5000 करोड़ के अनुपूरक बजट से प्रदेश के विकास को बूस्टर डोज

Blog

मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार विकास का कोई भी अवसर हाथ से खाली जाने देना नहीं चाहती। यही कारण है कि प्रदेश को प्रगति के पथ पर ले जाने का हर संभव रास्ता इस सरकार द्वारा तलाशा जा रहा है। इसके अलावा प्रत्येक अवरोध को दूर किए जाने के जमीनी प्रयास स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहे हैं। अब जब कि सरकारी कार्य प्रणाली को देखकर यह भरोसा होता है कि विकास के मार्ग में आर्थिक तंगी को तो रोड़ा बनने ही नहीं देना है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उनकी कैबिनेट यह संकल्प ठानकर काम करती दिखाई देती है। यही कारण है कि पिछले दिनों जब कैबिनेट की बैठक हुई तो आगामी विधानसभा सत्र में 5 करोड़ का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया जाना तय हुआ। उम्मीद जताई जा रही है कि इस राशि से विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण आदि संस्थाओं में बड़े स्तर पर निवेश किया जा सकेगा। इससे आम आदमी को नई-नई सहूलियतें प्राप्त होंगी। सरकार की आगामी योजनाओं को देखकर भी यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि महिलाओं और बच्चों के विकास, उनकी तंदुरुस्ती और शिक्षा पर इस सरकार का विशेष फोकस है। यह इस सोच का प्रमाण भी है, जो मानती है कि आने वाली पीढ़ी को शैक्षणिक, स्वास्थ्य और कौशल दक्षता की दृष्टि से परिपूर्ण बनाकर ही विकसित भारत 2047 की अवधारणा को पुष्ट किया जा सकता है। यही कारण है कि सरकार ने 30.56 करोड़ की धनराशि आंगनबाड़ी केंद्रों को समर्पित करने का निर्णय ले लिया है। दावा किया जा रहा है कि इस राशि के माध्यम से आंगनबाड़ियों में बच्चों को प्ले स्कूल जैसा माहौल उपलब्ध कराया जाना है। यह सभी केंद्र हाईटेक बनाए जाएंगे, इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को मास्टर ट्रेनिंग दिए जाने की तैयारी भी हो रही है। इससे मध्य प्रदेश के बालक बालिकाएं खेल-खेल में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे और आंगनबाड़ियों के माध्यम से उनका और अधिक बेहतर पोषण किया जा सकेगा। जैसा कि सभी जानते हैं मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पिछले दो दशकों से किसानों के विकास पर भी फोकस बनाए हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी किसानों की आय को दुगना करने का संकल्प ले रखा है। डबल इंजन की मध्य प्रदेश की सरकार ने इसी दृष्टिकोण को सामने रखकर किसानों के हित में 2048 करोड रुपए खर्च करने का मन बना लिया है और आगामी बजट के माध्यम से अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। उल्लेखनीय है कि यह राशि सीधी किसानों के खाते में जाने वाली है। क्योंकि मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं की नई फसल खरीदी में 175 रुपया प्रति कुंटल की दर से किसानों को बोनस देने की घोषणा की है। उम्मीद की जा रही है कि किसानों का इसी प्रकार लगातार हित पूरा होने से भविष्य में भी मध्य प्रदेश कृषि कर्मण्य अवार्ड जैसी उपलब्धियां हासिल करता रहेगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और आम आदमी को खाद्य पदार्थ सहज मूल्य के आधार पर सुलभ हो सकेंगे। लिखने का आशय यह कि एक ओर किसान आर्थिक मामलों में और ज्यादा मजबूती प्राप्त करेंगे, तो वहीं आम आदमी की थाली वर्तमान की अपेक्षा भविष्य में मूल्य की दृष्टि से सहज की जा सकेगी। संभवत किसानों को एक खुशखबरी यह भी मिलने वाली है कि बीते साल धान पैदा करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 4000 रुपए के हिसाब से प्रस्तावित राशि 480 करोड़ जल्दी ही किसानों के खाते में ट्रांसफर की जा सकती है। बीते समय में पेयजल की समस्या मध्य प्रदेश को काफी व्यथित करती रही है। लेकिन जब से प्रदेश में भाजपा की सरकार स्थापित हुई है और खासकर डॉक्टर मोहन यादव ने जब से इसकी कमान संभाली है, पेयजल उपलब्धता के क्षेत्र में काफी बड़े पैमाने पर कार्य हुए हैं। इस बार भी जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए जल गंगा अभियान 30 मार्च से शुरू होने जा रहा है। यह 30 जून तक चलेगा इस कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के सभी पुराने जल स्रोतों का संरक्षण और जीर्णोद्धार का काम पूरा किया जाने वाला है। देश और विदेश का धनवान वर्ग नगरों के साथ गांवों में भी आर्थिक निवेश कर सके, इस बारे में भी रूपरेखा बनाई जा चुकी है। इस कार्य में आने वाले अवरोधों को खत्म किया जा रहा है। छिंदवाड़ा सहित मध्य प्रदेश के सभी 29 लोकसभा क्षेत्र में भाजपा की जीत का परिणाम भी अब आम आदमी के हित में दिखाई देने लगा है। अपनी इसी बात को साबित करते हुए सरकार ने छिंदवाड़ा वन वृत के तीन वन मंडल नए सिरे से पुनर्गठित किये जाने की घोषणा कर दी है। कुल मिलाकर मध्य प्रदेश सरकार ने जनता के हित में चौतरफा प्रयास जारी बनाए रखे हैं। इसके सकारात्मक परिणाम लगातार देखने को मिल रहे हैं। आने वाले बजट सत्र में जनता को और अधिक सुविधाएं मिलेंगी, यह अभी से दिखाई देने लगा है।

Leave a Reply