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मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में महसूस किए गए भूकंप के झटके, बैतूल में 3.9 तीव्रता के कंपन से घरों से बाहर निकले सहमे लोग

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एजेंसी, बैतूल। Earthquake Today News : मध्य प्रदेश के बैतूल जिले और उसके आस-पास के इलाकों में शनिवार रात को भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिससे स्थानीय निवासियों में कुछ समय के लिए डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रिक्टर पैमाने पर इस हल्के भूकंप की तीव्रता 3.9 मापी गई है। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भूमि में यह हलचल रात को 9 बजकर 31 मिनट और 2 सेकंड पर दर्ज की गई। बैतूल शहर के अलावा मुलताई, पांढुर्णा और आस-पास के ग्रामीण अंचलों में भी लोगों ने धरती में तेज कंपन का अनुभव किया, जिसके बाद कई लोग सुरक्षा के लिहाज से अपने घरों से बाहर खुले मैदानों की तरफ भागने लगे।

जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था भूकंप का मुख्य केंद्र

प्राप्त विवरण के मुताबिक, इस भूगर्भीय हलचल का मुख्य केंद्र बैतूल जिले के अंतर्गत आने वाले मुलताई क्षेत्र के मानीखापा गांव के पास स्थित था। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने बताया कि यह केंद्र प्रसिद्ध पर्यटक स्थल पचमढ़ी से लगभग 68 किलोमीटर दूर दक्षिण-दक्षिण पूर्व दिशा में जमीन की सतह से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में था। हालांकि, राहत की बात यह रही कि तीव्रता कम होने के कारण इस आपदा से क्षेत्र में किसी भी तरह की बड़ी क्षति या जान-माल के नुकसान की कोई अप्रिय खबर सामने नहीं आई है।

गहराई कम होने के चलते लोगों को ज्यादा महसूस हुआ कंपन

भूकंप वैज्ञानिकों का कहना है कि रिक्टर पैमाने पर तीव्रता केवल 3.9 होने के बावजूद लोगों को झटके काफी तेज लगे, क्योंकि इसका केंद्र जमीन में ज्यादा गहराई पर नहीं था। कम गहराई पर होने वाली भूगर्भीय हलचलों का सीधा असर ऊपरी सतह पर अधिक महसूस होता है। मुलताई और नवनिर्मित पांढुर्णा जिले के कई रिहायशी इलाकों में स्थिति यह थी कि लोग दहशत के कारण आधी रात को काफी देर तक सड़कों और सोसायटियों के बाहर खड़े रहे। इस दौरान लोगों ने अपने रिश्तेदारों और करीबियों को फोन करके उनकी कुशलता की जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कहीं भी कोई जनहानि नहीं हुई है।

प्रशासन ने सतर्क रहने और अफवाहों से बचने की दी सलाह

स्थानीय जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम ने स्थिति का जायजा लेने के बाद आम जनता से किसी भी तरह की भ्रामक अफवाहों पर ध्यान न देने की पुरजोर अपील की है। क्षेत्र के कुछ पुराने बाशिंदों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से इस बेल्ट में बेहद हल्के झटके और भूगर्भीय आवाजें सुनाई दे रही थीं। इस विषय पर भू-विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मुख्य भूकंपीय गतिविधि के बाद छोटे-छोटे झटके यानी मुख्य झटके के बाद के झटके आने की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। इसी सावधानी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को जर्जर और कमजोर मकानों से फिलहाल दूर रहने की हिदायत दी है।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भी दर्ज की गई भूगर्भीय हलचल

मध्य प्रदेश के साथ-साथ पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिला मुख्यालय और उससे जुड़े इलाकों में भी शनिवार की देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। पर्वतीय क्षेत्र में अचानक आई इस हलचल से पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच कुछ देर के लिए चिंता बढ़ गई। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरकाशी में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.4 दर्ज की गई, जो बैतूल के मुकाबले काफी कम थी।

केवल जिला मुख्यालय तक सीमित रहा पहाड़ी क्षेत्र का असर

आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तरकाशी में इस भूकंप का मुख्य केंद्र जिला मुख्यालय से उत्तर-पूर्व दिशा में लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर जमीन के अंदर पांच किलोमीटर की गहराई में मौजूद था। पहाड़ी क्षेत्र के स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कंपन का यह असर केवल मुख्य बाजार और जिला मुख्यालय के आस-पास के सीमित दायरे तक ही देखा गया, जबकि जिले की अन्य दूर-दराज की तहसीलों में इसे महसूस नहीं किया गया। उत्तराखंड के इस पहाड़ी हिस्से से भी किसी प्रकार के ढांचागत नुकसान या मलबे के गिरने की कोई सूचना दर्ज नहीं की गई है, और संबंधित विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।

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