हरिवंश नारायण सिंह

संसदीय लोकतंत्र में नया कीर्तिमान : हरिवंश नारायण सिंह फिर बने राज्यसभा के उपसभापति

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। हरिवंश नारायण सिंह : भारतीय संसद के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मनोनीत सांसद हरिवंश नारायण सिंह को एक बार फिर निर्विरोध रूप से राज्यसभा का उपसभापति चुन लिया गया है। यह गौरव प्राप्त करने वाले वे पहले मनोनीत सदस्य बन गए हैं। विपक्ष की ओर से किसी भी अन्य प्रत्याशी का नाम सामने न आने के कारण उनकी जीत पहले से ही तय मानी जा रही थी, जिसकी आधिकारिक घोषणा शुक्रवार सुबह कर दी गई।

उपसभापति के रूप में तीसरा कार्यकाल

पत्रकारिता के क्षेत्र से राजनीति के शिखर तक पहुँचने वाले हरिवंश नारायण सिंह का बतौर उपसभापति यह तीसरा कार्यकाल है। 9 अप्रैल को सदन में उनका पिछला समय पूरा होने के बाद यह स्थान खाली हो गया था। इसके पश्चात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें दोबारा राज्यसभा के लिए मनोनीत किया। 10 अप्रैल को उन्होंने सदन के सदस्य के रूप में अपनी शपथ ग्रहण की थी।

सदन में प्रस्ताव और समर्थन

सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने हरिवंश नारायण सिंह को उपसभापति बनाने का मुख्य प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन सांसद एस फांग्नोन कोन्यक ने किया। निर्विरोध निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सदन में हर्ष का माहौल देखा गया।

प्रधानमंत्री और विपक्ष ने दी शुभकामनाएं

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए उनके पिछले कार्यों की सराहना की। वहीं विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उन्हें इस महत्वपूर्ण पद पर दोबारा आसीन होने के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं। यह संसदीय प्रक्रिया के लिहाज से एक विशेष घटना है क्योंकि इससे पहले किसी मनोनीत सदस्य ने इस पद की जिम्मेदारी नहीं संभाली थी।

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