मुर्गी पकड़ना, रस्साकशी और दौड़, पश्तून पाकिस्तानियों का ईद मनाने का अनोखा तरीका- देखें वीडियो
एजेंसी, बलूचिस्तान। पश्तून पाकिस्तानियों का ईद मनाने का अनोखा तरीका है, जिसे देखने के लिए काफी भीड़ इकट्ठा होती है। बलूचिस्तान प्रांत के पहाड़ी क्षेत्रों में सैकड़ों पश्तून ईद को लेकर पाकिस्तानी पारंपरिक खेलों में भाग लेते हैं। इस पारंपरिक खेल में मुर्गी पकड़ना, रस्साकशी और दौड़ जैसे खेल शामिल होते हैं। सोमवार को बलूचिस्तान प्रांत के पहाड़ी पिशिन जिले में ईद-उल-फितर मनाने के लिए सैकड़ों पश्तून पाकिस्तानी पारंपरिक खेलों में शामिल हुए, जिन्हें देखने के लिए उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र के दूर-दूर से लोग आए। बलूचिस्तान, पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत है, जो लंबे समय से चल रहे उग्रवाद का केंद्र रहा है और हाल के वर्षों में यह और भी तीव्र हो गया है।
🇵🇰 Pashtun Pakistanis celebrate Eid with traditional games
Hundreds of Pashtun Pakistanis take part in traditional games in the mountainous regions of Balochistan province. The games — such as chicken catching, tug-of-war and running — draw spectators from across the region. pic.twitter.com/BO1spHPd5v
— AFP News Agency (@AFP) March 26, 2026
मुश्किल में भी लोग चुनते हैं खुशी
ईरान और अफगानिस्तान की सीमा से लगे इस क्षेत्र में अलगाववादी आतंकवादी हमलों में अक्सर सुरक्षा बलों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और गैर-पाकिस्तानी नागरिकों को निशाना बनाया जाता रहा है। सोमवार के खेलों में रस्साकशी, कुश्ती, दौड़ और मुर्गी पकड़ने की प्रतियोगिताएं शामिल थीं, जिन्हें देखने के लिए दूर-दूर से दर्शक आए। खेलों के आयोजक सैयद जियाउद्दीन ने एएफपी को बताया, “ये हमारे सांस्कृतिक खेल हैं, जिन्हें हमने एक बार फिर से पुनर्जीवित किया है। ये परंपराएं हमें हमारे पूर्वजों से विरासत में मिली हैं। अब हम हर साल, हर ईद पर ऐसे खेल आयोजित करेंगे।”
हमारा पारंपरिक खेल, ताकत का प्रदर्शन
रस्साकशी प्रतियोगिता में भाग ले रहे सिराज-उद-दीन ने बताया कि यह उनका पारंपरिक खेल है और इससे ताकत का प्रदर्शन होता है। सिराज ने कहा, “हमारे इलाके में मेहनती लोग रहते हैं, उन्हें रस्साकशी का खेल बहुत पसंद है। इसमें व्यक्ति की ताकत और सामर्थ्य का आकलन होता है।” क्षेत्र के निवासियों ने इस खेल को एक सकारात्मक आयोजन बताया, क्योंकि यह इलाका माल और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों से ग्रस्त है, जो ईरान और अफगानिस्तान के साथ देश की खुली सीमा के माध्यम से तस्करी करते हैं। सैयद कमाल शाह ने कहा, “हमारे इलाके को ऐसे उत्सव की सख्त जरूरत है।“पिशिन जिला पहले शांत रहता था, लेकिन कुछ समय से यहां अशांति बढ़ रही है। ऐसे उत्सव का आयोजन शांति लाएगा और मादक पदार्थों के सेवन पर रोक लगाएगा।”
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