हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार…2 लोगों की पीट-पीटकर हत्या, भारत ने बांग्लादेश को दी कड़ी चेतावनी

हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार…2 लोगों की पीट-पीटकर हत्या, भारत ने बांग्लादेश को दी कड़ी चेतावनी

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एजेंसी, नई दिल्ली। बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर बढ़ते हमलों ने भारत सरकार को गंभीर चिंता में डाल दिया है। दिसंबर 2025 में दो अलग-अलग घटनाओं में दो हिंदू युवकों की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद भारत ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। विदेश मंत्रालय ने इन घटनाओं को चिंताजनक करार देते हुए कहा कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार दुश्मनी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

पहली घटना: दीपू चंद्र दास की बेरहम लिंचिंग
18-19 दिसंबर 2025 की रात को बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले के भालुका उपजिले में 25-27 वर्षीय हिंदू गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारी दीपू चंद्र दास की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। आरोप था कि उसने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की। भीड़ ने न केवल उसे बेरहमी से पीटा, बल्कि शव को पेड़ से बांधकर आग भी लगा दी। इस घटना ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने इसकी निंदा की और सात लोगों की गिरफ्तारी की घोषणा की, लेकिन हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही।

दूसरी घटना: अमृत मंडल उर्फ सम्राट की हत्या
महज एक हफ्ते बाद, 24-25 दिसंबर 2025 को राजबाड़ी जिले के पांग्शा क्षेत्र में 29 वर्षीय हिंदू युवक अमृत मंडल उर्फ सम्राट को ग्रामीणों की भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस के अनुसार, सम्राट पर जबरन वसूली और आपराधिक गतिविधियों के आरोप थे। वह कथित तौर पर एक स्थानीय गिरोह का सरगना था और उसके खिलाफ हत्या सहित कई मामले दर्ज थे। हालांकि, यह घटना भी हिंदू अल्पसंख्यक होने के संदर्भ में देखी जा रही है, क्योंकि बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के कार्यकाल में हिंदुओं पर हमले तेजी से बढ़े हैं।

भारत ने बांग्लादेश को दी चेतावनी
26 दिसंबर 2025 को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, ‘बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ लगातार दुश्मनी बहुत चिंता की बात है। हम हालिया हत्याओं की कड़ी निंदा करते हैं और उम्मीद करते हैं कि दोषियों को सजा मिलेगी।’ भारत ने बांग्लादेश के ‘झूठे नैरेटिव’ को खारिज करते हुए चेतावनी दी कि ऐसी घटनाओं को मीडिया अतिशयोक्ति या राजनीतिक हिंसा कहकर खारिज नहीं किया जा सकता। मंत्रालय ने अंतरिम सरकार के दौरान करीब 2900 हमलों का हवाला दिया और कहा कि हिंदू, ईसाई व बौद्ध अल्पसंख्यकों पर अत्याचार गंभीर चिंता का विषय हैं।

अंतरिम सरकार में बढ़ती हिंसा
बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार सत्ता में है। इस दौरान हिंदू आबादी (पूर्व में 13.5% से घटकर 8% से नीचे) पर हमले 65 गुना बढ़े हैं। अमेरिकी थिंक टैंक की रिपोर्ट्स भी हिंदुओं की संपत्ति हड़पने, मंदिरों पर हमले और लिंचिंग की घटनाओं की पुष्टि करती हैं। भारत ने पहले भी कई बयान जारी कर चिंता जताई है, जबकि बांग्लादेश इन आरोपों को खारिज करता रहा है।

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