
मानव जीवन में सम्मान का स्थान सबसे ऊंचा है। आप किसी को भी सम्मान देकर उससे अपने पक्ष में बड़े से बड़ा काम कर सकते हैं। वहीं असम्मान होने पर व्यक्ति इस अपराध के दोषी को कई बार अपूर्णीय क्षति भी पहुंचा देता है। इसीलिए विद्वानों ने कहा है कि हमें दूसरों का सम्मान करना आना चाहिए। इससे दो काम होते हैं, एक तो यह कि आप जिसका सम्मान कर रहे हैं वह आपके प्रति कृतज्ञ हो जाता है। वहीं स्वयं की स्थिति बेहतर बनाने के लिए भी उसे एक प्रकार से नई ताकत मिल जाती है। बीते दिन जब पूरी दुनिया महिला दिवस मना रही थी, तब मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार ने भी सम्मान का रास्ता अपनाया। उसने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सफलता का लोहा साबित कर रहीं महिलाओं का सम्मान तो किया ही, उन्हें अनेक प्रकार से पुरस्कृत भी किया। साथ में यह भरोसा भी दिलाया कि उनकी भलाई के लिए सरकार कृत संकल्पित है। इस अवसर पर राजधानी भोपाल सहित अन्य जिलों में शासन द्वारा विभिन्न कार्यक्रम किए गए। जिनमें विभिन्न क्षेत्रों की सिद्ध हस्त महिलाओं का सम्मान हुआ और उन्हें विभिन्न पुरस्कारों से अलंकृत किया गया। स्वयं मुख्यमंत्री ने राजधानी और अन्य जिलों में महिलाओं के सम्मान कार्यक्रम में भाग लिया । राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल में ही संपन्न हुआ। इस अवसर पर मोहन यादव ने एक बार फिर यह संकल्प दोहराया कि हम मध्य प्रदेश की धरती पर माता और बहन बेटियों पर अत्याचार नहीं होने देंगे। यदि कोई ऐसा दुस्साहस करता है अथवा करने के बारे में सोचता है तो उसका बुरा हश्र होना तय है। ऐसे लोगों के खिलाफ सरकार कठोर से कठोर कदम उठाने को तैयार है और यहां तक कि महिलाओं के प्रति दुराचार करने वालों को फांसी की सजा दिलाने का संकल्प बरकरार रहेगा। डॉक्टर मोहन यादव का राजनीतिक जीवन जितना जनहित को समर्पित है, उससे अधिक वे पुरातन संस्कारों और उनकी रक्षा के लिए ज्यादा सजग नजर आते रहे हैं। इसी कार्य प्रणाली के चलते मध्य प्रदेश के प्रमुख समारोह में वेहद आक्रामक भी दिखाई दिए । मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने यह बात भी स्पष्ट कर दी कि जबरदस्ती या फिर धोखा दे कर लोगों का धर्म परिवर्तन करना या फिर अपना धर्म छुपा कर भोली भाली महिलाओं, बालिकाओं से पहले शादी करना और फिर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करना भी मध्य प्रदेश की धरती पर कानूनी अपराध तो है ही, यह एक सामाजिक पाप भी है। यदि किसी को यह जघन्य अपराध करते हुए पकड़ा गया तो उसकी दुर्दशा होना चाहिए। इन सभी घोषणाओं और दावों से एक बात तो स्पष्ट हो जाती है कि मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव व्यवस्थाओं और अनुशासन को लेकर लगातार तीखे तेवर अपनाते जा रहे हैं। आशय स्पष्ट है वह अपना ध्यान प्रदेश के विकास पर केंद्रित करना चाहते हैं। लेकिन यह तभी संभव हो पाएगा जब मध्य प्रदेश प्रांत में चारों और सुख और शांति स्थापित रहेगी। जिससे चलते सरकार एकाग्र होकर अपना काम कर पाएगी। शायद यही वजह है कि मुख्यमंत्री बार-बार अपराधियों, असामाजिक तत्वों और समाज विरोधी कृत्यों में संलग्न लोगों को निरंतर चेतावनी देते रहे हैं कि उन्हें विकास के कार्यों में संलग्न रहने दिया जाए। यदि किसी ने अपनी नाजायज हरकतों से सरकार का ध्यान भंग किया तो उसकी खैर नहीं। एक और खास बात यहां बताना जरूरी लगता है। वह यह कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शुरू की गई लाडली बहन योजना की 22वीं किस्त महिला दिवस के अवसर पर जारी कर दी गई। सभी जानते हैं कि इस किस्त में मिलने वाली राशि का प्रदेश की महिलाओं को प्रत्येक माह बेसब्री से इंतजार बना रहता है। इससे भाजपा तथा उसकी सरकार एक बार फिर यह प्रमाणित करने में सफल साबित हुई कि उक्त योजना को केवल चुनावी लाभ के लिए प्रारंभ नहीं किया गया था। बल्कि यह योजना बहनों को आर्थिक संबल प्रदान करने वाली है। अतः इसे लगातार बनाए रखा जाएगा। अक्सर देखने में आता रहा है चुनाव के समय कुछ लोक लुभावन योजनाएं चालू तो कर दी जाती हैं और इस बारे में बढ़-चढ़कर घोषणाएं भी कर दी जाती हैं। लेकिन चुनाव जीतने और सरकार में स्थापित होने के बाद उनका क्रियान्वयन करना जैसे हवा हवाई हो जाता है। लेकिन मध्य प्रदेश सहित जिन जिन प्रदेशों में भाजपा की सरकारें स्थापित हुई हैं। उन सभी स्थानों पर जिस प्रकार से चुनाव पूर्व घोषित की गई योजनाओं पर अमल हो रहा है और हर एक वादे को पूरा किया जा रहा है, उससे एक बात स्पष्ट हो गई है। वह यह कि भारतीय जनता पार्टी तथा उसके नेता जिनमें डॉक्टर मोहन यादव भी शामिल हैं ,अपने कहे को पूरा करने में प्राण पन से जुड़ना जानते हैं। यही कार्य मध्यप्रदेश में भी हो रहा है। न केवल चुनाव के पहले, बल्कि उसके बाद भी महिलाओं के हित में एक के बाद एक कई योजनाएं प्रारंभ की गई हैं और उन्हें निरंतर बनाकर भी रखा गया है। इससे यह बात तो स्पष्ट हो चली है कि महिलाओं सहित पूरे समाज के लिए मध्य प्रदेश सरकार वाकई में हितकारी साबित हो रही है। डॉ मोहन यादव की कार्य प्रणाली को देखकर दावा किया जा सकता है कि प्रदेश की जनहित की योजनाएं और उसकी जनता के हित में की जाने वाली कारवाइयां आगे भी जारी बनी रहेंगी।


