एजेंसी, दिल्ली। Petrol Price Hike : देश के आम नागरिकों की जेब पर एक बार फिर महंगाई की तगड़ी मार पड़ी है। देश में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है और तेल कंपनियों ने शनिवार से पेट्रोल और डीजल के दामों में एक बार फिर बड़ा इजाफा कर दिया है। देश की सबसे प्रमुख और सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की तरफ से साझा की गई नई जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। दिल्ली में शनिवार सुबह से पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी लागू हो चुकी है। देश के अन्य राज्यों और प्रमुख शहरों में भी इसी अनुपात में टैक्स और परिवहन लागत के हिसाब से कीमतों को बढ़ाया गया है। आम जनता के लिए सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि पिछले महज नौ दिनों के भीतर यह लगातार तीसरी बढ़ोतरी है, जिसने मध्यम वर्ग के बजट को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है। दोनों तरह के जीवाश्म ईंधनों के दामों में हर चार-चार दिन के अंतर पर यह वृद्धि की गई है, जिसके चलते अब बाजार में रोजमर्रा की अन्य जरूरी चीजों के महंगे होने का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ गया है।
STORY | Leadership crisis, ‘loot’ in BJP govt: Kharge attacks after 3rd fuel price hike
After the third fuel price hike in eight days, Congress president Mallikarjun Kharge on Saturday alleged that the government was “looting” the public’s earnings in instalments.
In a post in… pic.twitter.com/x72LxrKzOG— Press Trust of India (@PTI_News) May 23, 2026
महानगरों में ईंधन के नए रेट
कीमतों में हुई इस ताजा बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल खरीदने के लिए उपभोक्ताओं को 99.51 रुपये खर्च करने होंगे, जबकि एक लीटर डीजल की कीमत बढ़कर 98.64 रुपये तक पहुंच गई है। इस बढ़ोतरी से पहले दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर की दर पर मिल रहा थी। अगर पिछले कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस महंगाई की शुरुआत 15 मई को हुई थी, जब तेल कंपनियों ने दिल्ली में पेट्रोल और डीजल के दामों में एक साथ तीन-तीन रुपये की भारी बढ़ोतरी की थी। इसके ठीक चार दिन बाद यानी 19 मई को भी ईंधन की कीमतों को दोबारा बढ़ाया गया था, जिसमें पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था। दिल्ली के अलावा देश के अन्य महानगरों का हाल भी कुछ ऐसा ही है। कोलकाता में शनिवार से पेट्रोल की कीमत 94 पैसे की तेजी के साथ 110.64 रुपये प्रति लीटर पर जा पहुंची है, जबकि डीजल भी 95 पैसे महंगा होकर 97.02 रुपये प्रति लीटर की दर पर बिक रहा है। दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई में भी पेट्रोल की कीमतों में 82 पैसे और डीजल में 87 पैसे का उछाल आया है, जिसके बाद वहां आज से एक लीटर पेट्रोल 105.31 रुपये और डीजल 96.98 रुपये का मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश के शहरों पर असर और सीएनजी में भी तेजी
ईंधन के दामों में हुई इस देशव्यापी बढ़ोतरी का सीधा और बड़ा असर उत्तर प्रदेश के तमाम छोटे-बड़े जिलों में देखने को मिल रहा है। राज्य के प्रमुख औद्योगिक और रिहायशी शहरों जैसे गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज, अयोध्या, मु动दाबाद, आगरा और मथुरा में प्रशासन द्वारा तेल के नए रेट जारी कर दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्थानीय टैक्स और परिवहन से जुड़ी लागत के अलग होने के कारण शहरों के बीच कीमतों में थोड़ा अंतर जरूर दिखाई दे रहा है, लेकिन कुल मिलाकर हर जगह दाम बढ़े हैं। केवल पेट्रोल और डीजल ही नहीं, बल्कि आम लोगों के सफर को सस्ता बनाने वाली सीएनजी के दामों में भी इस बार 1 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि कर दी गई है। इस दोहरी मार की वजह से अब माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन की लागत बढ़ना पूरी तरह से तय माना जा रहा है, जिसका सीधा असर आने वाले दिनों में सब्जियों, फल और दूध जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार और युद्ध के चलते उपजा संकट
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आ रही इस भारी तेजी के पीछे मुख्य वजह अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक समीकरण और दुनिया के कुछ हिस्सों में चल रहा तनाव है। पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी संघर्ष की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा का एक बहुत बड़ा संकट पैदा हो गया है। हालांकि युद्ध के मोर्चे पर फिलहाल अस्थाई रूप से सीजफायर यानी युद्धविराम चल रहा है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट जैसे बेहद महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग पर बनी अस्थिरता और तनाव की स्थिति की वजह से कच्चे तेल की सुरक्षित आपूर्ति बहाल नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कीमत में लगातार आ रही गिरावट भी एक बड़ा कारण है। इन दोनों वजहों से भारत की तेल विपणन कंपनियों की कच्चे तेल को आयात करने की लागत काफी ज्यादा बढ़ गई है, और इसी घाटे की भरपाई करने के लिए कंपनियां लगातार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ा रही हैं। बाजार के एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि अगर वैश्विक स्तर पर स्थितियां जल्द नहीं सुधरीं, तो आने वाले समय में कीमतों में और भी ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
विपक्ष का हमला और पीएम मोदी पर निशाना
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी को लेकर देश के भीतर अब सियासत भी पूरी तरह से गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक post साझा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधा और उन्हें ‘महंगाई मैन’ का नाम दे दिया। विपक्ष ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री ने महज नौ दिनों के भीतर पेट्रोल और डीजल के दामों में पांच रुपये की बढ़ोतरी करके आम जनता की कमर तोड़ दी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार को केवल बड़ी तेल कंपनियों के मुनाफे और पूंजीपतियों के फायदे की चिंता है, जबकि दुनिया भर की अन्य सरकारें संकट के इस दौर में अपनी जनता को राहत देने का काम कर रही हैं। विपक्ष का कहना है कि परिवहन लागत महंगी होने से देश की गरीब और मध्यम वर्गीय जनता पर आर्थिक बोझ बहुत ज्यादा बढ़ गया है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी और गुस्सा देखा जा रहा है।
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