एजेंसी, नई दिल्ली। 72nd National Film Awards : देश के कला और सिनेमा जगत के लिए 18 जुलाई 2026 का दिन बेहद ऐतिहासिक और उल्लासपूर्ण रहा। भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आज राजधानी नई दिल्ली में स्थित नेशनल मीडिया सेंटर में एक भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देश के सबसे प्रतिष्ठित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के आधिकारिक विजेताओं के नामों की घोषणा कर दी है। इस गरिमामयी समारोह का सीधा प्रसारण पत्र सूचना कार्यालय इंडिया के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर दुनिया भर के दर्शकों के लिए लाइव किया गया था। इस वर्ष की पुरस्कार घोषणा अपने तय समय से करीब 2 सप्ताह की देरी से हुई है, जिसका मुख्य कारण जूरी सदस्यों की व्यस्तता और विभिन्न श्रेणियों में आई सैकड़ों सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों के बीच कड़े मुकाबले के कारण अंतिम निर्णय लेने में लगा अतिरिक्त समय था।
फीचर फिल्म श्रेणियों में ‘आर्टिकल 370’ और ‘चंदू चैंपियन’ का जबरदस्त दबदबा
इस साल के राष्ट्रीय पुरस्कारों में मुख्यधारा के सिनेमा का जलवा देखने को मिला, जहां बॉलीवुड के युवा सुपरस्टार कार्तिक आर्यन ने फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में अपने करियर के सबसे बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (बेस्ट एक्टर इन लीडिंग रोल) का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। हालांकि, उन्हें यह सर्वोच्च सम्मान दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी के साथ संयुक्त रूप से साझा करना पड़ा, जिन्हें उनकी मलयालम फिल्म ‘ब्रह्मयुगम’ के लिए चुना गया है। दूसरी ओर, अभिनेत्री यामी गौतम ने फिल्म ‘आर्टिकल 370’ में अपने दमदार और संजीदा अभिनय के बल पर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (बेस्ट एक्ट्रेस इन लीडिंग रोल) का राष्ट्रीय पुरस्कार जीतकर बॉलीवुड का नाम रोशन किया। इसके साथ ही, कश्मीर मुद्दे पर आधारित फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को इस साल की ‘सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म’ (बेस्ट फीचर फिल्म) के सबसे बड़े सम्मान से नवाजा गया, जबकि प्रसिद्ध फिल्मकार आनंद एल राय को उनकी फिल्म ‘एकता का प्रतीक’ के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक (बेस्ट डायरेक्टर) के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
सिनेमाई लेखन, पुस्तकों और समीक्षकों को जूरी ने सराहा
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की जूरी ने इस बार न केवल परदे पर दिखने वाले कलाकारों, बल्कि परदे के पीछे सिनेमा पर गंभीर शोध और लेखन करने वाले बुद्धिजीवियों को भी बड़े स्तर पर सम्मानित किया। जूरी के अनुसार, इस वर्ष देश की विभिन्न प्रादेशिक भाषाओं में सिनेमा पर आधारित पुस्तकों और लेखों की कुल 24 प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं। गहन पठन और मूल्यांकन के बाद हिंदी भाषा के बेहद वरिष्ठ और सम्मानित फिल्म समीक्षक संजीव श्रीवास्तव को ‘बेस्ट फिल्म क्रिटिक’ के राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया। जूरी ने उनके द्वारा सिनेमा के सामाजिक, कलात्मक और व्यावहारिक पहलुओं पर किए गए गहरे शोध की जमकर तारीफ की। वहीं, सिनेमा की बारीकियों और उसके नए दृष्टिकोण को बेहद सरलता से समझाने वाली पुस्तक ‘नादिरुवुडे निम्मा कागी’ को ‘सिनेमा पर सर्वश्रेष्ठ पुस्तक’ (बेस्ट बुक ऑन सिनेमा) का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
नॉन-फीचर फिल्म श्रेणी में दिखी भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत
इस वर्ष नॉन-फीचर फिल्म श्रेणी की जूरी को 24 अलग-अलग भारतीय भाषाओं में बनी कुल 161 डॉक्यूमेंट्री फिल्मों, लघु फिल्मों (शॉर्ट फिल्म्स) और आधुनिक एनिमेशन फिल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं। इस श्रेणी में मराठी और इंग्लिश भाषा में बनी बेहतरीन डॉक्यूमेंट्री ‘भंगार’ को सर्वश्रेष्ठ नॉन-फीचर फिल्म का खिताब दिया गया। वहीं, भारत की पारंपरिक लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को बेहद मार्मिक ढंग से बड़े परदे पर उतारने वाली दो लघु फिल्मों, हिंदी की ‘चोला डोरा और सुई’ तथा मलयालम की ‘भद्रा-काली नाटकम’ को उनके बेमिसाल प्रस्तुतीकरण के लिए ‘स्पेशल जूरी मेंशन’ के सम्मान से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त, हिंदी में बनी ‘राम-नामी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री और ‘मैं निदा’ को सर्वश्रेष्ठ कला व संस्कृति फिल्म के पुरस्कार के लिए चुना गया।
तकनीकी और संगीत श्रेणियों में ‘पुष्पा 2’, ‘स्त्री 2’ और ‘कल्कि’ का जलवा
तकनीकी मोर्चे और रचनात्मक विभागों में भी इस बार कड़ा मुकाबला देखने को मिला। ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘पुष्पा 2’ ने तकनीकी रूप से दो बड़े पुरस्कार अपने नाम किए, जिसमें बांद्रेड्डी सुकुमार को सर्वश्रेष्ठ स्क्रीनप्ले राइटर और दीपाली नूर को सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइन का पुरस्कार मिला। साल 2024 की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक ‘स्त्री 2’ के सुपरहिट गीत ‘आज की रात’ के लिए विजय गांगुली को सर्वश्रेष्ठ कोरियोग्राफी के पुरस्कार से नवाजा गया। वहीं, महागाथा ‘कल्कि 2898 AD’ के लिए नितिन चौधरी ने सर्वश्रेष्ठ प्रोडक्शन डिजाइन का खिताब जीता और हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘भूल भूलैया 3’ को उसके लाजवाब साउंड डिजाइन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया। संगीत के क्षेत्र में शाश्वत सचदेव को ‘आर्टिकल 370’ के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक (म्यूजिक डायरेक्शन) और मनोज मुंतशिर को उनके भावुक गीत ‘जाने दो’ के लिए सर्वश्रेष्ठ गीतकार (लिरिक्स) चुना गया। पार्श्व गायन में अभर्त जोधपुरकर (मराठी) को सर्वश्रेष्ठ पुरुष और वैकोम विजयलक्ष्मी (मलयालम) को सर्वश्रेष्ठ महिला प्लेबैक सिंगर का खिताब मिला।
क्षेत्रीय फिल्मों (बेस्ट रीजनल फिल्म) की श्रेणी में विजेताओं की संपूर्ण सूची
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में भारत की भाषाई विविधता को सलाम करते हुए विभिन्न भाषाओं की सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय फिल्मों की भी घोषणा की गई, जो इस प्रकार है:
तेलुगू: कमेटी कुल्लु
तमिल: रायन
मराठी: मुक्काम पोस्ट बोंबिलवाडी
ओड़िया: लहरी
मलयालम: फेमिनिची फातिमा
कन्नड़: मिथिया
हिंदी: श्रीकांत
गुजराती: मारान
गढ़वाली: ढोली
बंगाली: चलचित्र एखोन
असमिया: जुईफूल
मणिपुरी: सुनिता
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


