एजेंसी, वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक सोशल मीडिया संदेश साझा किया है, जिसने खाड़ी क्षेत्र में पहले से जारी तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है। ट्रंप ने अपने ‘ट्रूथ सोशल’ अकाउंट पर लिखा है कि ईरानी वार्ताकार समझौते के लिए मिन्नतें कर रहे हैं, भले ही वे सार्वजनिक रूप से इस बात को स्वीकार नहीं कर रहे हों। ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि ईरानी प्रतिनिधियों को बातचीत की मेज पर जल्द ही गंभीरता दिखानी होगी, अन्यथा उनके लिए बहुत देर हो जाएगी।
#WATCH | US President Donald Trump says, “They (Iran) are begging to make a deal, not me. They’re begging to make a deal, and anybody who saw what was happening over there would understand why they want to make a deal. But they say, we’re not talking to them… They’re not fools.… pic.twitter.com/4zIUWiCgFU
— ANI (@ANI) March 26, 2026
ईरान की सैन्य शक्ति पर ट्रंप का बड़ा दावा डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में दावा किया है कि ईरान की सेना अब पूरी तरह से नष्ट हो चुकी है। उनके अनुसार, ईरानी सेना की ताकत अब इस कदर खत्म हो गई है कि उनके लिए युद्ध के मैदान में वापसी करना मुमकिन नहीं है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान ने उनकी 15 सूत्री शांति योजना को ठुकराते हुए जंग जारी रखने का ऐलान किया है।
ये भी पढ़े : भारत सरकार ने ईंधन की कमी की अफवाहों को नकारा : कहा- देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार, घबराने की जरूरत नहीं
ईरान ने बातचीत के लिए रखी हैं 5 प्रमुख शर्तें दूसरी तरफ, ईरान ने अमेरिकी दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि वह अपने हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका वास्तव में युद्ध रोकना चाहता है, तो उसे ईरान की पांच शर्तें माननी होंगी। इन शर्तों में ईरानी अधिकारियों को निशाना बनाने पर रोक, भविष्य में किसी भी हमले की लिखित गारंटी, युद्ध से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता देना शामिल है।
मध्य पूर्व में युद्ध के हालात और भी गंभीर जंग के 27वें दिन भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति ईरान की कमजोरी का दावा कर रहे हों, लेकिन धरातल पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। शांति प्रस्ताव को ठुकराने के बाद ईरान ने पलटवार करते हुए अमेरिकी एयरबेस ‘अब्राहम लिंकन’ पर मिसाइलें दागी हैं। साथ ही ईरान ने लाल सागर के समुद्री रास्ते को पूरी तरह बंद करने की बात भी कही है। इजरायल द्वारा आईआरजीसी के नेवी कमांडर अलीरेजा तांगसिरी की हत्या के दावों के बाद इस क्षेत्र में हालात और भी नाजुक हो गए हैं।


