CM Vijay meets PM Modi

मुख्यमंत्री विजय की ऐतिहासिक दिल्ली यात्रा : प्रधानमंत्री मोदी से मिलकर रखी तमिलनाडु के विकास की रूपरेखा

तमिलनाडु देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, दिल्ली/चेन्नई। CM Vijay meets PM Modi : तमिलनाडु की कमान संभालने के बाद नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पहली बार देश की राजधानी दिल्ली पहुंचे हैं। राज्य में एक नए राजनीतिक युग और गठबंधन सरकार की शुरुआत होने के ठीक दो सप्ताह बाद हो रहे इस दौरे को बेहद खास और रणनीतिक माना जा रहा है। इसी सिलसिले में बुधवार की शाम मुख्यमंत्री विजय ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। दोनों शीर्ष नेताओं की यह महत्वपूर्ण बैठक प्रधानमंत्री कार्यालय में संपन्न हुई। मुलाकात के तुरंत बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस बैठक की पुष्टि की गई और दोनों नेताओं की तस्वीरें भी साझा की गईं। राजनीतिक गलियारों और मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात चर्चा का विषय बनी हुई है कि मुख्यमंत्री विजय और प्रधानमंत्री मोदी के बीच यह मुलाकात करीब 12 वर्षों के एक लंबे अंतराल के बाद हुई है। इस औपचारिक भेंट के दौरान दोनों नेताओं के बीच मुख्य रूप से तमिलनाडु के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक बातचीत हुई।

गृह मंत्री और वित्त मंत्री से मुलाकातों का कार्यक्रम

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री से भेंट करने के बाद मुख्यमंत्री विजय का दिल्ली में कई अन्य केंद्रीय मंत्रियों से मिलने का भी कार्यक्रम तय किया गया है। वे शाम को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आधिकारिक आवास पर मुलाकात करेंगे। इसके तुरंत बाद, वे केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कार्यालय जाकर उनसे भी भेंट करेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय ने यह भी साफ किया है कि बुधवार की रात को मुख्यमंत्री दिल्ली में स्थित तमिलनाडु हाउस में ही विश्राम करेंगे।

मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के मुख्य उद्देश्य

सिनेमा जगत से राजनीति में कदम रखने वाले और तमिलगा वेट्री कज़गम के संस्थापक-अध्यक्ष विजय का यह दिल्ली दौरा राज्य की भावी राजनीति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पहले दिल्ली प्रवास के दौरान वे प्रधानमंत्री सहित कई वरिष्ठ नेताओं को राज्य की तात्कालिक आवश्यकताओं से जुड़ा एक विस्तृत मांग पत्र सौंपेंगे। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से तमिलनाडु की विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए जरूरी केंद्रीय धन के आवंटन की मांग की जाएगी। इसके अलावा, school शिक्षा विभाग के अंतर्गत चलाई जा रही सर्व शिक्षा अभियान जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत केंद्र सरकार की तरफ से बकाया राशि को जल्द से जल्द जारी करने का अनुरोध भी किया जाएगा, क्योंकि गर्मियों की छुट्टियों के बाद चार जून से राज्य में सभी विद्यालय दोबारा खुलने जा रहे हैं।

राज्य की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव

जोसेफ विजय ने इसी महीने 10 मई को तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली थी। पद संभालने के ठीक तीन दिन बाद उन्होंने राज्य की विधानसभा में अपना बहुमत भी साबित कर दिया था। उन्होंने मुख्य विपक्षी दल द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम के कुछ सहयोगी दलों को अपने पाले में करके और अन्ना द्रमुक के एक बागी गुट के 25 विधायकों का समर्थन हासिल करके जादुई आंकड़ा प्राप्त किया था। विजय की इस राजनीतिक सफलता ने राज्य में पिछले छह दशकों से चले आ रहे दो प्रमुख क्षेत्रीय दलों के पारंपरिक वर्चस्व को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है और जनता के सामने एक नया राजनीतिक विकल्प पेश किया है।

राष्ट्रीय नेताओं और सहयोगी दलों से भेंट की योजना

निर्धारित सरकारी नियमों के अनुसार, मुख्यमंत्री विजय अपनी इस यात्रा के दौरान देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से भी शिष्टाचार मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही, वे उन राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के शीर्ष नेताओं से भी मिलेंगे जो तमिलनाडु में उनकी सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं। इन नेताओं में मुख्य रूप से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ-साथ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हैं। इन मुलाकातों का उद्देश्य केंद्र और राज्य के संबंधों को मजबूत करना तथा गठबंधन को और अधिक स्थिरता प्रदान करना है।

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