एजेंसी, दिल्ली/भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की। खास बात यह रही कि इस बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल भी उनके साथ मौजूद थे। विजयवर्गीय की दिल्ली में मौजूदगी मध्य प्रदेश के बजट सत्र के दौरान विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयानों से मुख्यमंत्री और विजयवर्गीय के बीच अंदरूनी मतभेद नजर आए थे।
इसके बाद पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल ने एक ही दिन अलग-अलग समय पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस बार शिवराज सिंह चौहान से मुख्यमंत्री ने मंत्री प्रहलाद पटेल के साथ मुलाकात की है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी दिल्ली पहुंचे थे, लेकिन वे एक निजी शादी समारोह में शामिल होने गए थे।
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शिवराज, मोहन और प्रहलाद के बीच हुई बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से जारी जानकारी में बताया गया कि खेती से जुड़े इन अहम मुद्दों पर चर्चा हुई है :
– सरसों उत्पादकों को भावांतर का तोहफा: लंबे समय से लंबित सरसों की खरीद पर भावांतर भुगतान योजना को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरी झंडी दे दी है। इससे प्रदेश के लाखों सरसों उत्पादक किसानों को बाजार और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि सीधे खाते में मिलेगी।
– तुअर की 100% सरकारी खरीद: शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को स्वयं स्वीकृति पत्र सौंपा, जिसके तहत अब प्रदेश के किसानों की पूरी की पूरी तुअर फसल सरकार खरीदेगी। यह दलहन उत्पादन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश के लिए एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
– 2026 किसान कल्याण वर्ष का रोडमैप: वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाते हुए केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि मध्य प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें मूंग, उड़द और सोयाबीन जैसे तिलहनों पर भी विशेष फोकस रहेगा।


