मध्य प्रदेश में भाजपा की डॉक्टर मोहन यादव सरकार जवानों किसानों और उद्यमियों की भलाई का संकल्प लेकर आगे बढ़ रही है। केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के 11 साल पूरे होने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जो नई कार्य योजनाएं हाथ में ली हैं, उनसे यह स्पष्ट हो जाता है कि उपरोक्त तीनों वर्ग मध्य प्रदेश में उज्जवल भविष्य की कामना कर सकते हैं। साथ में मध्य प्रदेश के विकास में समुचित भागीदारी निभाने के लिए सामर्थ्यवान भी होने जा रहे हैं। शुरुआत किसानों से करना उचित रहेगा। यह तो सभी जानते हैं कि मध्य प्रदेश सरकार ने अपने स्तर पर अधिकांश फसलों की खरीद पर न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू कर दिया है। इससे हमारे यहां के किसान अपनी पैदावार का उचित मूल्य हासिल कर सकेंगे। अब किसानों को बिजली के भारी भरकम बिल चुकाने की समस्या से और विद्युत संकट की आशंकाओं से मुक्त करने का संकल्प भी क्रियान्वयन की ओर अग्रसर है। राजधानी भोपाल के कुशा भाऊ ठाकरे सभागार में जो समिट संपन्न हुई, उसमें 500 से ज्यादा निवेदक शामिल हुए। इन्हें सरकार ने यह बताने के लिए बुलाया था की आप लोग सौर ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश करके न केवल अच्छी खासी आय प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि अपने राज्य को हमेशा हमेशा के लिए विद्युत संकट की आशंकाओं से मुक्ति प्रदान कर सकते हैं। यह तो हम सभी को मालूम है कि वर्तमान में मध्य प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में जितनी भी बिजली बन रही है उसमें से अधिकांशतः कोयला आधारित संयंत्रों में बनाई जाती है। यह पर्यावरण के लिए नुकसानदायक तो है ही, इसके अस्तित्व पर भी संकट बना हुआ है । वह इसलिए क्योंकि प्रकृति का नियम है, ब्रह्मांड में मौजूद हर जीवित और निर्जीव वस्तु को एक दिन खत्म अथवा नष्ट होना ही पड़ता है। खासकर उन वस्तुओं को जिनका लगातार दोहन किया जाता रहे। यही हालत कोयले के हैं, बिजली पैदा करने के लिए कोयला इतनी अधिक मात्रा में खनन किया जा रहा है, जिसके चलते यह दावा स्पष्ट रूप से किया जा सकता है कि कोयले के भंडार हमारा ज्यादा दिन तक साथ नहीं दे पाएंगे और अंततः ताप विद्युत संयंत्र बंद हो जाने वाले हैं। अतः इसका एक ही विकल्प शाश्वत रूप से स्थाई माना जा सकता है। उसका नाम है सौर ऊर्जा। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपनी इसी योजना के अंतर्गत निवेशकों को समझाया कि युवा उद्यमी ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश करें । सरकार उन्हें हर संभव सहायता देगी। इसमें सब्सिडी के रूप में निवेशकों और उपभोक्ताओं को भी लाभ प्राप्त होने वाला है। इसमें किसानों का फायदा यह है कि वह लोग अपने पथरीले और बंजर भूखंडों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगा सकते हैं । इससे उन्हें अपने खेतों में सिंचाई के लिए तो बिजली मिलेगी ही, अतिरिक्त बिजली पैदा होने पर उसे बेचा भी जा सकेगा। यानी स्वयं के खेतों में सिंचाई के लिए बिजली का भुगतान करने की झंझट से स्थाई मुक्ति मिलेगी और बिजली बेचकर तगड़ा मुनाफा भी कमाया जा सकेगा। अब जवान की बात करते हैं। सरकार ने अग्नि वीरों को मध्य प्रदेश के अनेक विभागीय भर्तियों में आरक्षण देने की मंशा जाहिर कर दी है। लिखने का आशय यह है कि मध्य प्रदेश के जो युवा अग्निवीर के रूप में देश को सेवाएं देकर निर्वत होंगे, उन्हें विभिन्न विभागीय भर्तियों में आरक्षण का लाभ मिलेगा। ऐसे देश की सेवा भी होती रहेगी और युवाओं का भविष्य भी बर्बाद नहीं होगा। इस घोषणा का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि अभी तक अग्नि वीरों के भविष्य पर विपक्षियों द्वारा सवाल खड़े किए जाते रहे हैं। जबकि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार शुरू से ही स्पष्ट करती रही है कि हम युवाओं को देश की सेवा के लिए दक्ष तो कर ही रहे हैं, उनके भविष्य को लेकर भी जागरूकता बनाए रखेंगे। यहां एक बात का उल्लेख करना उचित रहेगा। वह यह कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देश की सुरक्षा को लेकर सदैव ही मजबूत स्थिति बनाए रखना चाहती है। सेना में अग्नि वीर योजना को इसी दृष्टि से जोड़ा गया। इससे होगा यह कि देश कु अधिकांश युवा सैन्य कार्य में दक्ष हो जाएंगे और आरक्षण के चलते सेवा निवृत होने पर अन्य शासकीय नौकरियों में भर्ती पाते रहेंगे। इससे होगा यह कि सदैव ही भारत के पास सैन्य प्रशिक्षित युवाओं की अतिरिक्त रूप से अच्छी खासी तादाद उपलब्ध रहेगी। जिसके चलते कभी भी दुश्मन के दांत खट्टे किए जा सकेंगे। अंत में उद्यमियों के बारे में संक्षिप्त टिप्पणी करना इतना ही पर्याप्त है कि उनसे भी सौर ऊर्जा संयंत्रों में निवेश हेतु आमंत्रित किया गया है। सरकार आश्वस्त करती है कि उन्हें इसकी स्थापना में आर्थिक और संसाधनों के आधार पर हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इस क्षेत्र में निवेश कर के उद्यमी वर्ग अच्छी खासी आय कमा सकेगा।साथ में देश और प्रदेश को बिजली के क्षेत्र में हमेशा हमेशा के लिए आत्मनिर्भर बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर पाएगा।


