ईंधन भंडार

ईंधन भंडार संकट की खबरें महज अफवाह : केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया, देश के पास सुरक्षित है 60 दिनों का पेट्रोल, डीजल और एलपीजी भंडार

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, दिल्ली। केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि देश के पास लगभग 60 दिनों का ईंधन भंडार मौजूद है और पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। सरकार ने ईंधन की किल्लत से जुड़ी खबरों को ‘जानबूझकर फैलाया गया गलत सूचना अभियान’ करार दिया है, जिसका उद्देश्य जनता के बीच घबराहट पैदा करना है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पुष्टि की है कि देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और वे सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।

मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पेट्रोल या डीजल की किसी भी प्रकार की राशनिंग नहीं की जा रही है। पेट्रोलियम उत्पादों के शोधन के मामले में दुनिया में चौथे स्थान पर और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक होने के नाते भारत अपनी घरेलू ईंधन उपलब्धता को संरचनात्मक रूप से मजबूत बनाए रखता है। भारत वर्तमान में 150 से अधिक देशों को परिष्कृत ईंधन की आपूर्ति कर रहा है। बयान के अनुसार, कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधन में परिवर्तित करने वाली प्रत्येक भारतीय रिफाइनरी अपनी क्षमता से 100 प्रतिशत से भी अधिक पर चल रही है। अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति भारतीय पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है।

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आपूर्ति की स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया गया कि भारत के पास कुल 74 दिनों की कच्चे तेल और ईंधन भंडारण की क्षमता है। मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के 27वें दिन भी हमारे पास लगभग 60 दिनों का वास्तविक भंडार (जिसमें कच्चा तेल, उत्पाद भंडार और रणनीतिक भंडारण शामिल है) मौजूद है। वैश्विक स्तर पर स्थितियां चाहे जो भी हों, प्रत्येक भारतीय नागरिक की जरूरतों को पूरा करने के लिए लगभग दो महीने की स्थिर आपूर्ति उपलब्ध है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि दो महीने की अग्रिम खरीद सुनिश्चित होने की वजह से अगले कुछ महीनों तक भारत के लिए कोई समस्या नहीं है और ऐसी स्थिति में रणनीतिक भंडारण में रखी गई मात्रा का महत्व गौण हो जाता है। देश में भंडार समाप्त होने के किसी भी दावे को पूरी तरह से खारिज किया जाना चाहिए।

मंत्रालय ने आगे जानकारी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव के बावजूद कच्चे तेल की आवक स्थिर बनी हुई है। जो भी व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, उसकी भरपाई वैकल्पिक स्रोतों से अधिक आपूर्ति के जरिए की जा रही है। घरेलू उत्पादन में वृद्धि और आयात की जरूरतों में कमी आने के कारण एलपीजी की आपूर्ति भी पूरी तरह पर्याप्त है। कई देशों से अतिरिक्त कार्गो सुरक्षित कर लिए गए हैं, जिससे निरंतर उपलब्धता बनी रहेगी। सरकार ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट और कमी या आपातकालीन उपायों के मनगढ़ंत दावे केवल अनावश्यक चिंता पैदा करने के लिए फैलाए जा रहे हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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