एजेंसी, भोपाल। मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में 3 दिसंबर दिन बुधवार को छुट्टी रहेगी। ये अवकाश भोपाल गैस त्रासदी की बरसी पर घोषित किया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि राजधानी भोपाल में गैस त्रासदी 1984 में घटी थी, और हर साल इस दिन को याद करते हुए स्थानीय अवकाश दिया जाता है। इस दिन ऑफिस, स्कूल-कॉलेज सब बंद रहेंगे। यह अवकाश केवल भोपाल शहर के लिए है। यानी, जिला मुख्यालय के ऑफिस बंद रहेंगे, जबकि ग्रामीण क्षेत्र के ऑफिस खुले रहेंगे।
3800 लोगों की हुई थी तत्काल मौत
दुनिया की सबसे भीषण औद्योगिक दुर्घटनाओं में से एक त्रासदी भोपाल शहर ने सन 1984 में 2-3 दिसंबर की दरमियानी रात में झेली थी। भोपाल गैस कांड एक ऐसा औद्योगिक हादसा था जिसकी पीड़ा लाखों लोगों ने झेली। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 2 और 3 दिसंबर की रात में यूनियन कार्बाइड इंडिया लिमिटेड के कीटनाशक संयंत्र में मिथाइल आइसोसाइनेट गैस लीक हो गई थी। इस जहरीली गैस के संपर्क में आने से लाखों व्यक्ति प्रभावित हुए थे और करीब 3800 लोगों की तत्काल मौत हो गई थी।
सरकारी कर्मी 6 माह ले सकेंगे अर्जित अवकाश
देश के शासकीय सेवक अब 6 माह तक लगातार अर्जित अवकाश ले सकेंगे। अभी यह पात्रता 4 माह की थी। इसका फायदा 7.50 लाख से अधिक कर्मियों को होगा। पहली बार 3 लाख से ज्यादा शिक्षकों को १० दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा। महिलाओं को प्रसूति अवकाश खत्म होने के बाद दो माह की मेडिकल लीव के लिए अब डॉक्टर के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी। सिर्फ आवेदन देना होगा।
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सेवानिवृत्ति के समय 300 दिन के शेष अर्जित अवकाश की छुट्टियां कैश करा सकेंगे। इसमें अर्द्ध वैतनिक अवकाश भी रहेंगे। अब तक 270 दिन की छुट्टियां ही कैश हो पाती थीं। सरकार ने सिविल सेवा अवकाश नियम 1977 संशोधित कर अधिसूचना जारी की है। नियम 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होंगे।


