एजेंसी, भोपाल/इंदौर। CM Mohan Yadav : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान परशुराम की जन्मस्थली जानापाव कुटी में आयोजित प्रकटोत्सव कार्यक्रम के दौरान एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि जानापाव को एक भव्य तीर्थ स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ 17 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की लागत से ‘श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक’ का निर्माण होगा। इस परियोजना का उद्देश्य भगवान कृष्ण की लीलाओं और भगवान परशुराम के आदर्श जीवन से नई पीढ़ी को परिचित कराना है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
भगवान श्री परशुराम जी की जयंती पर आज उनकी जन्मस्थली जानापाव पहुँचकर दर्शन कर सभी के कल्याण की कामना की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विचार साझा किए।
भगवान श्री परशुराम जी का जीवन आस्था, परंपरा और सनातन संस्कृति का गौरव है। हमारी सरकार उनके दिव्य स्थान को ₹17.50 करोड़ की… pic.twitter.com/6aMiUmdZ6M
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) April 19, 2026
शस्त्र और शास्त्र के संगम का केंद्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भगवान परशुराम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे हर काल में अन्याय के खिलाफ खड़े रहे। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम केवल शस्त्र ही नहीं, बल्कि शास्त्र के भी प्रकांड ज्ञाता थे। उन्होंने भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महान योद्धाओं को गढ़ा था। सीएम ने यह भी साझा किया कि भगवान श्री कृष्ण ने भी भगवान परशुराम के आशीर्वाद से सुदर्शन चक्र प्राप्त किया था, जिसका उपयोग उन्होंने अधर्म के नाश के लिए किया। उन्होंने कहा कि यह स्थान भगवान कृष्ण के जीवन को बदलने वाला केंद्र रहा है।
नदियों का पुनर्जीवन और विकास की योजना
जानापाव क्षेत्र की प्राकृतिक महत्ता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहाँ चंबल और गंभीर सहित साढ़े सात नदियों का उद्गम स्थल है। उन्होंने जिला प्रशासन को गंभीर और अजनार नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने नदियों को ‘धरती माता की धमनियां’ बताते हुए कहा कि केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी लिंक परियोजनाओं से मालवा और बुंदेलखंड के किसानों को सिंचाई और पीने का भरपूर पानी मिलेगा।
कैसा होगा प्रस्तावित ‘श्री परशुराम-श्री कृष्ण लोक’
इस नए लोक को एक आधुनिक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में डिजाइन किया जा रहा है। इसके मुख्य आकर्षण निम्नलिखित होंगे:
भव्य प्रवेश द्वार: पत्थर और धातु से बना 30 फीट ऊंचा प्रवेश द्वार पर्यटकों का स्वागत करेगा।
संग्रहालय और दीर्घाएं: यहाँ पांच विशेष दीर्घाएं (गैलरी) बनाई जाएंगी, जिनमें शस्त्र, उत्पत्ति, स्वरूप, संतुलन और ध्यान दीर्घा शामिल होंगी। ये दीर्घाएं पौराणिक महत्व और युद्धकला को दर्शाएंगी।
कांस्य प्रतिमाएं: प्रांगण में भगवान श्री परशुराम और भगवान श्री कृष्ण की भव्य कांस्य मूर्तियां स्थापित की जाएंगी।
धार्मिक सुविधाएं: कथा वाचन के लिए विशेष मंच, व्यू पॉइंट, लैंडस्केपिंग और पाथवे का निर्माण किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को सुगम अनुभव मिल सके।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में माताओं और बहनों का स्थान सर्वोपरि है और उनकी सरकार महिलाओं के अधिकारों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानापाव को ‘पुण्य प्रशस्त मार्ग’ बताते हुए कहा कि यहाँ आने वाले हर श्रद्धालु को आध्यात्मिक शांति और आनंद की प्राप्ति होगी।
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