एजेंसी, गुंटूर। आंध्रप्रदेश के गुंटूर में प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष अंबाकी रामबाबू ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को गाली दी। इसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। पुलिस ने शिकायत के बाद रामबाबू को उनके घर से शनिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान सत्ताधरी तेलगु देशम पार्टी कार्यकर्ताओं ने गुंटूर की सड़कों और रामबाबू के घर पर कई घंटों तक विरोध प्रदर्शन किया। दर्जनों तेदेपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अंबाती के घर और गाड़ियों में तोड़फोड़ की साथ ही आग भी लगा दी। गुंटूर जिले के पुलिस अधीक्षक वकुल जिंदल ने बताया कि रामबाबू को गिरफ्तार कर लिया गया है। रामबाबू पहले की वाईएसआरसीपी सरकार में सिंचाई मंत्री थे। उन्हें कड़ी सुरक्षा पुलिस अपने साथ ले गई। कार्यकर्ता तेदेपा सुप्रीमो के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के लिए रामबाबू से माफी मांगने की मांग कर रहे थे।
वाईएसआरसीपी ने कहा- रामबाबू की जान को खतरा
– वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली वाईएसआरसीपी ने आरोप लगाया कि रामबाबू पर जानलेवा हमला किया गया और कहा कि तेदेपा समर्थकों के हमले के बाद उनकी जान को गंभीर खतरा है।
– रेड्डी ने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश में जंगल राज जैसी स्थिति हो गई है और नायडू कथित तौर पर अराजकता और राजनीतिक बदले की भावना वाले माहौल की अध्यक्षता कर रहे हैं।
– वाईएसआरसीपी ने कहा कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ हिंसा और हत्या के प्रयास के मामले दिन-ब-दिन बढ़ रहे हैं और सरकार पर सवाल उठाने वाली आवाजों को डराने के लिए जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है।
– इस बीच, वाईएसआरसीपी संसदीय दल के नेता वाईवी सुब्बा रेड्डी ने केंद्रीय गृह सचिव और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को अलग-अलग पत्र लिखकर राज्य में कानून-व्यवस्था की कथित खतरनाक स्थिति पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
वाईएसआरसीपी ने डीजीपी को चिट्ठी लिखी
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू पर जानलेवा हमले की कड़ी निंदा की है, इसे एक खतरनाक, राजनीतिक मकसद वाला काम बताया। डीजीपी को लिखी चिट्ठी में वाईएसआरसीपी के जनरल सेक्रेटरी और सेंट्रल ऑफिस इंचार्ज एमएलसी लेल्ला अप्पिरेड्डी ने कहा कि यह हमला सरकार पर सवाल उठाने वाली विपक्षी आवाजों को डराने की एक सोची-समझी साजिश थी। पार्टी ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि राज्य कितना असुरक्षित हो गया है। वाईएसआरसीपी ने पुलिस की तुरंत कार्रवाई न करने के लिए आलोचना की। उन्होंने इसे प्रशासनिक पंगुता और पुलिस पर राजनीतिक दबाव का सबूत बताया। वाईएसआरसीपी ने हमलावरों और साजिशकर्ताओं दोनों को सजा देने के लिए तुरंत, निष्पक्ष जांच, अंबाती रामबाबू के लिए पूरी सुरक्षा और पूरे राज्य में विपक्षी नेताओं की सुरक्षा की मांग की।


