एजेंसी, नई दिल्ली। तालिबान के साथ चल रहे संघर्ष में अपने सैनिकों को कई झटके लगने के बावजूद पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने एक बार फिर भारत विरोधी बयान दिया है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, मुनीर ने काकुल स्थित पाकिस्तान सैन्य अकादमी (PMA) में पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए कहा कि “परमाणु वातावरण में युद्ध के लिए कोई जगह नहीं है।” ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के साथ हुए संक्षिप्त संघर्ष में कई प्रमुख हवाई अड्डे खोने वाली सेना के प्रमुख मुनीर ने दावा किया कि पाकिस्तान डरेगा नहीं।
हम बयानबाजी से नहीं डरेंगे: मुनीर
मुनीर ने कहा, “हम आपकी बयानबाजी से न तो कभी डरेंगे और न ही दबाव में आएंगे और मामूली उकसावे का भी बिना किसी झिझक के पूरी क्षमता से, निर्णायक जवाब देंगे। तनाव बढ़ने की पूरी जिम्मेदारी भारत पर होगी, जिसके अंततः पूरे क्षेत्र और उससे आगे के लिए विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।” उन्होंने इस तथ्य को छिपाने की कोशिश की कि उनके डीजीएमओ ने ही भारतीय हमलों के बाद युद्ध विराम की मांग की थी।मुनीर ने कहा, “यदि शत्रुता की नई लहर शुरू होती है, तो पाकिस्तान इसकी शुरुआत करने वालों की उम्मीदों से कहीं अधिक प्रतिक्रिया देगा।”
भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कई एयरबेस पर हमले किए
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 12-13 लड़ाकू विमान नष्ट कर दिए, जिनमें ज़मीन पर चार से पाँच F-16 और हवा में पाँच F-16 और JF-17, साथ ही दो जासूसी विमान शामिल थे। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कई एयरबेसों पर भी हमले किए, जिससे रडार, कमांड सेंटर, रनवे, हैंगर और एक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) प्रणाली क्षतिग्रस्त हो गई। इस स्थिति से जूझते हुए, मुनीर ने तथ्यों को छिपाने के लिए बयानबाजी का सहारा लिया।
पाक की मारक क्षमता पर इतराए मुनीर
उन्होंने कहा, “संघर्ष और संचार क्षेत्रों के बीच कम होते अंतर के साथ, हमारी हथियार प्रणालियों की पहुँच और मारक क्षमता भारत के भौगोलिक युद्ध क्षेत्र की भ्रांतिपूर्ण प्रतिरक्षा को ध्वस्त कर देगी। इससे होने वाला गहरा आघातकारी प्रतिशोधात्मक सैन्य और आर्थिक नुकसान अराजकता और अस्थिरता फैलाने वालों की कल्पना और गणना से कहीं परे होगा।”
भारत ने पाक के कई हवाई ठिकानों पर बमबारी की थी
बहरहाल भारत ने इस साल मई में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओजेके) में आतंकी ढाँचों पर सटीक हमले किए थे। यह हमले 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में किए गए थे , जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के इस हमले को प्रभावी ढंग से नाकाम कर दिया और उसके कई विमानों को मार गिराते हुए उसके हवाई ठिकानों पर बमबारी की थी।


