पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच नहीं बनी बात, तीसरे दौर की शांति वार्ता भी फेल

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एजेंसी, नई दिल्ली। पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच तीसरे दौर की शांति वार्ता भी फेल हो गई। दोनों के बीच शांति के लिए बातचीत तुर्की के इस्तांबुल में हो रही थी, लेकिन ये बेनतीजा रही। दरअसल बातचीत के दौरान पाक डेलिगेशन कोई तार्किक तर्क नहीं दे सका और उसने वार्ता से हटने का फैसला लिया। उसके इस फैसले से कतर और तुर्की भी हैरान रह गए।

पाक-अफगानिस्तान के बीच शांति वार्ता क्यों हुई फेल? 
सूत्रों के मुताबिक, पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि तालिबान शासन सीमा पार आतंकवाद पर लिखित गारंटी देने के लिए तैयार नहीं है, जिसकी वजह से बात नहीं बनी। बातचीत में शामिल मध्यस्थ भी अब थक गए हैं। किसी नई कोशिश की संभावना बहुत कम है। उन्होंने तालिबान पर गंभीर आरोप भी लगाए। आसिफ का कहना है कि आतंकवाद से निपटने के लिए वह गंभीर नहीं हैं। जबकि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। इस्तांबुल वार्ता के दौरान कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। दोनों दौर की बातचीत में, पाक डेलिगेशन मूल मुद्दों को हल नहीं कर सका। इस्लामिक अमीरात ने बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए उचित और तार्किक प्रस्ताव दिए, जो मध्यस्थों ने विश्वसनीय लगे।

शांति वार्ता फेल, सीमा पर गोलीबारी 
दोनों के बीच बातचीत विफल रहने का नतीजा लगातार सीमा पर देखने को मिल रहा है। दोनों के बीच तनाव फिर भड़क गया है। जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अधिकारी सीमा पार चरमंपथ का स्थायी समाधान खोजने के लिए तुर्किये में वार्ता कर रहे थे, उसी समय दोनों देशों की सेनाओं के बीच गोलीबारी हुई।

सीजफायर के बीच भी हो रही गोलीबारी 
बता दें कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 11 से 15 अक्टूबर के बीच हुई झड़पों में दोनों पक्षों के ही नुकसान की खबर है। हालांकि, एक अस्थायी संघर्षविराम के बाद स्थिति को काबू में कर लिया गया था। संघर्षविराम को बढ़ा दिया गया था। लेकिन गुरुवार को फिर से गोलीबारी हुई और सीजफायर खतरे में पड़ गया। हालांकि, बाद में स्थिति को कंट्रोल कर लिया गया। दोनों देशों ने ही इस गोलीबारी के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया।

 

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