होर्मुज जलसंकट

होर्मुज जलसंकट पर ब्रिटेन ने बुलाई 35 देशों की आपात बैठक, भारत भी होगा शामिल ; ईरान से भारतीयों को निकालने का अभियान तेज

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एजेंसी, लंदन/नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने ईरान से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने का बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। इसी होर्मुज जलसंकट पर चर्चा के लिए यूनाइटेड किंगडम ने 35 देशों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें शामिल होने के लिए भारत को भी विशेष निमंत्रण भेजा गया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने राजधानी में आयोजित एक अंतर-मंत्रालयीय बैठक के दौरान जानकारी दी कि अब तक 1,200 से अधिक भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सुरक्षित निकाले गए इन लोगों में छात्रों की संख्या सबसे अधिक है, जिनमें 845 छात्र शामिल हैं। प्रवक्ता ने बताया कि इन 1,200 भारतीयों में से 996 को आर्मेनिया और 204 को अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। विदेश मंत्रालय इन दोनों देशों में मौजूद भारतीय मिशनों और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर नागरिकों की स्वदेश वापसी सुनिश्चित कर रहा है और रास्ते में उनकी सहायता के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुए संकट पर बातचीत के लिए यूनाइटेड किंगडम ने भारत को आमंत्रित किया है। इस 35 देशों की बैठक में भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी इंटरनेट के माध्यम से वर्चुअली शामिल होंगे। ईरान से सीधे हवाई मार्ग प्रभावित होने के कारण सरकार ने आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते निकासी की योजना बनाई थी। विदेश मंत्रालय ने इन पड़ोसी देशों में भारतीय दूतावासों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है ताकि नागरिकों को तत्काल मदद मिल सके।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस वैश्विक संकट को लेकर अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, 28 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर विस्तार से चर्चा की। इस बातचीत में पश्चिम एशिया के संघर्ष पर चिंता जताई गई और ऊर्जा ढांचे पर हुए हमलों की निंदा की गई। दोनों नेताओं ने समुद्री व्यापार मार्गों को खुला और सुरक्षित रखने पर जोर दिया।

जैसे-जैसे यह संघर्ष दूसरे महीने में प्रवेश कर रहा है, पश्चिम एशिया से भारत लौटने वाले यात्रियों की संख्या में भारी उछाल आया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 6 लाख से अधिक भारतीय इस प्रभावित क्षेत्र से स्वदेश लौट चुके हैं। भारत सरकार सभी संबंधित मंत्रालयों के साथ तालमेल बिठाकर स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है ताकि हर भारतीय की सुरक्षित वापसी हो सके।

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