प्रदेश के सभी जिलों को एयर एंबुलेंस सुविधा दिलाने के लिए होगी पहल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्वालियर-बैंगलोर उड़ान के शुभारंभ कार्यक्रम से वर्च्युअली जुड़े
संक्रांति पर्व पर प्रदेश को मिली नई सौगात
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रयास यह है कि प्रत्येक जिले से एयर एंबुलेंस का संचालन हो, जिससे गंभीर रोगियों को अच्छे चिकित्सा संस्थानों में उपचार के लिए हवाई सुविधा का लाभ प्राप्त हो। हवाई सेवाओं से पर्यटन, व्यापार-वाणिज्य की गतिविधियों और अन्य समस्त आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि संभव होती है। इस दिशा में केन्द्र सरकार के प्रयासों के साथ राज्य सरकार भी अधिकतम प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतना जिले के चित्रकूट में श्रीराम वनगमन पथ संबं धी बैठक से ग्वालियर से बैंगलोर और ग्वालियर से दिल्ली और अयोध्या के बीच नई हवाई सेवाओं के शुभारंभ कार्यक्रम से आ ज वुर्चअली जुड़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि नई विमान सेवाओं से ग्वालियर अंचल के साथ ही प्रदेशवासी उत्तर और दक्षिण भारत से एयर कनेक्टिविटी की सुविधा प्राप्त करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हवाई सेवाओं का विस्तार हो रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के ग्वालियर, स्व. माधवराव सिंधिया की भूमि ग्वालियर और वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई के कर्म क्षेत्र के निवासियों को मकर संक्रांति पर्व पर नई सौगात प्राप्त हो रही है। ग्वालियर में 500 करोड़ रूपए की लागत से विमानतल के उन्नयन की पहल ऐतिहासिक है। यह कारवां चलता रहेगा। प्रदेश की विभिन्न हवाई पट्टियों के उन्नयन का कार्य भी हो रहा है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय से मध्यप्रदेश को निरंतर सहयोग प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर भारत में प्राचीन काल में पुष्पक विमान के प्रयोग का स्मरण करते हुए भगवान श्रीराम का भी उल्लेख किया, जिन्होंने उत्तर से दक्षिण की यात्रा की। भगवान श्रीकृष्ण ने पूर्व से पश्चिम की यात्रा की। इसमें पूरा देश समाहित हो जाता है। इन महापुरूषों ने भारतीय संस्कृति का परचम लहराया। आज मध्यप्रदेश का ग्वालियर, हवाई मार्ग से अयोध्या से जुड़ा है, यह किसी अलौकिक दृश्य के समान है।
प्रधानमंत्री मोदी के संकल्प और मुख्यमंत्री यादव की सकारात्मक सोच का संगम है नई उड़ानें- केन्द्रीय मंत्री सिंधिया
केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि त्यौहारों की बेला में नई हवाई सेवाओं को प्रारंभ करने का शुभ कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के साथ मध्यप्रदेश और ग्वालियर भी बदल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भी ग्वालियर के विकास के लिए प्रयासरत हैं। ग्वालियर व्यापार मेले में इस वर्ष की गतिविधियों के अवलोकन के लिए आए थे। आज प्रारंभ हुई ये उड़ानें व्यवसाय-वाणिज्य और पर्यटन में वृद्धि कर अर्थव्यवस्था को नई शक्ति प्रदान करेंगी। भारत की आध्यात्मिक और आर्थिक शक्ति का संगम हो रहा है। इससे हमारा देश विश्व पटल पर उभर कर आएगा। ग्वालियर से नई विमान सेवाओं के प्रारंभ होने से यात्री दक्षिण भारत और आई.टी. की राजधानी तक और केन्द्रीय राजधानी के साथ ही रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या तक पहुंच सकेंगे। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि नई हवाई सेवाएं प्रधानमंत्री मोदी जी के संकल्प और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सकारात्मक सोच का संगम है। ग्वालियर में विमानतल को आधुनिकतम स्वरूप देने के साथ ही प्राचीन संस्कृति और इतिहास की झलक प्रस्तुत करने का कार्य भी हुआ है। प्रधानमंत्री जी अधोसंरचना के विकास पर जोर देते हैं। लगभग सवा वर्ष की अवधि में ग्वालियर विमानतल से जुड़े कार्य सम्पन्न हो रहे हैं। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने इंदौर से यूएई, शारजाह के लिए हवाई सेवाओं और प्रदेश के विभिन्न स्थानों से एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों की भी विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम को ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी संबोधित किया। विमान सेवाओं के शुभारंभ अवसर पर अन्य अनेक जनप्रतिनिधि भी देश और प्रदेश के विभिन्न स्थानों से वर्चुअली शामिल हुए।
सभी प्रकार की सुविधाएँ गरीब तक पहुंचाने की गारंटी है विकसित भारत संकल्प यात्रा- मुख्यमंत्री मोहन यादव
मुख्यमंत्री सतना जिले के पटनाखुर्द में आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा में शामिल हुये
51 करोड़ रूपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा गरीब व्यक्ति के घर-घर तक शासन की योजनाओं का लाभ और सुविधाओं को पहुंचाने की गारंटी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर डबल इंजन वाली सरकार प्रदेश के विकास में नये-नये कीर्तिमान बनायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को सतना जिले के मझगवां विकासखंड के दूरस्थ आदिवासी बाहुल्य गांव पटनाखुर्द में आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ भी वितरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सतना जिले के चित्रकूट की इस धरती पर भगवान श्रीराम ने वनवास के दारौन 11 वर्षों तक निवास किया। वनवासियों को गले लगाया और माता शबरी के जूठे बेर खाकर मानवता को धन्य किया। उन्होंने कहा कि यह आचरण केवल सनातन धर्म में ही मिलता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय चित्रकूट, सतना और अयोध्या के लिये अलौकिक और अद्वितीय है। यहां 22 जनवरी को भगवान श्रीरामलला अपनी जन्मभूमि में विराजमान होने वाले हैं और यह पवित्र कार्य देश के प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में होने जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह अवसर है कि सभी अपने घरों में 22 जनवरी को दीपावली मनाकर अपने उल्लास और उत्साह को आत्मसात कर जीवन को धन्य बनायेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विकसित भारत संकल्प यात्रा के कार्यक्रम में हितग्राहियों को सांकेतिक रुप से हितलाभ वितरित किये। उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत कुमारी कासमी और पायल को बचत प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में अभिलाषा, नीतू और शोभावती को स्वस्थ बालक प्रतियोगिता में, निशा और हरदीप सिंह को उज्जवला योजना में, सुनीता, प्रतिमा, प्रमिला को निःशुल्क गैस कनेक्शन, आजीविका मिशन में सिद्धबाबा महिला स्व-सहायता समूह और अंबेडकर स्व-सहायता समूह पिण्डरा को सीसीएल के रुप में 5-5 लाख रुपये के चेक तथा सुग्रीव सिंह को आयुष्मान कार्ड का वितरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कृष्णा पांडेय और क्षेत्रीय किसानों ने हल भेंट किया। मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह के रुप में राम दरबार की प्रतिकृति मूर्ति और महिला स्व-सहायता समूह द्वारा बनाये गये चित्र तथा उत्पाद भेंट किये। मुख्यमंत्री ने बालिकाओं को स्कूल बैग और अन्य उपहार भी वितरित किये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री का नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद गणेश सिंह, पूर्व राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल, विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, विधायक विक्रम सिंह, महापौर योगेश ताम्रकार, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुश्री सुष्मिता सिंह, पूर्व विधायक शंकरलाल तिवारी के हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने पर स्थानीय लोक नर्तकों ने लोक नृत्य करमा से स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने किया 51 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतना जिले के मझगवां विकासखंड के पटनाखुर्द में आयोजित विकसित भारत संकल्प यात्रा में जिले के लगभग 51 करोड़ रुपए लागत के 38 विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें सतना जिले के 28 करोड़ 10 लाख रुपए लागत के 24 नवनिर्मित विकास कार्यों का लोकार्पण और 22 करोड़ 74 लाख रुपए लागत के 14 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का खजुराहो विमानतल पर हुआ आत्मीय स्वागत
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार को ट्रांजिट विजिट पर नई दिल्ली से वायुयान द्वारा छतरपुर जिले के खजुराहो स्थित विमानतल पहुंचे। इस मौके पर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, पूर्व राज्यमंत्री एवं विधायक श्रीमती ललिता यादव, विधायक अरविन्द पटेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती विद्या अग्निहोत्री, नगर पालिका परिषद छतरपुर की अध्यक्ष श्रीमती ज्योति चौरसिया, खजुराहो नगर परिषद के अध्यक्ष अरुण कुमार, राजनगर नगर परिषद अध्यक्ष जीतू वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यहाँ से हेलीकॉप्टर द्वारा सतना जिले के मझगवां और चित्रकूट में आयोजित विभिन्न कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हुए।
केन्द्रीय मंत्री सिंधिया से ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने की मुलाकात

भोपाल : केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने सौजन्य भेंट की। दोनों नेताओं के बीच ग्वालियर चंबल के विकास के साथ नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के विस्तार पर चर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के विस्तार पर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 2030 तक देश में 40 प्रतिशत ऊर्जा उत्पादन गैर परंपरागत स्रोतों से करने का लक्ष्य रखा है।
ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स पर कार्यशाला हुई
भोपाल : ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स ओएनडीसी प्लेटफार्म के लाभ और संरचना के बारे में उद्यमियों को जागरूक करने के लिये कार्यशाला हुई। कार्यशाला में लगभग 60 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस अवसर पर सुश्री अदिति सिंघा, उपाध्यक्ष, ओएनडीसी ने बताया कि ओएनडीसी नेटवर्क खरीदारों और विक्रेताओं दोनों को सशक्त बना रहा है। प्रतिभागियों ने भी नेटवर्क के प्रति रुचि दिखाई। नेटवर्क खुला और लोकतांत्रिक डिजिटल बाज़ार बनाता है और प्लेटफॉर्म भारतीय ई-कॉमर्स सेक्टर में एक क्रांति ला सकता है। प्लेटफार्म मानक निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और समान अवसर सुनिश्चित करता हैं। नवाचारों को बढ़ावा देने के साथ-साथ एमएसएमई और स्टार्टअप के अलावा स्थानीय व्यवसायों को भी बढ़ावा देते हैं।कार्यशाला में प्रतिभागियों के प्रश्नों का भी समाधान किया गया।
पारंपरिक कारीगरों को सहायता देने पीएम विश्वकर्मा योजना
भोपाल : कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्व. प्र.) गौतम टेटवाल ने बताया कि पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सहायता देने के लिये पी.एम. विश्वकर्मा योजना शुरू की गई है। उन्होंने बताया है कि योजना में टूल किट खरीदने के लिये 15 हजार रूपये का अनुदान मिलेगा। साथ ही पहली बार में एक लाख और दूसरी बार में 2 लाख रूपये का सस्ता ऋण मिलेगा। प्रारंभिक प्रशिक्षण 5 से 7 दिन का और 15 दिन का एडवांस प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण के दौरान 500 रूपये प्रतिदिन भत्ता भी मिलेगा। प्रशिक्षण के बाद सर्टिफिकेट भी मिलेगा। प्रशिक्षण के लिये हितग्राहियों के चयन की प्रक्रिया जारी है।
योग्यता : योजना के लिये उम्र न्यूनतम 18 वर्ष होना चाहिए। पिछले 5 वर्षों में पीएमईजीपी स्वनिधि एवं मुद्रा योजना के तहत ऋण नहीं लिया हो। सहकारी सेवा में कार्यरत व्यक्ति और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के तहत पात्र नहीं होंगे। एक परिवार से एक ही को लाभ मिलेगा।
लाभार्थी : कारीगर बढ़ई, सुनार, गुडिया और खिलौना निर्माता, नाव निर्माता, कुम्हार, नाई, अस्त्रकार, मूर्तिकार (पत्थर तराशने वाला), माला निर्माता (मालाकार), लोहार, मोची (चर्मकार)/ जूता कारीगर, धोबी, हथौड़ा, टूल किट निर्माता, राजमिस्त्री, दजी, ताला बनाने वाला, टोकरी, चटाई, झाडू निर्माता कॉयर बुनकर और मछली पकड़ने का जाल निर्माता शामिल है। योजना के लिये आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता और आधार कार्ड में मोबाईल नम्बर लिंक होना अनिवार्य है।
रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिये स्कूल शिक्षा से ही कौशल विकास पर ध्यान देने के निर्देश – स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह
मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड की हुई समीक्षा
भोपाल : स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश में बच्चों और युवाओं में कौशल विकास करके ही रोजगार के अवसर बढ़ाये जा सकते है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में इस बिन्दु को लेकर विशेष प्रावधान रखे गये है। मंत्री सिंह आज मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। मंत्री सिंह ने कहा कि ग्रामीणों क्षेत्रों में उत्कृष्ठ कौशल केन्द्र बनाकर विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है। उन्होंने ड्राप आउट की संख्या घटाकर बच्चों को स्कूल शिक्षा से पुन: जोड़ने की बात भी कहीं। स्कूल शिक्षा मंत्री ने राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड की विभिन्न शाखाओं में पहुँचकर निरीक्षण किया और कार्य प्रणाली को समझा। बैठक में बोर्ड के संचालक प्रभातराज तिवारी ने बताया कि बोर्ड की रूक जाना नहीं योजना से बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों को फायदा मिला है। प्रदेश में करीब 5 लाख बच्चों ने कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा इस योजना से जुड़कर उत्तीर्ण की है और आगे की पढ़ाई जारी रखी है। बैठक में बोर्ड की अन्य “आ लौट चलें’’ योजना की भी समीक्षा की गई।
इस योजना का लाभ 2 हजार विद्यार्थियों ने उठाया है। संचालक तिवारी ने बताया है कि ओपन स्कूल बोर्ड ने 52 जिलों में एक शासकीय विद्यालय को गुणवत्ता सुधार के लिये गोद लिया है। इन स्कूलों में बोर्ड द्वारा अधोसंरचना के कार्यों के साथ शिक्षण व्यवस्था में व्यापक सुधार किया गया है। प्रत्येक विद्यालय में कम्प्यूटर लैब भी शुरू की गई है। बैठक में बताया गया कि बोर्ड राज्य के मॉडल स्कूल और उत्कृष्ठ विद्यालयों में प्रवेश परीक्षा, सुपर 100 की प्रवेश परीक्षा के साथ श्रमोदय विद्यालय, सीएम राईज स्कूल प्रवेश की परीक्षा भी आयोजित करता है। गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली के कारण बोर्ड को अटल विहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान से प्रथम पुरस्कार भी मिला है। बैठक में बताया गया कि बोर्ड “सबके लिये शिक्षा” के मिशन के साथ कार्य कर रहा है। भोपाल, आगर, शुजालपुर, छतरपुर, मुरैना, इंदौर, सीहोर, दतिया, दमोह, देवास और बालाघाट में एक ही परिसर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।
ग्लोबल ब्रांडिंग : सबसे लिये शिक्षा विद्यालय योजना में बच्चों को मार्कशीट एवं प्रमाण-पत्र संयुक्त राज्य अमेरिका की एजेंसी
एनडब्ल्यूएसी के संयुक्त ब्रांड से जारी किये जाने की व्यवस्था की गई है, जो दुनिया के 42 देशों में मान्य होगी। इससे बच्चों को विदेशों में रोजगार प्राप्त करने में सुविधा हो रही है। बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री ने विभिन्न केन्द्रों के संचालकों से वीडियो कान्फ्रेंस के जरिये संवाद किया।
नासिक के राष्ट्रीय युवा उत्सव में म.प्र. को लोकगीत एवं भाषण में पुरस्कार
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने दी विजेताओं को बधाई
भोपाल : खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने महाराष्ट्र के नासिक में हुए राष्ट्रीय युवा उत्सव में भोपाल की उमा वर्मा को लोकगीत में द्वितीय और भाषण प्रतियोगिता में ग्वालियर की शिखा सिकरवार को तीसरा स्थान मिलने पर बधाई दी है। ये पुरस्कार सुश्री उमा वर्मा को लोकगीत “पणीहारी गीत’’ की प्रस्तुति और शिखा सिकरवार को “विकसित भारत का संकल्प’’ विषय पर भाषण के लिये मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 12 से 16 जनवरी तक नासिक (महाराष्ट्र) में आयोजित राष्ट्रीय युवा उत्सव में भाग लेने वाले मध्यप्रदेश के प्रतिभागियों को हरी-झण्डी दिखाकर रवाना किया था। राष्ट्रीय युवा उत्सव में मध्यप्रदेश के 110 प्रतिभावान युवाओं के दल ने सहभागिता की। मध्यप्रदेश के दल ने समूह लोकगीत, एकल लोकगीत, भाषण प्रतियोगिता, कहानी लेखन, पोस्टर मेकिंग और फोटोग्राफी प्रतियोगिता में भागीदारी की।
ईआरसीपी परियोजना में मध्यप्रदेश के हितों का पूरा ध्यान रखा जाए- जल संसाधन मंत्री सिलावट
जल संसाधन मंत्री ने ई.आर.सी.पी. परियोजना की समीक्षा की
भोपाल : जल संसाधन, मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट परियोजना में मध्यप्रदेश के हितों का पूर्ण रूप से ध्यान रखा जाए। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिये कि परियोजना से संबंधित एम.ओ.यू. का प्रारूप 01 सप्ताह में तैयार कर लिया जाए। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने विभाग की अंतर्राज्यीय ई.आर.सी.पी. परियोजना की मंत्रालय स्थित अपने कक्ष में समीक्षा बैठक ली। बैठक में प्रमुख सचिव, मनीष सिंह एवं प्रमुख अभियंता शिशिर कुशवाह उपस्थित रहे। परियोजना के अंतर्गत कूनो नदी पर 564 मि.घ.मी. क्षमता के श्रीमंत माधवराव सिंधिया कॉम्पलेक्स (06 बाँध) का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे 2,04,670 हे. क्षेत्र में सिंचाई होगी। इसमें 38 मि.घ.मी. जल पेयजल एवं उद्योगों के लिए आरक्षित होने से प्रदेश के शिवपुरी, ग्वालियर, भिण्ड, मुरैना, श्योपुर एवं गुना जिले लाभांवित होंगे। परियोजना अंतर्गत पार्वती नदी पर 182 मि.घ.मी. क्षमता के कुम्भराज बाँध कॉम्पलेक्स का निर्माण होना है।
इससे पेयजल के लिए 10 मि.घ.मी. जल आरक्षित किये जाने के साथ 54,000 हे. क्षेत्र में सिंचाई की जाएगी। साथ ही कालीसिंध नदी पर कुण्डालिया बाँध के अपस्ट्रीम में 179 मि.घ.मी. क्षमता का रणजीत सागर बाँध का निर्माण किया जाना है, जिससे 53,700 हे. क्षेत्र में सिंचाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त कालीसिंध उप बेसिन की लखुंदर सहायक नदी पर लखुँदर बैराज का निर्माण किया जाएगा। इसमें 330 मि.घ.मी. जल बैलेंसिंग रिजवर्यर के माध्यम से गांधी सागर बांध में अंतरण कर प्रतिस्थापन के आधार पर ऊपरी चंबल कछार में प्रस्तावित 07 बांधों सोनचिरी, रामवासा, बचौरा, पदुनिया, सेवरखेड़ी, चितावद एवं सीकरी सुलतानपुरा का निर्माण किया जाएगा। इससे जल अभाव ग्रस्त मालवा क्षेत्र की 1 लाख हे. भूमि पर सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा प्राप्त होगी। इस परियोजना से उज्जैन, इंदौर एवं देवास जिले लाभांवित होंगे।
वन विभाग से संबंधित मुद्दों के निराकरण के लिये समिति का गठन
भोपाल : राज्य शासन ने वन विभाग से संबंधित मुद्दों के निराकरण के लिये अपर मुख्य सचिव वन जे.एन. कंसोटिया की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति प्रतिमाह बैठक कर लंबित प्रस्ताव की समीक्षा कर निराकरण करेगी।जारी आदेश में अपर मुख्य सचिव पंचायत ग्रामीण विकास मलय श्रीवास्तव समन्वयक और प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, प्रमुख सचिव, खनिज साधन, प्रमुख सचिव, राजस्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख और सुनील अग्रवाल भारतीय वन-सेवा (सेवानिवृत्त) सलाहकार राज्य आयोग, भोपाल को समिति का सदस्य बनाया गया।
राज्य शासन पारदर्शी वित्तीय प्रशासन देने के लिये प्रतिबद्ध- उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा
भुगतान संबंधी लापरवाही के लिये जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध होगी एफआईआर
डाटा एनालिसिस एवं विभिन्न इंटेलीजेंस टूल ने पकड़े 162 करोड़ रुपये के गलत भुगतान, 15 करोड़ से अधिक राशि की वसूली
भोपाल : उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि राज्य शासन पारदर्शी वित्तीय प्रशासन देने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि वित्तीय अनियमितताओं पर नियंत्रण के लिये डाटा एनालिसिस एवं विभिन्न इंटेलीजेंस टूल आधारित व्यवस्थाओं को लागू किया गया है। इससे संभावित वित्तीय अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगी है। देवडा ने गलत भुगतान के प्रकरणों में जाँच के निष्कर्ष के आधार पूरे वित्तीय इंटेलीजेंस सिस्टम में सुधार करने के निर्देश दिये हैं। साथ ही उन्होंने सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को वित्तीय अनुशासन का पालन करने, सतर्क रहने और संवेदनशीलता के साथ भुगतान संबंधी कार्य करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि भुगतान संबंधी लापरवाही के लिये जिम्मेदार अधिकारियों के विरूद्ध एफआईआर की जायेगी और उन्हें कड़ी सजा दिलाई जायेगी। उल्लेखनीय है कि वित्त विभाग में एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली का साफ्टवेयर संचालित है। इसके माध्यम से लगभग 5600 आहरण एवं संवितरण अधिकारियों द्वारा देयकों के भुगतान किये जाते हैं। इनमें प्रदेश के 10 लाख से अधिक कर्मचारियों के वेतन एवं विभिन्न स्वत्वों के भुगतान, कार्यालयीन व्यय, अनुदान, स्कालरशिप आदि के भुगतान भी शामिल हैं।
विगत माहों में डाटा एनालिसिस एवं विभिन्न इंटेलीजेंस टूल का उपयोग करते हुए कुछ कार्यालयों में गलत भुगतान के गंभीर प्रकरणों में कार्रवाई की गई है। बीते पांच वित्तीय वर्षों में 85 लाख देयकों से हुए लगभग 15 करोड़ भुगतानों का विश्लेषण किया गया। अनियमितताओं की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान की गई। डाटा के विश्लेषण के लिये मापदण्ड अपनाए गये। गलत भुगतान का पहला प्रकरण कलेक्टर कार्यालय इंदौर में सामने आया। अब तक लगभग 162 करोड़ रुपये के गलत भुग तान पकड़े गये और 15 करोड़ रुपये की वसूली की गई। जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय जांच चल रही है। एक प्रकरण में संबंधित कर्मचारी को बर्खास्त किया गया है। डाटा एनालिसिस एवं विभिन्न इंटेलीजेंस टूल आधारित व्यवस्था से प्रथमत: संदिग्ध भुगतानों को चिन्हित किया जाता है। इनकी विस्तृत जाँच के लिये संबंधित संभागीय संयुक्त संचालक, कोष एवं लेखा को जाँच करने के लिये आदेशित किया जाता है। अनियमितताओं, अधिक भुगतान तथा अनियमि तता की पुष्टि होने पर जिला कलेक्टर के संज्ञान में लाते हुए तुरंत वैधानिक कार्रवाई की जाती है। भविष्य में आर्टीफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करते हुए, एसएफआईसी (स्टेट फाइनेंसियल इंटेलिजेंस सेल) का सुद्दढ़ीकरण किया जायेगा।
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान-जू में नेचर कैम्प का आयोजन
भोपाल : वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, जू में छात्र-छात्राओं में वन, वन्यप्राणियों एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता तथा प्रकृति संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने की दृष्टि से भोपाल शहर एवं उसके आस-पास के ग्रामों के शासकीय विद्याल यों के विद्यार्थियों के लिये एक दिवसीय नेचर कैम्प आयोजित किये जा रहे हैं। इसी क्रम में 16 जनवरी 2024 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बरखेडा, वी एच ई एल भोपाल के 49 छात्र/छात्राओं एवं 5 शिक्षकों ने उक्त नेचर कैम्प में भाग लिया। कार्यक्रम में स्रोत व्यक्ति रूप में भोपाल बर्डस से डॉ. संगीता राजगीर एवं मो. खालिक उपस्थित रहे। विषय विशेषज्ञ द्वारा प्रतिभागियों को पक्षी दर्शन, तितली, वन्यप्राणी दर्शन, फिल्म शो, स्थल पर विद्यमान वानिकी गतिविधियों की जानका री वन, वन्यप्राणी व पर्यावरण से संबंधित रोचक गतिविधियाँ कराई गई एवं जानकारी प्रदान कर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया गया। वन विहार के विभिन्न स्थलों पर विद्यमान वानिकी गतिविधियों की जानकारी, वन, वन्यप्राणी व पर्यावरण से संबंधित जानकारी प्रदान कर उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया गया। इसके अतिरिक्त वाघ, तेंदुआ, भालू, मगर, घडियाल, चीतल, सांभर, नीलगाय आदि वन्यप्राणियों का भी अवलोकन किया। इस दौरान एस के सिन्हा सहायक संचालक वन विहार, रविकांत जैन इकाई प्रभारी पर्यटन एवं विजयबाबू नंदवशी बायोलॉजिस्ट तथा अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
कृषि मंत्री ने आत्मा प्रोजेक्ट के संविदा कर्मियों के मानदेय बढ़ाने के दिए निर्देश
भोपाल : किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने आत्मा प्रोजेक्ट में कार्य कर रहे संविदा कर्मियों को मकर संक्रांति पर सौगात दी है। उन्होंने संविदा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि किए जाने निर्देश दिए है। मंत्री कंषाना ने तत्काल आदेश जारी करने को कहा है। कृषि मंत्री कंषाना ने बताया है कि वर्ष 2023-24 के लिए आत्मा प्रोजेक्ट में कार्य कर रहे सहायक अमले के मानदेय में वृद्धि को सहमति प्रदान कर दी गई है। इससे सहायक अमले के वेतन में 1270 रुपए से लेकर लगभग 2333 रुपए तक की वृद्धि होगी। आत्मा प्रोजेक्ट के सहायक अमले में कार्य कर रहे हैं कंप्यूटर प्रोग्रामर के वेतन में 1270 रुपए, लेखापाल सह लिपिक को 1731 रुपए, असिस्टेंट टेक्नोलॉजी मैनेजर को 1910 रुपए और ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर को 2333 रुपए का लाभ होगा।


