एजेंसी, भोपाल। मध्य प्रदेश के 1.17 लाख किसानों को मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना की चौथी किस्त का पैसा मिल गया है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने प्रदेश के 1 लाख 17 हजार सोयाबीन किसानों के खाते में 200 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर कर दी है। मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में आयोजित सोयाबीन भावांतर राशि भुगतान के कार्यक्रम से मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर डीबीटी के माध्यम से पैसा ट्रांसफर किया।
भावांतर योजना की चौथी किस्त का पैसा उन किसानों को जारी किया गया है, जिन्होंने 20 दिसंबर 2025 से योजना के बंद होने तक सोयाबीन को मंडी में बेचा था। इस योजना के तहत प्रदेश सरकार अब तक 7 लाख 10 हजार किसानों को 1492 करोड़ रुपये की भावांतर राशि का भुगतान कर चुकी है। इसके अलावा मल्हारगढ़ में 69.50 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात भी मुख्यमंत्री ने दी। इनमें 51.91 करोड़ रुपये की लागत से मंदसौर-नीमच स्टेट हाइैवे पर स्थित मल्हारगढ़ 4-लेन फ्लाई-ओवर का भूमि-पूजन, 5.53 करोड़ रुपये की लागत से पिपलिया मंडी समपार रेलवे अंडर ब्रिज का भूमि-पूजन एवं 2.06 करोड़ रुपए की लागत से मल्हारगढ़ रेलवे स्टेशन रोड पर पुल निर्माण कार्य का लोकार्पण शामिल था।
कब आएगी मुख्यमंत्री किसान कल्याण की अगली किस्त
हालांकि प्रदेश के 81 लाख से ज्यादा किसानों का मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की 14वीं किस्त का इंतजार अभी तक खत्म नहीं हो रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त 19 नवंबर को जारी हुई थी। यहां तक अब 22वीं किस्त की तारीख भी नजदीक आ गई है। लेकिन मध्य प्रदेश के किसानों को 14वीं किस्त के रूप में 2000 रुपये अभी तक नहीं मिले हैं।
क्या किसानों को एक साथ मिलेगी 2 किस्तें
ऐसे में यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि किसानों को सीएम किसान की अगली किस्त के लिए बजट के बाद तक इंतजार करना पड़ सकता है। अधिकारियों की मानें तो अभी फिलहाल इस किस्त को जारी करने का कोई कार्यक्रम नहीं है। यह भी हो सकता है कि किसानों को 14वीं और 15वीं किस्त का पैसा एक साथ ट्रांसफर हो जाए।


