एजेंसी, आगरा। आगरा में गणतंत्र दिवस के अवसर पर ताजमहल पर तिरंगा फहराया जाने का मामला सामने आया है। अखिल भारत हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने ताजमहल में तिरंगा फहराया जाने का दावा किया है। राजस्थान पत्रिका वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। लेकिन वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया। एएसआई और सीआईएसएफ ने घटना की जांच शुरू की है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। हिंदू संगठन ताजमहल को तेजोमहालय बताते हैं। उनका कहना है कि यह शिव मंदिर है।
हिंदू संगठन ने तिरंगा फहराने का किया दावा
उत्तर प्रदेश के आगरा के ताजमहल में अखिल भारतीय हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने तिरंगा फहराए जाने का दावा किया है, जिसका सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया गया है। राजस्थान पत्रिका वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन हिंदूवादी कार्यकर्ताओं का दावा है कि उन्होंने ताजमहल में पहली बार राष्ट्रध्वज फहराया है। इसके साथ उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अधिक मांग की है कि सभी मदरसों और मस्जिदों में राष्ट्रीय ध्वज फहराना अनिवार्य किया जाए। इसलिए उन्होंने यहां पर भी राष्ट्रध्वज फहराया है।
ताजमहल नहीं तेजोमहल है
अखिल भारत हिंदू महासभा ने कहा है कि उन लोगों की लंबे समय से मांग है कि ताजमहल में हिंदू धार्मिक वीडियो बनाने करने की अनुमति दी जाए, लेकिन सरकार के अपराध तत्व विभाग ऐतिहासिक तथ्यों को दबा रहीे हैं, यह पहली बार नहीं है। हिंदू संगठन का दावा है कि ताजमहल तेजो महल के नाम से जाना जाता है और इसमें शिवा शिवलिंग है। उन्होंने जलाभिषेक करवाने की मांग की है।
सीसीटीवी फुटेज का किया जा रहा निरीक्षण
ताजमहल में तिरंगा फहराए जाने का मामला सामने आने के बाद सुरक्षा में लगी एजेंसियों में हड़कंप मच गया। सीआईएसएफ और एएसआई मामले की जांच कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला जा रहा है। तिरंगा फहराए जाने के बाद सुरक्षा में चूक मानी जा रही है, जिसको देखते हुए सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है।


