एसआईआर पर हंगामा, लोकसभा में पांचवें दिन भी नहीं हुआ कामकाज, कार्यवाही सोमवार तक स्थगित

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एजेंसी, नई दिल्ली। लोकसभा में मानसून सत्र के पहले सप्ताह के आखिरी दिन भी जमकर हंगामा हुआ जिसके कारण अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ समय बाद ही 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सबसे पहले मौन रखकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अध्यक्ष बिरला ने जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू की, विपक्ष के सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगाते हुए सदन के बीचों-बीच आकर हंगामा करने लगे। उन्होंने हंगामे के बीच ही सदन चलाने का प्रयास किया लेकिन शोर शराबे में सदन में कुछ काम नहीं हो पाया। अध्यक्ष ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कहा कि वे सुनियोजित तरीके से सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं। विपक्ष के सदस्य जानबूझकर सदन नहीं चलने दे रहे है। उन्होंने कहा कि यदि सहमति है तो उसके समाधान का रास्ता मिलजुल कर निकाला जा सकता है। अध्यक्ष बिरला ने कहा कि वह सरकार की प्रतिनिधि को बुलाकर विपक्ष के सदस्यों के साथ वार्ता कर समस्या का समाधान निकाल सकते हैं लेकिन इसके लिए सदस्यों को चर्चा के लिए आना होगा और जानबूझकर सदन में बाधा डालने की प्रवृत्ति छोड़नी होगी। उन्होंने कहा कि गतिरोध दूर करने के लिए सभी को आपस में बात करनी होगी और सदन चलना चाहिए क्योंकि देश में विभिन्न संसदीय क्षेत्रों की 20-20 लाख की आबादी ने एक-एक सदस्य से अपने भविष्य की योजनाओं के लिए आस लगाई है और उन्हें उम्मीद रहती है कि संसद में उनके प्रतिनिधि उनके हित के लिए काम करेंगे। हंगामा कर रहे सदस्यों ने उनकी एक नहीं सुनी और हंगामा बढ़ने लगा तो अध्यक्ष बिरला ने सदन की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

एसआईआर के विरोध में विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद भवन परिसर में किया मार्च, फाड़े पोस्टर… लगाए नारे

विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के कई घटक दलों के सांसदों ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करते हुए शुक्रवार को संसद भवन परिसर में मार्च किया। विपक्ष के नेताओं ने महात्मा गांधी की प्रतिमा से संसद भवन के ‘मकर द्वार’ तक मार्च निकाला। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल और कई अन्य दलों के सांसद शामिल हुए। विपक्षी सांसदों ने एक बड़ा बैनर भी ले रखा था, जिस पर ‘एसआईआर- लोकतंत्र पर वार’ लिखा हुआ था। उन्होंने ‘एसआईआर वापस लो’ और ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगाये। विपक्षी सांसदों की मांग है कि इस विषय पर संसद में चर्चा होनी चाहिए। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों का मताधिकार छीनना और कुछ अभिजात्य लोगों को ही मताधिकार देना चाहती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम से लोकतंत्र का नुकसान होता है। कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार संविधान के तहत काम नहीं कर रही है।

लोकसभा में गतिरोध खत्म, सोमवार से सदन में होगा कामकाज, सभी दलों ने दी सहमति

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में एक सप्ताह से जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए सभी दलों के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलायी जिसमें गतिरोध को खत्म कर सोमवार से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने पर सहमति बन गयी है। लोकसभा सचिवालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार ओम बिरला ने सदन में गतिरोध समाप्त करने के लिए शुक्रवार को सभी दलों के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलायी। इस बैठक संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल के अलावा विभिन दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि बैठक में सोमवार से कामकाज सुचारू रूप से चलाने पर सभी विपक्षी दलों के साथ सहमति बन गयी है। इससे पहले आज लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा कर रहे सदस्यो से आग्रह करते हुए कहा था कि वह सरकार की प्रतिनिधि को बुलाकर विपक्ष के सदस्यों के साथ वार्ता कर समस्या का समाधान निकाल सकते हैं, लेकिन इसके लिए सदस्यों को चर्चा के लिए आना होगा और जानबूझकर सदन में बाधा डालने की प्रवृत्ति छोड़नी होगी। उन्होंने कहा कि गतिरोध दूर करने के लिए सभी को आपस में बात करनी होगी और सदन चलना चाहिए क्योंकि देश की 20-20 लाख की आबादी एक-एक सदस्य से अपने भविष्य की योजनाओं के लिए आस लगाई है और उन्हें उम्मीद रहती है कि संसद में उनके प्रतिनिधि उनके हित के लिए काम करेंगे।

अभिनेता कमल हासन समेत चार सांसदों ने ली राज्यसभा की सदस्यता की शपथ

अभिनय की दुनिया से राजनीति में आए कमल हासन और तीन अन्य सांसदों ने शुक्रवार को राज्यसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। सुबह 11 बजे बैठक शुरू होने पर मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) प्रमुख कमल हासन तथा द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) की राजाथी, एस आर शिवलिंगम और पी विल्सन को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई गई। इन सभी ने तमिल में शपथ ली। सफेद रंग की शर्ट और काली पैंट पहने कमल हासन का सदन में मौजूद सदस्यों ने मेजें थपथपा कर स्वागत किया। उन्हें हाल में राज्यसभा के लिए नामित किया गया था। पी विल्सन का उच्च सदन में यह दूसरा कार्यकाल होगा। हासन, राजाथी, एस आर शिवलिंगम तथा पी विल्सन उच्च सदन में तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व करेंगे। गुरुवार को तमिलनाडु के छह सदस्यों का उच्च सदन में कार्यकाल पूरा हो गया था।

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