Saif Ali Khan Property

नवाबों की अरबों की जायदाद पर शत्रु संपत्ति का साया : अभिनेता सैफ अली खान और शर्मिला टैगोर के रिकॉर्ड की होगी दोबारा जांच

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एजेंसी, भोपाल। Saif Ali Khan Property : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नवाब परिवार की अरबों रुपये की शाही संपत्तियों और शत्रु संपत्ति को लेकर चल रहा पुराना कानूनी विवाद एक बार फिर बेहद गहरा गया है। इस नए घटनाक्रम के बाद मशहूर बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान, उनकी माता शर्मिला टैगोर, सोहा अली खान और सबा अली खान सहित पूरे नवाब परिवार की मुश्किलें काफी बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। कस्टोडियन विभाग के कड़े निर्देशों के तहत भोपाल शहर में नवाब परिवार के नाम दर्ज संपत्तियों के तमाम पुराने रिकॉर्ड्स को नए सिरे से खंगालने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस बड़ी जांच को अंजाम देने के लिए जिला कलेक्टर द्वारा एक विशेष समिति का भी गठन किया जा चुका है। यह पूरी जांच भारत सरकार और तत्कालीन भोपाल रियासत के बीच आज से करीब सतहत्तर साल पहले हुए ऐतिहासिक मर्जर एग्रीमेंट यानी विलय समझौते के कानूनी दस्तावेजों को आधार बनाकर की जा रही है, जिससे पूरे नवाब परिवार के हाथ से भोपाल की बेशकीमती जमीनों के निकलने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है।

सतहत्तर साल पुराने विलय समझौते के आधार पर शुरू हुई जांच

इस पूरे मामले में एक नया मोड़ तब आया जब जाने-माने समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री ने कई नए और बेहद महत्वपूर्ण कानूनी मुद्दे प्रशासन के सामने उठाए। उन्होंने सोमवार को भोपाल के अपर जिला मजिस्ट्रेट सुमित कुमार पाण्डे से मुलाकात कर उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में यह पुरजोर मांग की गई है कि नवाब परिवार की जमीनों की मौजूदा जांच को भारत सरकार और भोपाल के तत्कालीन नवाब हमीदुल्ला खान के बीच उनतीस अप्रैल उन्नीस सौ उनचास को हुए मर्जर एग्रीमेंट की मूल प्रति के आधार पर ही आगे बढ़ाया जाए। गौरतलब है कि उस ऐतिहासिक समझौते के समय सरकारी जमीन और नवाब परिवार की निजी संपत्तियों की एक बहुत ही विस्तृत और अलग-अलग सूची तैयार की गई थी। अब इसी सूची को मुख्य आधार बनाकर शहर की कीमती जमीनों की पड़ताल करने की मांग की जा रही है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

पांच प्रमुख लोकेशन और तेरह सौ सत्तर एकड़ भूमि का कानूनी पेच

नवाब परिवार की इन शाही संपत्तियों को लेकर शहर के कई वीआईपी और रिहायशी इलाकों में लंबे समय से बड़े कानूनी पेच फंसे हुए हैं। प्रशासन को सौंपे गए आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, भोपाल के कोहेफिजा, नयापुरा और हलालपुर सहित कुल पांच प्रमुख और बेहद कीमती लोकेशन की जमीनों पर यह विवाद चल रहा है। सौंपे गए ज्ञापन में इस बात का भी विशेष उल्लेख किया गया है कि अभिनेता सैफ अली खान ने पूर्व में माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष एक मामले की सुनवाई के दौरान भोपाल शहर के भीतर स्थित करीब तेरह सौ सत्तर एकड़ भूमि को नवाब परिवार की संभावित व्यक्तिगत या निजी प्रॉपर्टी के रूप में दर्शाया था। अब जांच कमेटी से इन सभी विवादित जमीनों के मौजूदा स्टेटस और मालिकाना हक की वास्तविक स्थिति को पूरी तरह से स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। जानकारों का कहना है कि इस जांच में पहले ही काफी देरी हो चुकी है जिससे कई रिकॉर्ड्स में गड़बड़ी होने की आशंका है।

पाकिस्तान पलायन और शत्रु संपत्ति का पूरा मामला

इस पूरे कानूनी विवाद की मुख्य जड़ नवाब परिवार के इतिहास और देश के विभाजन से जुड़ी हुई है। दरअसल, भोपाल के तत्कालीन नवाब हमीदुल्ला खान की बड़ी बेटी भारत छोड़कर पाकिस्तान चली गई थीं। देश के कड़े कानूनी नियमों के अनुसार, विभाजन के समय या उसके बाद जो लोग भारत छोड़कर पाकिस्तान चले गए, उनकी भारत में बची हुई तमाम चल और अचल संपत्ति को ‘शत्रु संपत्ति’ यानी एनिमी प्रॉपर्टी घोषित कर दिया जाता है, जिस पर पूरी तरह से भारत सरकार का मालिकाना हक होता है। इसी नियम के तहत अब नवाब की बड़ी बेटी के नाम दर्ज सभी जमीनों और बड़ी जायदादों की नए सिरे से पहचान की जा रही है। यही वजह है कि आज सैफ अली खान, उनकी दोनों बहनें सोहा व सबा अली खान और मां शर्मिला टैगोर सहित पूरा नवाब परिवार इस जांच के सीधे दायरे में आ गया है। इस बेहद संवेदनशील और अरबों रुपये के मामले को लेकर देश के महामहिम राष्ट्रपति से लेकर सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय तक निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई जा चुकी है।

खुर्द-बुर्द हो चुकी है करोड़ों की शाही संपत्ति

भोपाल के स्थानीय सूत्रों और प्रशासनिक हलकों से मिल रही जानकारियों के अनुसार, कस्टोडियन विभाग और स्थानीय प्रशासन की ढील के चलते पिछले कुछ दशकों में अभिनेता सैफ अली खान और उनके परिवार की करोड़ों रुपये की कीमती संपत्तियों को बहुत बड़े पैमाने पर खुर्द-बुर्द किया जा चुका है। शहर की कई ऐतिहासिक और नवाबी दौर की संपत्तियों पर भू-माफियाओं और अन्य रसूखदार लोगों ने अवैध तरीके से अपने कब्जे जमा लिए हैं या उन्हें धोखाधड़ी से बेच दिया है। ऐसी स्थिति में, सरकार द्वारा नवाब परिवार की संपत्तियों के रिकॉर्ड्स की नए सिरे से और इतनी गहराई से शुरू की गई इस जांच ने न केवल अवैध कब्जाधारियों की नींद उड़ा दी है, बल्कि अभिनेता सैफ अली खान के पैतृक दावों और उनकी पारिवारिक संपत्तियों के भविष्य पर भी एक बहुत बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।

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