राइजिंग नॉर्थईस्ट इन्वेस्टर्स समिट में बोले प्रधानमंत्री मोदी- आतंकवाद हो या नक्सलवाद, नहीं करेंगे कतई बर्दाश्त

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एजेंसी, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है और सरकार इस क्षेत्र की विकास गाथा को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने ‘राइजिंग नॉर्थईस्ट इन्वेस्टर्स समिट’ में यह बात कही। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर की विविधता इसकी सबसे बड़ी ताकत है और यह क्षेत्र विकास में अग्रणी बनकर उभर रहा है। उन्होंने दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि पूर्वोत्तर में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है। हम इसकी विकास गाथा को गति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, नौकरशाह, राजनयिक तथा अन्य लोग शामिल हो रहे हैं। उद्घाटन सत्र में उद्योगपति मुकेश अंबानी, गौतम अदाणी, अनिल अग्रवाल तथा अन्य लोग शामिल हुए। मोदी ने कहा कि उनकी सरकार के लिए ‘ईस्ट’ का मतलब है ‘‘सशक्तीकरण, कार्य, सुदृढ़ीकरण और परिवर्तन।’’

उन्होंने कहा कि एक समय था जब पूर्वोत्तर को केवल सीमांत कहा जाता था, लेकिन अब यह विकास में अग्रणी है और वह क्षेत्र अभूतपूर्व प्रगति देख रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर पहले बम, बंदूक और रॉकेट का पर्याय था, जिसने वहां के युवाओं से बहुत से अवसर छीन लिए लेकिन पिछले दशक में पूर्वोत्तर में 10,000 से अधिक युवाओं ने हिंसा छोड़ दी है। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में पूर्वोत्तर में शिक्षा क्षेत्र में 21,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘चाहे आतंकवाद हो या नक्सलवाद, हमारी सरकार की कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति है।’’ अधिकारियों ने बताया कि शिखर सम्मेलन का उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र को अवसरों की भूमि के रूप में पेश करना, वैश्विक और घरेलू निवेश को आकर्षित करना और प्रमुख हितधारकों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाना है।

अदाणी समूह ने किया बड़ा ऐलान, बदलेगी पूर्वोत्तर राज्यों की तस्वीर, एक लाख करोड़ का करेंगे निवेश

उद्योगपति गौतम अदाणी ने हरित ऊर्जा, सड़क निर्माण एवं पूर्वोत्तर राज्यों में डिजिटल बुनियादी ढांचे का निर्माण करने के लिए अगले 10 वर्ष में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की शुक्रवार को प्रतिबद्धता जतायी और कहा कि उनका समूह पूर्वोत्तर में अपनी उपस्थिति का विस्तार करना चाहता है। इससे पहले समूह ने असम में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की फरवरी में घोषणा की थी। इसके साथ ही पूर्वोत्तर राज्यों में समूह ने अभी तक एक लाख करोड़ रुपये के निवेश की प्रतिबद्धता व्यक्त की है। अदाणी समूह के प्रमुख ने ‘राइजिंग नॉर्थईस्ट इन्वेस्टर्स समिट’ में कहा कि उनके समूह की पहल स्थानीय नौकरियों, स्थानीय उद्यमशीलता तथा सामुदायिक जुड़ाव को प्राथमिकता देगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में अदाणी ने कहा, ‘‘तीन महीने पहले, असम में हमने 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का वादा किया था। आज एक बार फिर, आपके नेतृत्व से प्रेरित होकर मैं घोषणा करता हूं कि अदाणी समूह अगले 10 वर्ष में पूर्वोत्तर में 50,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।’’ यह निवेश स्मार्ट-मीटर, हाइड्रो पंप स्टोरेज, विद्युत पारेषण, सड़क एवं राजमार्ग, डिजिटल बुनियादी ढांचा, लॉजिस्टिक्स के साथ ही ‘स्किलिंग एवं वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर’ के माध्यम से क्षमता-निर्माण सहित हरित ऊर्जा का विस्तार करेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि बुनियादी ढांचे से अधिक, हम लोगों में निवेश करेंगे। प्रत्येक पहल स्थानीय नौकरियों, स्थानीय उद्यमिता और सामुदायिक जुड़ाव को प्राथमिकता देगी। विकसित भारत 2047 इसी के बारे में है।’’

नॉर्थ ईस्ट में दोगुनी खुशियांः अडानी के बाद अंबानी का बड़ा ऐलान, रिलायंस समूह ने रखा 5 साल में निवेश 75 हजार करोड़ पहुंचाने का लक्ष्य

रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को कहा कि उनके समूह ने पूर्वोत्तर राज्यों में दूरसंचार, बायोगैस, खुदरा कारोबार, स्वास्थ्य और खेल-कूद जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नए निवेश के साथ पांच साल में कुल निवेश 75 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। रिलायंस ने इन राज्यों में अभी करीब 30 हजार करोड़ का निवेश कर रखा है। इस तरह पांच वर्षों में समूह वहां करीब 45 हजार करोड़ रुपये का नया निवेश करने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए श्री अंबानी ने कहा कि उनकी सरकार के प्रयासों से पूर्वोत्तर हाशिये से निकल कर भारत के विकास के नक्शे पर उभर आया है। अंबानी ने यहां भारत मंडपम में पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास पर केंद्रित आज से शुरू हुए दो दिन के निवेश सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में प्रधानमंत्री की उपस्थिति में प्राकृतिक एवं खनिज सम्पदा एवं कार्यकुशल मानव संसाधन से सम्पन्न उस क्षेत्र में कारोबार की संभावनाओं और वहां के लिए अपनी योजनाओं की चर्चा की। उन्होंने ‘राइजिंग नॉर्थईस्ट इन्वेस्टर्स समिट’ में कहा कि रिलायंस के प्रस्तावित निवेश से क्षेत्र में अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के 25 लाख अवसर पैदा होंगे। उन्होंने इन राज्यों में 350 बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की प्रतिबद्धता जताई और कहा कि समूह की दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो का 5जी नेटवर्क पूर्वोत्तर राज्यों की करीब 90 फीसदी आबादी तक पहुंच गया है। 50 लाख लोग जियो 5जी नेटवर्क से जुड़े हैं और इस वर्ष यह संख्या दोगुनी हो जाएगी।

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