एजेंसी, नई दिल्ली। CBSE OSM Controversy : केंद्र सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक बेहद कड़ा और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई के भीतर चल रहे विवादों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने मंगलवार को तत्काल प्रभाव से एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। ऑन स्क्रीन मार्किंग यानी ओएसएम प्रणाली को लेकर उठे भारी विवाद और हंगामे के बीच सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का उनके पदों से तबादला कर दिया गया है। सरकार की इस अचानक की गई कार्रवाई से शिक्षा विभाग में भारी हड़कंप मच गया है। अधिकारियों को हटाने के साथ ही सरकार ने ओएसएम सर्विस के लिए निकाले गए टेंडर और पूरी खरीद प्रक्रिया में हुई कथित धांधली की बारीकी से जांच करने के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का भी गठन कर दिया है, जो इस पूरे मामले की तह तक जाएगी और अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
The CBSE Chairman and Secretary have been transferred. Justice requires that the Mantri Pradhan be sacked.
The CBSE leadership’s unceremonious exit and the constitution of the one-member committee to investigate the procurement of the CBSE’s On Screen Marking (OSM) system… pic.twitter.com/7WLlpYKHMN
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) June 2, 2026
पोर्टल पर हुआ भयंकर साइबर हमला
एक तरफ जहां बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों पर गाज गिरी है, वहीं दूसरी तरफ बोर्ड के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी एक बड़े संकट का सामना करना पड़ा है। सीबीएसई के छात्रों की कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन या री इवैल्यूएशन के लिए बनाए गए ऑनलाइन पोर्टल पर एक बहुत बड़ा और खतरनाक साइबर हमला किया गया है। बोर्ड द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अज्ञात हैकर्स ने पोर्टल को ठप करने के इरादे से मात्र दो मिनट के बहुत ही छोटे से अंतराल में पंद्रह लाख से भी अधिक बार एक्सेस करने का प्रयास किया। इसके अलावा बोर्ड के सिस्टम की अति सुरक्षित और गोपनीय फाइलों तक बिना किसी अनुमति के पहुंचने के लिए भी एक लाख से ज्यादा बार कोशिशें की गईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि इतने भयंकर साइबर हमले के बावजूद पोर्टल का मजबूत सर्वर क्रैश नहीं हुआ और वह सुचारू रूप से काम करता रहा। दोपहर तीन बजे तक इस पोर्टल के माध्यम से सोलह हजार से अधिक छात्रों ने बिना किसी रुकावट के अपने आवेदन सफलतापूर्वक जमा कर दिए थे। गौरतलब है कि इस महत्वपूर्ण पोर्टल की शुरुआत सोमवार से ही होनी थी लेकिन इसे लेकर लगातार मुश्किलें आ रही थीं।
स्क्रीन पर कॉपियां जांचने से शुरू हुआ था पूरा विवाद
इस पूरे विवाद की जड़ इस साल घोषित हुए बारहवीं कक्षा के परीक्षा परिणामों से जुड़ी हुई है। आपको बता दें कि सीबीएसई ने बीते तेरह मई को बारहवीं कक्षा के छात्रों का अंतिम रिजल्ट जारी किया था। इस बार बोर्ड ने अपनी पारंपरिक मूल्यांकन प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव करते हुए पहली बार छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं यानी कॉपियों को मैन्युअल तरीके के बजाय कंप्यूटर स्क्रीन पर चेक करने का फैसला किया था, जिसे तकनीकी भाषा में ऑन स्क्रीन मार्किंग या ओएसएम सर्विस कहा जाता है। लेकिन जैसे ही परीक्षा के नतीजे सामने आए, कई छात्रों ने अपने नंबरों को लेकर भारी असंतोष और नाराजगी जाहिर की। छात्रों की लगातार मिल रही इन्हीं शिकायतों, कम नंबर आने के दावों और आपत्तियों के बाद सरकार तथा शिक्षा मंत्रालय ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और इस नई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की कार्यप्रणाली को लेकर गहन जांच शुरू कर दी गई।
छात्र ने संसदीय समिति को गिनाई पंद्रह बड़ी कमियां
इस मामले ने तब और भी तूल पकड़ लिया जब सीबीएसई की इस नई ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली का शिकार हुए बारहवीं कक्षा के एक छात्र सार्थक सिद्धांत ने मामले को सीधे संसद की दहलीज तक पहुंचा दिया। मंगलवार को यह जागरूक छात्र शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल मामलों की देखभाल करने वाली संसद की एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थायी समिति के सामने पेश हुआ। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, संसद भवन की एनेक्सी में आयोजित इस अहम बैठक के दौरान छात्र ने ओएसएम प्रणाली को लागू किए जाने के तरीके और इसके टेंडर आवंटन की पूरी प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी बात बहुत ही बेबाकी और प्रमुखता से रखी। छात्र ने समिति के सामने यह ठोस दावा किया कि उसके द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार इस नई प्रणाली में कम से कम पंद्रह बहुत बड़ी तकनीकी और प्रक्रियात्मक कमियां हैं जो छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही हैं। छात्र की इस गवाही के बाद शिक्षा मंत्रालय पूरी तरह से हरकत में आ गया है और मंत्रालय ने तुरंत प्रभाव से सीबीएसई से कोएम्प्ट नामक कंपनी को टेंडर दिए जाने की पूरी प्रक्रिया को लेकर बोर्ड से एक विस्तृत और स्पष्ट रिपोर्ट तलब कर ली है।
ये भी पढ़ें : गाजियाबाद में सूर्या चौहान हत्याकांड के आरोपी असद के घर पर बुलडोजर का नोटिस, सीएम योगी का कड़ा संदेश
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


