
प्राइवेट बस संचालकों द्वारा यात्रियों की बड़े पैमाने पर की जा रही आर्थिक लूट खसोट चरम पर है। हालत यह है कि यात्रियों से प्राइवेट बस संचालकों द्वारा मनमाना किराया वसूल किया जा रहा है। विडंबना यह भी है कि यदि कोई यात्री इस बेजा हरकत का विरोध करता है तो बस रोककर उसे चलता कर दिया जाता है। नतीजा यह है कि आम आदमी लुटने को मजबूर है और प्राइवेट बस ऑपरेटरों को उन्हें लूटने की छूट मिली हुई है। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि लगभग दो दशक पूर्व मध्य प्रदेश शासन द्वारा सरकारी बसों के बेड़े को सड़कों से हटा लिया गया था। यानि मध्य प्रदेश राज्य परिवहन निगम बंद कर दी गई थी। लेकिन अब मध्य प्रदेश में जब आम आदमी की तकलीफें डॉक्टर मोहन यादव की सरकार तक पहुंच रही हैं तो उन पर गंभीरता से विचार विमर्श हो रहा है तथा सकारात्मक परिणाम के लिए संघर्ष लगातार जारी है। फल स्वरुप स्थितियां सुधर रही हैं और आम आदमी संतोष की सांस ले सकता है। यही हाल यात्री परिवहन के मामले में भी देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने एक बार फिर सरकारी बसों को सड़कों पर दौड़ाने की मंजूरी दे दी है। यही नहीं, इस बार नए नवाचार में ईमानदार किस्म के प्राइवेट बस ऑपरेटरों को भी साथ में लिया गया है, ताकि उन्हें धंधे रोजगार में आर्थिक नुकसान ना हो। लेकिन यह शर्त भी रखी गई है कि किसी भी सूरत में आम आदमी का आर्थिक शोषण नहीं होने दिया जाएगा। यही वजह है कि अब मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार बसों का किराया निर्धारण अपने नियंत्रण में रखने जा रही है। इससे होगा यह कि कोई भी बस ऑपरेटर अथवा कंडक्टर आम यात्री से मनमाना किराया वसूल नहीं कर पाएगा। नई व्यवस्था लागू होने से प्राइवेट और सरकारी प्लेटफार्म पर चलने वाली बसों के बीच एक स्वस्थ व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा शुरू होगी। इससे जहां सेवाओं में सुधार होगा वहीं आम आदमी को आर्थिक लूट खसोट से राहत भी मिलेगी। निर्धारित यह भी किया जा रहा है कि अब बस संचालकों को सरकार द्वारा तयशुदा किराया सूची को सार्वजनिक स्तर पर प्रदर्शित करना होगा । यदि कोई बस का कंडक्टर यात्री से अतिरिक्त किराया वसूल करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ तो कार्रवाई होनी ही, वह किस बस ऑपरेटर का कर्मचारी है, उस कंपनी को भी बक्शा नहीं जाएगा। ऐसी कई नई अनेक नीतियां मोहन सरकार निश्चित कर रही है। जिससे आम आदमी का जीवन निर्वाह लगातार आसान हो रहा है । यही बात यात्री परिवहन मामले में भी लागू होती है। इस क्षेत्र के पुराने अनुभवों ने सरकार को उनका निराकरण बाबत रास्ता भी दिखाया है। जिसके चलते मोहन सरकार पुरानी गलतियों को भी ठीक करने में सफल हो रही है। फल स्वरुप मध्य प्रदेश में अंतर राज्यीय बस टर्मिनस की संख्या बढ़ाने पर काम चल रहा है। महानगरों में तो एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी जोरों पर हैं । विद्यार्थी वर्ग में इस बात को लेकर उत्साह का माहौल है कि मोहन सरकार उनके लिए निशुल्क बस सेवा प्रारंभ करने पर विचार कर रही है। इस सेवा के तहत उन विद्यार्थियों को सबसे अधिक लाभ होगा जो दूर दराज के इलाकों से पढ़ाई के लिए शहरों में आते हैं। फिलहाल इन्हें आने-जाने में समय के साथ पैसों की बर्बादी भी बड़े पैमाने पर करनी होती है। अब उनके लिए अलग से व्यवस्था किए जाने पर समय एवं धन दोनों बचेंगे। मध्य प्रदेश सरकार की इस बात के लिए भी तारीफ करनी होगी कि वह जनजीवन सुगम बनाने के साथ-साथ पर्यावरण का भी ध्यान रख रही है। यही वजह है कि अब जब नई बसों का बेड़ा मध्य प्रदेश की सड़कों पर उतर जाने वाला है, तब उन पर पर्यावरण हितैषी बसों का संचालन किया जाएगा। उनकी सेवा निर्बाध बनी रहे, इसलिए जगह-जगह इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किये जा रहे हैं। शुरू होने जा रही यह नई सेवा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल है। यह इस बात से पता चल जाता है की खुद डॉक्टर मोहन यादव ने कहा है कि हमारी सरकार मध्य प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को सुदृढ बना रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को मंजूरी दी गई है । इस योजना से शुगम आवागमन के साथ विकसित मध्य प्रदेश के ध्येय प्राप्तिके प्रयासों को नई गति मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में, विशेष कर मध्य प्रदेश के सभी जनजातीय क्षेत्रों में सीएम यात्री परिवहन के लिए सरकार हर जरूरी प्रबंध लगा रही है। कुल मिलाकर डॉक्टर मोहन यादव एक बार फिर मध्य प्रदेश के आम आदमी के लिए परिवहन की नई सुविधा उपलब्ध कराने जा रहे हैं । जिनके माध्यम से यात्रियों की लूट खसोट बंद होगी और उन्हें अच्छी बसों में सफर करने का आनंद प्राप्त हो सकेगा। उम्मीद है यात्रियों को इस नई योजना को शुरू होने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।


