भोपाल| मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलकत्ता हाईकोर्ट के मुस्लिमों को ओबीसी आरक्षण देने के फैसले को रद्द करने के मामले में तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी बेशर्मी से कह रही हैं कि मैं कोर्ट के फैसले को नहीं मानूंगी। वह फिर से बंटवारे के बीज बो रही हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अब तो हाईकोर्ट ने निर्णय कर दिया है कि ममता राजनीतिक तुष्टिकरण के आधार पर एससी, एसटी और ओबीसी के 5 लाख से ज्यादा लोगों का आरक्षण मुस्लिम वर्ग को दिया है। उन्होंने कहा, यही गलती कांग्रेस ने भी कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में किया था।
कोर्ट के निर्णय के साथ सब कुछ जगजाहिर हो चुका है। अब इन्हें माफी मांगना चाहिए। उन्होंने कहा कि कितनी बेशर्मी से ममता बनर्जी कह रही हैं कि मैं हाईकोर्ट के फैसले को नहीं मानती। जनता सब जानती है और इसके बारे में फैसला करेगी। सीएम गुरुवार को बिहार, यूपी और झारखंड के दौरे पर रहे। पहले वे बिहार के गया में पार्टी कार्यक्रमों में शामिल हुए, फिर यूपी के आजमगढ़ में भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में रोड- शो किया। फिर झारखंड के गोड्डा में सभा की।
आजमगढ़ में चुनाव प्रचार में कहा
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों को ओबीसी आरक्षण देने के फैसले को रद्द कर दिया है। इस पर डॉ. मोहन यादव ने आजमगढ़ में चुनाव प्रचार के दौरान कहा कि भाजपा हमेशा से सबका साथ सबका विश्वास की बात करती आई है। धार्मिक आधार पर आरक्षण का विरोध करती आई है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है कि ममता बनर्जी की सरकार ने एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग का आरक्षण काटकर मुस्लिम वर्ग को जो आरक्षण दिया है, वह गलत है। इसे रद्द कर दिया है। एससी-एसटी और ओबीसी को उनका हक वापस दिया जा रहा है। यह गलती कांग्रेस ने भी की है।


