शाही कैबिनेट बैठक खोलेगी प्रदेश के सर्वांगीण विकास के मार्ग

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इंदौर में मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार की कैबिनेट मीटिंग शाही अंदाज में हुई तो यह संकेत भी देती गई की आने वाले दिनों में प्रदेश संस्कृति और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ने वाला है। हालांकि ये मीटिंग लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के जन्म कल्याण और महिला सशक्तिकरण पर आधारित रही इसीलिए महिलाओं के हित में अनेक फैसले लिए गए। डॉ मोहन यादव सरकार ने लोकमाता अहिल्याबाई को सर्वोपरि रखा है, यह बात एक बार फिर तब सिद्ध हुई जब “देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती वर्ष पर मध्यप्रदेश सरकार ने कैबिनेट की विशेष बैठक आयोजित उन्हीं से शाही अंदाज में की। इससे साबित होता है कि यह केवल कैबिनेट बैठक नहीं, बल्कि होलकर वंश और मातृशक्ति को सम्मान देने का एक सार्थक प्रयास है। “कैबिनेट ने इंदौर, भोपाल, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में मेट्रोपॉलिटन विकास प्राधिकरण गठित करने का फैसला लिया है। इससे यह सार निकलता है कि आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के महानगर विकास के नए आयाम स्थापित करेंगे। इससे इन शहरों के आसपास के क्षेत्रों का योजनाबद्ध विकास किया जा सकेगा। जब विकास का ताना-बाना बन जाएगा तब इंदौर में इसके तहत उज्जैन, धार और देवास के कुछ हिस्सों को भी जोड़ा जाएगा। फलस्वरूप उम्मीद की जा सकती है कि अब महानगरों के आसपास के छोटे जिले भी विकास की दौड़ में शामिल हो पाएंगे। जहां तक महिलाओं के कल्याण की बात है तो कैबिनेट में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में महिला कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम करेंगी। इस आवासीय सुविधा का लाभ औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं को मिल सकेगा। डॉ मोहन यादव समय-समय पर यह भी प्रदर्शित करते रहे हैं कि इस समय प्रदेश पर मालवा का साम्राज्य स्थापित है। यही वजह है कि उन्होंने 20 से 31 मई तक देवी अहिल्याबाई की जयंती के अवसर पर पूरे राज्य में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने का निर्णय सुनाया है। इंदौर, उज्जैन, महिदपुर, ग्वालियर, भोपाल और बैतूल में नाटक, कवि सम्मेलन और एकल कविता पाठ जैसे कार्यक्रम होंगे। प्रसिद्ध “मानतीती योगिनी अहिल्या” नाटक को पूरे प्रदेश में प्रदर्शित किया जाएगा। जैसा कि सतपुड़ा वाणी पहले ही लिख चुका है कि अब सड़क हादसों में घायल लोगों को सहायता के लिए तड़पना नहीं पड़ेगा। पूर्व की संभावना अनुसार कैबिनेट में राहवीर योजना’ को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत यदि कोई राहगीर किसी सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाता है तो सरकार उसे 25,000 रुपये का इनाम देगी। साथ ही पुलिस उस व्यक्ति से कोई पूछताछ नहीं करेगी। राहवीर को इस दौरान 108 एंबुलेंस को फोन करके सूचना देनी होगी, जिससे समय रहते लोगों की जान बच सके| हमेशा की तरह इस कैबिनेट में भी मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने किसानों का भला करना नहीं छोड़ा। सरकार ने खरीफ सीजन में फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2600 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जिसमें 75 रुपये का बोनस शामिल है। इस बार रिकॉर्ड 30 लाख मीट्रिक टन से अधिक उपज खरीदी गई है, जो पिछले साल की तुलना में 62% अधिक है। कुल 9 लाख किसानों से लगभग 20,000 करोड़ की फसल खरीदी गई। मंदसौर के सीतामऊ में हाल ही में सफल किसान समागम का आयोजन हुआ। अब 26 से 28 मई को नरसिंहपुर में दूसरा समागम होगा, जिसमें कृषि आधारित उद्योगों, ऑर्गेनिक खेती और वैल्यू एडिशन पर चर्चा होगी। सरकार की चिंता रही है कि प्रदेश के अनेक जिले स्वच्छता के मामले में पिछड़े हुए हैं। इसमें सुधार आए, इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन में जिन व्यवस्थाओं का प्रावधान नहीं है, उनके लिए राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री शहरी स्वच्छता योजना’ दोबारा शुरू कर रही है। पहले चरण में 270 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत सफाई के लिए नई मशीनें और वाहन खरीदे जाएंगे। वन जिला वन प्रोडक्ट योजना के तरत सरकार का ध्यान माहेश्वरी साड़ियों पर भी है। यही वजह है कि महेश्वर की विश्वविख्यात साड़ियों की तरह अब राज्य सरकार कौशल विकास कार्यक्रम फिर से शुरू कर रही है। महिलाओं और युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस योजना में 100 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है और कर्ज लेने वालों को ब्याज में छूट दी जाएगी धार्मिक स्तर पर ओंकारेश्वर का विकास करना भाजपा सरकार की सदैव ही कामना रही है। डॉ मोहन यादव की कैबिनेट ने भी आदि शंकराचार्य के स्मृति स्थल ओंकारेश्वर में विशाल सनातन संस्कृति केंद्र की स्थापना के लिए 2100 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। यहां शोध केंद्र, पुस्तकालय, ठहरने की व्यवस्था और 3D तकनीक से शंकराचार्य के जीवन दर्शन को दिखाया जाएगा। यह स्थल धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बनेगा। इसके अलावा इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल को 777 करोड़ रुपए की लागत से रिनोवेट किया जाएगा। इस सरकारी अस्पताल में हार्ट के ऑपरेशन से लेकर लिवर ट्रांसप्लांट तक हो सकेंगे। दिल्ली-मुंबई में होने वाला इलाज इंदौर के महाराजा यशवंत राव होलकर अस्पताल में मिल सकेगा। इस प्रकार देखा जाए तो पूरी कैबिनेट पर मालवा का प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। लेकिन प्रदेश का सर्वांगीण विकास संतुलित भाव से हो रहा है यह संतुष्टि का विषय है।

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