एजेंसी, अमृतसर। दिल्ली धमाके के बाद अब पंजाब के अमृतसर में बड़ा खुलासा हुआ है। यहाँ पुलिस ने पाकिस्तान से संचालित हथियार व नशा तस्करी नेटवर्क का गंभीर भंडाफोड़ करते हुए एक सक्रिय तस्कर गिरोह को पकड़ लिया। अमृतसर रूरल पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर रविवार को कार्रवाई की। इसमें पाँच मुख्य आरोपी पकड़े गए। उनके पास से छह आधुनिक पिस्तौलें, एक किलो से अधिक हेरोइन तथा नकदी ज़ब्त की गई। यह गिरोह सीमा पार बैठे सरगनाओं के इशारे पर हथियार और प्रतिबंधित पदार्थों की आपूर्ति करता था। पुलिस के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया और ड्रोन का उपयोग कर सामान की आवाजाही का इंतज़ाम करते थे। इस कार्रवाई में अमृतसर कमिश्नरेट ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय किया। पकड़े गए कई लोग अमृतसर क्षेत्र के ही निवासी हैं और पंजाब में हथियार व नशे की सप्लाई चेन चलाते थे। जब्त हथियारों में पाँच .३० बोर की पिस्तौलें और एक ग्लॉक नौ एमएम शामिल है। बरामद हेरोइन का कुल वजन एक किलो दस ग्राम पाया गया।
आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़ का खुलासा
पुलिस डीजीपी ने बताया कि यह नेटवर्क पाकिस्तान-आइएसआइ समर्थित स्मगलिंग चैन से जुड़ा हुआ था। गिरोह का माल नेव पंडोरी नामक गैंगस्टर को पहुँचाया जाना था, जो जट्टू भगवानपुरिया का करीबी माना जाता है। इससे आतंकी और आपराधिक गठजोड़ की परतें खुलीं। जाँच में पता चला कि आरोपी पाकिस्तान से संपर्क रखने के लिए एनक्रिप्टेड ऐप इस्तेमाल करते थे और ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से ड्रग्स तथा हथियार भेजे जाते थे। सोशल मीडिया पर कोड भाषा के ज़रिए सौदे तय होते थे। पुलिस ने छह पिस्तौल, दो मैगज़ीन, नब्बे कारतूस और सात लाख पचास हज़ार रुपये की नशीली कमाई बरामद की। एक कार और तीन मोबाइल फ़ोन भी मिले। आरोपी अक्सर अमृतसर रूरल के जंगल क्षेत्रों में छिपकर रहते थे। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। वे नेव पंडोरी को हथियार सप्लाई करने वाले थे। जट्टू भगवानपुरिया का नाम सामने आने से प्रकरण और संवेदनशील हो गया।
पूरे नेटवर्क को ख़त्म करने के लिए छापेमारी जारी
पुलिस ने छेहर्टा और कैंटोनमेंट थानों में आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज किए हैं। एफआइआर में तस्करी, हथियार आपूर्ति और ड्रग वितरण की धाराएँ शामिल हैं। डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस सीमा सुरक्षा को लेकर सतर्क है और पूरे नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इससे पहले बीएसएफ ने सीमा पर कई ड्रोन ड्रॉप रोके थे, जिनमें दो तस्कर पकड़े गए और आठ पैकेट हेरोइन जब्त हुई। पंजाब में ऐसी कार्रवाईयाँ तेज़ की गई हैं ताकि युवाओं को नशे और हिंसा से बचाया जा सके।
युवाओं को नशे से दूर रखने को जागरूकता अभियान
यह कार्रवाई पंजाब की सीमा सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने का संकेत है। पाकिस्तान की ओर से आने वाले किसी भी खतरे को रोकने के लिए खुफिया इकाइयाँ सक्रिय हो चुकी हैं। गिरोह के मुख्य संचालकों तक पहुँचने के प्रयास तेज किए गए हैं। अमृतसर रूरल पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बढ़ाया है। नेव पंडोरी जैसे नामों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। जट्टू भगवानपुरिया का संबंध आतंकी साजिशों की संभावना की ओर ध्यान आकर्षित करता है। पंजाब सरकार ने सख्त कदम उठाने की घोषणा की है। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता शिविर चलाए जा रहे हैं। सीमा पर ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है। यह पूरा ऑपरेशन राज्य में शांति लौटाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जाँच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।


