यूपी के हाथरस में सत्संग के दौरान हुई भगदड़ में 130 से अधिक लोगों की मौत, सीएम ने किया मुआवजे का एलान

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घायलों को बस-टैंपों में लादकर जिला अस्पताल भेजा जा रहा है
डीएम आशीष कुमार और एसपी निपुण अग्रवाल मौके पर पहुंचे
सीएम योगी ने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने का दिया निर्देश

हाथरस| उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद के थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र में बड़ा हादसा हुआ है। यहां के रतीभानपुर गांव में चल रहे भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मच गई। इस हादसे में 130 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। कई की हालत गंभीर है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने जताया शोक
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने हादसे पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा, ‘हाथरस जिले में हुई दुर्घटना में महिलाओं और बच्चों सहित अनेक भक्तों की मौत का समाचार हृदय विदारक है।’ मैं अपने परिवारजनों को खोने वाले लोगों के प्रति गहन शोक संवेदना व्यक्त करती हूं। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि हादसे से मन अत्यंत व्यथित है। इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर उन्हें कष्ट सहने की शक्ति दें।

घटना के चश्मदीदों ने कहा
भगदड़ की घटना के एक चश्मदीद ने कहा कि हम आगरा से सत्संग में शामिल होने आए थे। मेरी 15 साल की बेटी लापता है। आगरा से करीब 20-25 लोग आए थे, लेकिन हमारी बेटी नहीं मिली। वहीं, चश्मदीद सुरेश ने बताया, मैं बदायूं से अपने परिवार के साथ यहां आया था। मेरे छोटे भाई की पत्नी लापता है।

डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे
घटनास्थल एटा सिकंदराराऊ के बॉर्डर पर है। घायलों को बस-टैंपो में लादकर जिला अस्पताल लाया गया है। अब तक 27 शव एटा पोस्टमार्टम गृह पर लाए गए हैं। मृतकों में 23 महिलाएं और तीन बच्चे भी शामिल हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद डीएम आशीष कुमार और एसपी निपुण अग्रवाल मौके पर पहुंच गए हैं। एटा शहर के मोहल्ला वनगांव के रहने वाले रामदास की पत्नी सरोज लता की भी मौत हो चुकी है। उनके बेटे और बहू की हालत गंभीर है। बताया जा रहा है कि मृतक हाथरस और एटा के रहने वाले हैं। मृतकों के शवों को अलीगढ़ और एटा पहुंचाया जा रहा है।

अब तक 27 शव एटा अस्पताल लाए गए
एटा एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि हाथरस जिले के मुगलगढ़ी गांव में एक धार्मिक आयोजन चल रहा था, तभी भगदड़ मच गई। एटा अस्पताल में अब तक 27 शव आ चुके हैं, जिनमें 23 महिलाएं, 3 बच्चे और 1 पुरुष शामिल हैं। आगे की जांच की जा रही है।

सीएम योगी ने हादसे का संज्ञान लिया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद हाथरस में हुए हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को पचास-पचास हजार की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिए हैं।

हादसे का कारण आया सामने
जानकारी के अनुसार, दोपहर 12.30 बजे सत्संग खत्म होने के बाद भीड़ को रोक दिया गया था और भोले बाबा को पीछे के दरवाजे से निकाला जा रहा था। सिकंदराराऊ मे सड़क के किनारे चार फीट नीचे का दलदल ही मौतों की वजह बना। प्रारंभ में कुछ लोग यहां गिरे और उसके बाद भगदड़ ऐसी मची कि सौ से ज्यादा की मौत हो गई।

प्रशासन मामले की जांच कर रहा है
हाथरस डीएम आशीष कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन मामले की जांच कर रहा है। घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा है। लोगों का इलाज जारी है। कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति एसडीएम ने दी थी। यह एक निजी कार्यक्रम था। उन्होंने कहा, ‘मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। प्रशासन का प्राथमिक ध्यान घायलों और मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद प्रदान करना है।’

साकार विश्व हरि भोले बाबा का परिचय
एटा जिले के पटियाली के गांव बहादुर नगर के जाटव परिवार में जन्मे सूरज सिंह पाल एलआईयू में पुलिस कांस्टेबल के पद पर नौकरी करते थे। 17 साल पहले अलीगढ़ में तैनाती के दौरान सत्संग शुरू किया। कुछ समय बाद नौकरी से इस्तीफा देकर पाल साकार विश्व हरि भोले बाबा बन गए। साकार विश्व हरि ने अपना आश्रम पटियाली में बनाया। भोले बाबा के अनुयायियों की संख्या लाखों में है। वह मीडिया से दूरी बनाए रहते हैं। सत्संग की व्यवस्था अनुयायी ही संभालते हैं।

हाथरस की घटना पर प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दु: ख, बोले- हम पीड़ितों के संपर्क में हैं
हाथरस| लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूपी के हाथरस में हुई घटना पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि यूपी में हुई इस घटना पर दु:ख वयक्त करने के साथ ही घायलों की मदद करने के का निर्देश दिया गया है। बता दें कि यूपी में हुए इस भयानक घटना में अब तक 100 से ज्यादा लोगों के मौत की हो गई है।

राज्य सरकार को दिया गया निर्देश-प्रधानमंत्री
सदन में अपनी बात खत्म करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे दुखद खबर मिली है कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई भगदड़ में अनेकों लोगों की दुःखद मृत्यु की जानकारी आ रही है। जिन लोगों की इस हादसे में जान गई है, मैं उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं, मैं सभी घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करता हूं। राज्य सरकार की देखरेख में प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है। मैं इस सदन के माध्यम से सभी को ये भरोसा देता हूं कि पीड़ितों की हर तरह से मदद की जाएगी।

हाथरस भगदड़ मामले में जान सकते हैं परिजनों का हाल, डायल करें ये हेल्पलाइन नंबर
हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ क्षेत्र में सत्संग में भगदड़ मचने से 130 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। यह घटना मंगलवार शाम को हुई है। सत्संग में 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु जुटे थे। सत्संग के दौरान मची भगदड़ में कई लोग अपने परिवार वालों को खो चुके हैं। इन लोगों की मदद के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया। आप इन हेल्पलाइन नंबर के लिए जरिए अपनों का हाल जान सकते हैं।

इस हेल्पलाइन नंबर का करें उपयोग
हाथरस के जिलाधिकारी आशीष कुमार ने बताया कि पीड़ितों को ट्रक और अन्य वाहनों की मदद से सिकंदराराऊ ट्रामा सेंटर लेकर आए, जिसमें मृत व बेहोशी के हालत पीड़ित थे। शवों को देखने के लिए स्वास्थ्य केंद्र बाहर भीड़ जमा हो गई। जिला प्रशासन ने घटना के बाद आम लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाईन 05722227041 तथा 05722227042 जारी किए हैं।

हाथरस में हादसे के बाद फरार है हरि भोले बाबा, 17 साल पहले नौकरी छोड़ बना था कथावाचक
हाथरस| उत्तर प्रदेश के सिकंदराराऊ से एटा रोड पर फुलरई गांव में सत्संग के दौरान भगदड़ मचने से करीब 90 लोगों की मौत हो गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, यहां कथावाचक बाबा साकार विश्व हरि भोले बाबा का सत्संग चल रहा था।
कौन है बाबा साकार विश्व हरि भोले बाबा : इस बड़े हादसे के बाद हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर कथावाचक बाबा साकार विश्व हरि भोले बाबा कौन है, जिनके सत्संग में इतनी बड़ी संख्या में अनुयायी पहुंचे हुए थे।

हादसे के बाद से फरार है बाबा भोले : हाथरस में जिस कथावाचक साकार विश्व हरि भोले बाबा का सत्संग हो रहा था। उन्हें अनुयायी भोले बाबा के नाम से पुकारते हैं। हादसे के बाद से भोले बाबा फरार है। अभी तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।

17 साल पहले छोड़ी थी पुलिस की नौकरी : कथावाचक बाबा साकार विश्व हरि भोले बाबा का असल नाम सूरज पाल है और उसने करीब 17 साल पहले पुलिस कांस्टेबल की नौकरी छोड़कर सत्संग शुरू किया था। नौकरी छोड़ने के बाद सूरज पाल साकार विश्व हरि भोले बाबा बन गया और पटियाली में अपना आश्रम बनाया। गरीब और वंचित तबके के बीच में भोले बाबा की प्रसिद्धि तेजी से बढ़ी और लाखों की संख्या में उनके अनुयायियों बन गए।

मंच पर अक्सर सूट में होते हैं भोले बाबा : भोले बाबा जब पुलिस की नौकरी में था और वर्दी में ही प्रवचन देने लगता था। पूरे पुलिस महकमे में इस कारण वह चर्चा में आ गया था। आखिरकार जब नौकरी छोड़ी तब भी सूट में ही मंच पर आता है।

बाबा भोले के बारे में खास बातें
बाबा भोले का असली नाम सूरज पाल है।
सूरज पाल जिला कासगंज के बहादुर नगर का रहने वाला है।
बाबा भोले के पिता पिता किसान थे।
बाबा भोले अलीगढ़ के अतरौली में सिपाही पद पर तैनात था।
पदोन्नत होने के बाद एसआई बना लेकिन कुछ समय बाद नौकरी छोड़ दी।

3 राज्यों में है भोले बाबा के अनुयायी : कथावाचक भोले बाबा के उत्तर प्रदेश के साथ-साथ राजस्थान और मध्य प्रदेश में काफी ज्यादा अनुयायी है। सबसे खास बात ये है कि उनके अनुयायी हमेशा मीडिया से दूरी बनाकर रखते हैं।

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