतियों ने उन्हें काफी पीछे छोड़ दिया है।
अडानी समूह की छह कंपनियों का बाजार में तहलका
गौतम अडानी की कुल व्यक्तिगत संपत्ति में आई इस रिकॉर्डतोड़ तेजी की सबसे बड़ी वजह उनकी शेयर बाजार में लिस्टेड कंपनियों के भाव में आया जबर्दस्त उछाल है। बीते शुक्रवार के कारोबारी सत्र के खत्म होने तक इस औद्योगिक समूह की छह सबसे बड़ी और मुख्य कंपनियों का कुल बाजार मूल्य लगभग एक सौ नब्बे अरब डॉलर से ज्यादा दर्ज किया गया था। इस समूह की सभी बड़ी कंपनियों का प्रदर्शन बाजार में बेहद शानदार रहा है, जिसके चलते निवेशकों को भी बड़ा फायदा हुआ है।
समूह की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी बिजली क्षेत्र की कंपनी अडानी पावर इस समय सैंतालीस दशमलव दो अरब डॉलर के कुल मूल्य के साथ समूह की सबसे कीमती कंपनी बन गई है। इसके ठीक बाद बंदरगाह और माल ढुलाई के क्षेत्र में काम करने वाली अडानी पोर्ट्स का नंबर आता है, जिसका कुल बाजार मूल्यांकन चौвалिस दशमलव दो अरब डॉलर मापा गया है। समूह की मुख्य कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज भी इस रेस में पीछे नहीं है और वह चौवालिस अरब डॉलर की बाजार कीमत के साथ मजबूती से टिकी हुई है। इसके अलावा पर्यावरण के अनुकूल बिजली बनाने वाली कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी का कुल मूल्य छब्बीस दशमलव चार अरब डॉलर रहा है। बिजली सप्लाई से जुड़ी कंपनी अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस का बाजार मूल्य भी लगभग बीस अरब डॉलर के करीब पहुँच गया है, जबकि gas वितरण का काम देखने वाली कंपनी अडानी टोटल गैस आठ दशमलव आठ अरब डॉलर के योगदान के साथ इस बड़े कारोबारी साम्राज्य को मजबूती दे रही है।
पुराने सभी विवादों का खात्मा और भारी मुनाफा
विश्व प्रसिद्ध व्यापारिक पत्रिका फोर्ब्स की ताजा रिपोर्ट में इस बात का साफ जिक्र किया गया है कि बीते महज एक महीने के छोटे से समय के भीतर ही गौतम अडानी की निजी दौलत में लगभग दस अरब डॉलर की बहुत बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस बंपर मुनाफे के पीछे का असली कारण यह है कि अमेरिकी न्याय विभाग ने सौर ऊर्जा की सप्लाई के समझौते से जुड़े ढाई सौ मिलियन डॉलर के कथित हेरफेर और धोखाधड़ी के सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। अमेरिका की तरफ से मिली इस बड़ी राहत के बाद से शेयर बाजार के निवेशकों का भरोसा इस समूह पर पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गया है। अडानी समूह ने तो खैर शुरुआत से ही इन तमाम आरोपों को पूरी तरह से गलत और मनगढ़ंत बताया था।
यहाँ पर यह याद दिलाना भी जरूरी है कि साल 2023 की शुरुआत में अमेरिका की ही एक शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च की एक नकारात्मक रिपोर्ट आने के बाद अडानी समूह के सभी शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली थी। उस समय कंपनी को काफी नुकसान हुआ था, लेकिन भारतीय जांच एजेंसियों और नियामकों ने पूरी छानबीन के बाद उन सभी दावों को पूरी तरह से बेबुनियाद और बिना किसी सबूत के पाया था। अब भारत के बाद अमेरिकी न्याय प्रणाली से भी पूरी तरह से साफ सुथरी चिट मिलने के बाद गौतम अडानी ने व्यापार की दुनिया में बेहद धमाकेदार वापसी की है।
भविष्य की नई तैयारी और नई तकनीकों पर जोर
हाल ही में अपनी कंपनियों के शेयरधारकों को लिखे गए अपने सालाना पत्र में गौतम अडानी ने पूरी तरह से साफ कर दिया है कि उनका समूह अब सभी कानूनी अड़चनों और नियमों से जुड़ी चुनौतियों को बहुत पीछे छोड़ चुका है। अब कंपनी का पूरा ध्यान आने वाले कल की बड़ी तैयारियों पर है। समूह अब ऊर्जा, यातायात, माल ढुलाई और डिजिटल बुनियादी ढांचे के विकास में अपना निवेश बहुत तेजी से बढ़ाने जा रहा है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य भविष्य में आने वाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बड़ी क्रांति का पूरा लाभ उठाना है। इसके साथ ही, अडानी एंटरप्राइजेज द्वारा बाजार से पैसे जुटाने के लिए लाए गए लगभग चौबीस हजार नौ सौ तीस करोड़ रुपये के राइट्स इश्यू को जो जबर्दस्त कामयाबी मिली है, उसने यह पूरी तरह साबित कर दिया है कि इतने कठिन समय और उतार-चढ़ाव के बाद भी दुनिया भर के और भारत के बड़े निवेशकों का अटूट विश्वास अडानी ग्रुप पर लगातार बना हुआ है।
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