मुरैना। सिहोनिया स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (सीबीआई) में बड़ी गड़बड़ी सामने आई हैं। कई ग्राहकों ने रुपये जमा कराए वह छह महीने बाद भी खाते में नहीं पहुंचे हैं, तो कई खाताधारक ऐसे हैं जिनके खातों से चेक के द्वारा लाखों रुपये का भुगतान हो गया और जिनके नाम चेक से भुगतान बताया गया है, उनके खातों में कभी रुपया पहुंचा ही नहीं। ऐसे आठ लोग अब तक सामने आ चुके हैं, जिनके खाताें से 14.50 लाख का गबन हाे गया। यह गबन मार्च महीने में ज्यादा हुआ है और इसके आरोप पूर्व मैनेजर व कैशियर पर लग रहे हैं, जिनके तबादले हो चुके हैं। जिन लोगों के रुपये फंस गए हैं, वह बैंक की रीजनल ऑफिस से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक में गुहार लगा रहे हैं। कई लोग ऐसे हैं, जिन्होंने जरूरत के समय के लिए बैंक खाते में पैसा जमा कराया, अब उन्हें अपने कामों के लिए ब्याज पर कर्ज लेना पड़ रहा है। उधर बैंक प्रबंधन इस पूरे घोटाले पर चुप्पी साधते हुए इतना ही कह रहा है, कि ऐसी जो शिकायतें आती जा रही हैं, उन्हें वरिष्ठ अफसराें के पास भेज रहे हैं। यह पूरा मामला अमानत में खयानत व फर्जीवाड़े का है, लेकिन बैंक प्रबंधन ने इसकी शिकायत अब तक पुलिस को भी नहीं की है।
बेटी की शादी के लिए जमा कराए रुपये खाते में नहीं पहुंचे
पुरावस खुर्द हरदौल पुरा गांव निवासी राजाराम माहौर ने बेटी की शादी के लिए छह महीने पहले फसल बंटाई पर ली, अपनी एक भैंस बेच दी, इससे 50 हजार रुपये जुटाकर उन्होंने बेटी की शादी के लिए 30 अक्टूबर 2023 को बैंक खाते में जमा करा दिए। राजाराम माहौर बताते हैं, कि उन्होंने 50 हजार रुपये कैशियर देवेंद्र राजौरिया को दिए थे, इसकी रसीद भी उनके पास है। 18 अप्रैल को बेटी की शादी थी, इससे कुछ दिन पहले वह बैंक से 50 हजार रुपये निकालने गए तो बताया गया, कि उनके खाते में यह रुपये नहीं हैं और न ही 30 अक्टूबर को 50 हजार रुपये उनके खाते में जमा हुए। अब राजाराम माहौर पर्ची लेकर रोज बैंक के चक्कर काट रहा है, हताश होकर सीएम हेल्पलाइन पर भी इसकी शिकायत की है, लेकिन फिलहाल कोई हल नहीं निकल रहा।
रीजनल आफिस से कैशियर को नोटिस, पर ग्राहकाें को राहत नहीं
सिहोनिया की सेंट्रल बैंक में हुए इस घोटाले की शिकायतें बैंक के क्षेत्रीय मुख्यालय (रीजनल ऑफिस) तक जा पहुंची है। इसके बाद बैंक की रीजनल हेड प्रियंका बंसल ने बीते महीने एक नोटिस भी जारी किया है, जिसमें चेक के भुगतानाें में हेरफेर का जिक्र करते हुए कैशियर देवेंद्र राजौरिया को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। तीन दिन में पूर्व कैशियर से जवाब मांगा गया और इसके कुछ दिन बाद ही कैशियर व मैनेजर का तबादला हो गया। इन सबके बीच वह बैंक ग्राहक परेशान हैं, जिनकी जमा पूंजी खाते से गायब हैं।
मैंने पांच लाख रुपये का चेक कैशियर देवेंद्र राजौरिया निवासी रसीलपुर को दिया था, मेरे खाते से यह राशि कट चुकी है, लेकिन यह राशि जिसे मिलनी थी उसे अब तक नहीं मिली। अगर बैंकों में ही ऐसा फर्जीवाड़ा होगा तो किसी पर विश्वास करें। मैं रीजनल ऑफिस में भी शिकायत कर चुका हूं। -शैलेंद्र सिंह यादव, निवासी सुभाषनगर, मुरैना
मुझे तो बैंक में पदस्थ हुए एक महीना ही हुआ है, मैं इस बारे में कुछ नहीं बता सकता, कि कितने लोगों के साथ कितनी रकम की गड़बड़ी की गई है। मेरे पास जो लोग शिकायत लेकर आ रहे हैं, मैं उनकी शिकायत रीजनल ऑफिस भेजता जा रहा हूं, इससे ज्यादा मैं कुछ और बता भी नहीं सकता। -जितेंद्र कुमार केम, मैनेजर, सेंट्रल बैंक सिहोनियां


